अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَمْ يُسْرِفُوا (लम युसरिफू): हद से आगे नहीं बढ़े, फिजूलखर्ची नहीं की।
- وَلَمْ يَقْتُرُوا (व लम यक़्तुरू): कंजूसी नहीं की, तंगी नहीं की।
- قَوَامًا (क़वामन): बीच का रास्ता, संतुलित और न्यायपूर्ण तरीका।
तफसीर:
अल्लाह तआला इस आयत में अपने नेक बंदों की एक और खूबसूरत सिफत बयान फरमा रहे हैं। ये वो लोग हैं जो जब भी खर्च करते हैं, तो ना तो फिजूलखर्ची करते हैं और ना ही कंजूसी। वे ना तो अपनी कमाई को हद से ज्यादा उड़ाते हैं, और ना ही अपने ऊपर और अपने अधीन लोगों पर खर्च करने में तंगी पैदा करते हैं। उनका खर्च हमेशा इन दोनों सीमाओं के बीच संतुलित, न्यायपूर्ण और मध्यम होता है।
यानी उनका तरीका ऐसा होता है कि ना तो वे सारा माल बेकार में लुटा देते हैं, और ना ही अपने परिवार और ज़रूरतमंदों पर खर्च करने से रुकते हैं। वे इस्लाम की शिक्षा के अनुसार एक आदर्श और मुतवाज़िन (संतुलित) ज़िंदगी जीते हैं। यही वह मध्यम मार्ग है जिसकी तालीम क़ुरआन और रसूलुल्लाह ﷺ ने दी है।
यह आयत हमें सिखाती है कि इस्लाम में खर्च करने का सबसे अच्छा तरीका "संतुलन" है। अल्लाह तआला ने माल को इंसान के लिए रिज़्क़ बनाया है, और उसका सही इस्तेमाल यही है कि इसे ना तो बरबाद किया जाए और ना ही रोककर रखा जाए। जो लोग इस संतुलन को अपनाते हैं, वे दुनिया में भी खुशहाल रहते हैं और आख़िरत में भी कामयाब होते हैं। यही अल्लाह को पसंदीदा बंदों की पहचान है, और यही वह रास्ता है जो इंसान को अल्लाह की मुहब्बत और उसकी रहमत के क़रीब ले जाता है।
📜 आयत 65-69 — अल-फुरकान
अनुवाद — अल-फुरकान 67
सूरा अल-फुरकान आयत 67 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और वह लोग कि जब खर्च करते हैं तो न…सूरा आयत 67/77 — अल-फुरकान الفرقان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-फुरकान सुनें, अल-फुरकान अनुवाद, अल-फुरकान mp3, अल-फुरकान pdf. आयत 65–69. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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