अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَاتَّقُوا اللَّهَ: अल्लाह से डरो, उसकी अवज्ञा से बचो और उसके आदेशों का पालन करो।
- وَأَطِيعُونِ: और मेरी आज्ञा का पालन करो (अर्थात् जो मैं तुम्हें अल्लाह की ओर से बताऊँ, उसे मानो)।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत नबी सालिह अलैहिस्सलाम की कहानी का हिस्सा है, जो उनकी क़ौम (समुदाय) से उनका आख़िरी और नसीहत भरा पैग़ाम है। इस आयत में सालिह अलैहिस्सलाम अपनी क़ौम से कह रहे हैं: "तुम अल्लाह से डरो और उसके अज़ाब से बचो, और मेरी आज्ञा का पालन करो।"
यहाँ "तक़वा" (अल्लाह का डर) का मतलब है कि अल्लाह के हुक्मों को मानो, उसकी मना की हुई चीज़ों से बचो, और उसे अकेला ही अपना मालिक और पूज्य मानो। और "मेरी आज्ञा का पालन करो" का मतलब है कि जो मैं तुम्हें अल्लाह की ओर से सिखा रहा हूँ—तौहीद (एकेश्वरवाद), इबादत और अच्छे काम—उसे अपनाओ।
यह नसीहत सिर्फ़ सालिह अलैहिस्सलाम की क़ौम के लिए नहीं थी, बल्कि हर उस इंसान के लिए है जो अल्लाह के रसूलों की पैरवी करता है। इस आयत में दो बड़ी बातें हैं: पहली, अल्लाह का डर (तक़वा) जो इंसान को गुनाहों से रोकता है; दूसरी, नबी की आज्ञा का पालन जो इंसान को सही रास्ते पर चलाता है।
जब इंसान अल्लाह से डरता है और अपने नबी की बात मानता है, तो उसकी ज़िंदगी में बरकत आती है, उसका दिल सुकून पाता है, और उसे दुनिया और आख़िरत दोनों की भलाई मिलती है। यही वह रास्ता है जो हमें जन्नत तक पहुँचाता है और जहन्नम की आग से बचाता है।
इसलिए, हमें भी चाहिए कि हम अल्लाह से डरें, उसके हुक्मों को मानें, और अपने प्यारे नबी मुहम्मद ﷺ की सुन्नत पर चलें, क्योंकि यही हमारी कामयाबी की कुंजी है। अल्लाह हमें तक़वा और नबी की पैरवी की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 142-146 — अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 144
सूरा अश-शुआरा आयत 144 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो खुदा से डरो और मेरी इताअत करोसूरा आयत 144/227 — अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शुआरा सुनें, अश-शुआरा अनुवाद, अश-शुआरा mp3, अश-शुआरा pdf. आयत 142–146. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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