Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- कर्रतन (कर्रा) — दुनिया में वापस लौटना, दोबारा जीवन में आना।
- फ़नकूना — तो हम हो जाएँ।
- मिन अल-मोमिनीन — ईमान लाने वालों में से।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उस हालत का वर्णन करती है जब क़यामत के दिन काफ़िर और गुनाहगार लोग अपने अंजाम को देख लेंगे और उन्हें अपनी ग़लतियों का एहसास होगा। वे देखेंगे कि मोमिनीन किस तरह जन्नत की नेमतों से नवाज़े जा रहे हैं, और वे ख़ुद जहन्नम की तरफ़ ले जाए जा रहे हैं। उस वक़्त उनके दिलों में पछतावे की आग भड़केगी और वे तरसते हुए कहेंगे: "काश! हमें एक बार फिर दुनिया में भेज दिया जाता, तो हम सच्चे दिल से ईमान लाते और नेक अमल करते।"
यह उनकी आख़िरी तमन्ना होगी, लेकिन यह तमन्ना उस वक़्त बेकार होगी जब मौका हाथ से निकल चुका होगा। दुनिया में जब उनके पास रसूल आए, किताबें उतरीं, और सच्चाई उनके सामने आई, तो उन्होंने झुठलाया और मुँह मोड़ लिया। अब जब सच्चाई आँखों के सामने होगी, तो वे पछताएँगे, मगर पछतावे का वक़्त गुज़र चुका होगा।
यह आयत हमारे लिए एक बहुत बड़ी नसीहत है। अल्लाह ने हमें दुनिया में ज़िंदगी दी है, और हर दिन, हर घड़ी हमारे पास ईमान और नेक अमल का मौका है। हमें उस मौके को गंवाना नहीं चाहिए। आज हम जिस नेमत में जी रहे हैं — साँसें, सेहत, वक़्त, और ईमान — यह सब अल्लाह की तरफ़ से है। हमें चाहिए कि इन नेमतों का सही इस्तेमाल करें, नमाज़ पढ़ें, रोज़ा रखें, अच्छे काम करें, और अल्लाह की राह में दूसरों की मदद करें।
याद रखिए, यह दुनिया आज़माइश की जगह है। जो लोग यहाँ अल्लाह की इबादत करते हैं और उसके हुक्मों पर चलते हैं, वे क़यामत के दिन कामयाब होंगे। और जो लोग दुनिया की चमक-दमक में खो जाते हैं और अल्लाह को भूल जाते हैं, वे उस दिन पछताएँगे, लेकिन पछतावा उनके किसी काम न आएगा।
तो आओ, हम सब इस आयत से सबक लें और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की राह में लगाएँ। आज हमारे पास जो मौका है, उसे गंवाना नहीं चाहिए। कल का पछतावा आज के अमल से बेहतर है। अल्लाह हम सबको सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 100-104 — सूरा अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 102
सूरा अश-शुआरा आयत 102 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो काश हमें अब दुनिया में दोबारा जाने का मौक़ा…सूरा आयत 102/227 — सूरा अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अश-शुआरा सुनें, सूरा अश-शुआरा अनुवाद, सूरा अश-शुआरा mp3, सूरा अश-शुआरा pdf. आयत 100–104. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अश-शुआरा
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


