अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَاتَّقُوا اللَّهَ: अल्लाह से डरो, उसकी यात्रा से बचो, उसके आदेशों का पालन करो और उसकी मनाही से बचो।
- وَأَطِيعُونِ: और मेरी आज्ञा का पालन करो (यह नबी शुऐब अलैहिस्सलाम की ओर से उनकी क़ौम को कहा गया)।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह के नबी शुऐब अलैहिस्सलाम ने अपनी क़ौम को नसीहत करते हुए कहा कि ऐ मेरी क़ौम के लोगों! तुम अल्लाह से डरो और उसकी नाफ़रमानी से बचो। अल्लाह तआला की यात्रा से डरना ही तुम्हारी भलाई का ज़रिया है। जो लोग ज़मीन में फ़साद फैलाते हैं, नाप-तौल में कमी करते हैं, और लोगों को उनका हक़ नहीं देते, उनकी बात मत मानो। मेरी आज्ञा का पालन करो, क्योंकि मैं तुम्हें अल्लाह की तरफ़ बुलाता हूँ और जो कुछ मैं कहता हूँ, वह अल्लाह की तरफ़ से है। मेरी इताअत (आज्ञापालन) में अल्लाह की इताअत है, और मेरी बात मानना तुम्हारे लिए दुनिया और आख़िरत दोनों में बेहतरी का सबब है।
याद रखो कि अल्लाह तआला ही असली मालिक है, वही रिज़्क़ देने वाला है, और वही हिसाब लेने वाला है। जो लोग अल्लाह से डरते हैं और उसके नबी की बात मानते हैं, वही कामयाब हैं। अल्लाह की रहमत और उसकी मग़फ़िरत उन्हीं के लिए है जो उसके आगे सर झुकाते हैं और उसके हुक्म को अपनी ज़िंदगी में लागू करते हैं।
यह नसीहत आज भी हर मुसलमान के लिए है कि हम अल्लाह से डरें, उसके आदेशों का पालन करें, और उसके नबी ﷺ की सुन्नत पर चलें। यही हमारी कामयाबी की कुंजी है। अल्लाह तआला हमें तौफ़ीक़ दे कि हम उसकी इताअत करें और उसकी नाफ़रमानी से बचें। आमीन।
📜 आयत 148-152 — अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 150
सूरा अश-शुआरा आयत 150 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो ख़ुदा से डरो और मेरी इताअत करोसूरा आयत 150/227 — अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शुआरा सुनें, अश-शुआरा अनुवाद, अश-शुआरा mp3, अश-शुआरा pdf. आयत 148–152. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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