अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَأَنجَيْنَاهُ: हमने उसे (नूह अलैहिस्सलाम को) बचा लिया।
- وَمَن مَّعَهُ: और जो लोग उनके साथ थे।
- الْفُلْكِ: (यहाँ) नाव/जहाज़।
- الْمَشْحُونِ: भरी हुई, जो हर प्रकार के प्राणियों से लदी हुई हो।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब हज़रत नूह अलैहिस्सलाम की क़ौम ने हर प्रकार की ज़िद और इनकार के बाद भी ईमान लाने से इनकार कर दिया, और उन्होंने अल्लाह के नबी का मज़ाक उड़ाना जारी रखा, तो अल्लाह तआला ने अपने नबी की दुआ क़बूल की और उन्हें और उनके साथियों को उस विशाल नाव में सवार करा लिया, जो हर प्रकार के जीव-जंतुओं, पक्षियों और चौपायों से भरी हुई थी। यह नाव अल्लाह की क़ुदरत का एक अज़ीम नमूना थी, जिसमें हर जीव का एक जोड़ा रखा गया ताकि तूफ़ान के बाद ज़मीन पर जीवन की बहाली हो सके।
अल्लाह तआला ने अपने नबी और उनके साथ ईमान लाने वालों को उस भरी हुई नाव में सवार करके उन्हें उस तबाही से बचा लिया, जो काफ़िरों पर नाज़िल हुई। यह अल्लाह की रहमत और अपने नेक बंदों की मदद का ज़िंदा सबूत है। याद रखिए, अल्लाह अपने वफ़ादार बंदों को कभी अकेला नहीं छोड़ता, चाहे मुसीबत कितनी ही बड़ी क्यों न हो। जब सारे ज़रिए नाकाम हो जाते हैं, तो अल्लाह की मदद आती है और वह अपने बंदों को हर मुसीबत से निकाल लेता है।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि जब हम अल्लाह पर पूरा भरोसा करते हैं और उसकी राह में सब्र करते हैं, तो वह हमें हर मुश्किल से रास्ता निकालता है। नूह अलैहिस्सलाम ने 950 साल तक अपनी क़ौम को दावत दी, लेकिन जब अल्लाह का फ़ैसला आया, तो उन्होंने अपनी पूरी तरह से अल्लाह के हवाले कर दिया। यही वह ईमान है जो हर मुसीबत में काम आता है। आज भी जो लोग अल्लाह पर भरोसा रखते हैं, अल्लाह उन्हें हर मुसीबत से निकालता है और उन्हें कामयाबी देता है।
📜 आयत 117-121 — अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 119
सूरा अश-शुआरा आयत 119 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ग़रज़ हमने नूह और उनके साथियों को जो भरी हुई…सूरा आयत 119/227 — अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शुआरा सुनें, अश-शुआरा अनुवाद, अश-शुआरा mp3, अश-शुआरा pdf. आयत 117–121. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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