अश-शुआरा · 23/227
अनुवाद उच्चारण — अश-शुआरा
قَالَ فِرْعَوْنُ وَمَا رَبُّ الْعَالَمِينَ ۝٢٣
Qaala Fir`awnu wa maa Rabbul `aalameen
📖 हिंदी अर्थ
फिरऔन ने पूछा (अच्छा ये तो बताओ) रब्बुल आलमीन क्या चीज़ है
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • رَبُّ: पालनहार, स्वामी, पालने वाला
  • الْعَالَمِينَ: सारे संसार, सभी मखलूक़ात (प्राणी), जिन्नात और इंसान

तफ़सीर (व्याख्या):

जब हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने फ़िरऔन को अल्लाह की तौहीद (एकता) की दावत दी और उसे बताया कि वह अल्लाह के रसूल हैं, तो फ़िरऔन ने अपने अहंकार और घमंड के कारण यह सवाल पूछा: "और यह रब्बुल आलमीन (सारे संसारों का पालनहार) क्या चीज़ है?"

फ़िरऔन का यह सवाल जानने और समझने के लिए नहीं था, बल्कि वह मूसा (अलैहिस्सलाम) का मज़ाक उड़ाना चाहता था और अपनी बड़ाई जताना चाहता था। वह खुद को "रब्बे आला" (सबसे बड़ा पालनहार) कहता था, इसलिए उसने यह सवाल उस अल्लाह के बारे में पूछा जिसकी तरफ़ मूसा (अलैहिस्सलाम) बुला रहे थे।

यह सवाल दरअसल फ़िरऔन की जिज्ञासा नहीं थी, बल्कि उसके कुफ़्र और इनकार का इज़हार था। वह जानता था कि अल्लाह कौन है, लेकिन अपनी सत्ता और शासन को बनाए रखने के लिए वह सच्चाई को छिपा रहा था और झूठ पर अड़ा हुआ था।

इस आयत में हमारे लिए बड़ी सीख है कि सच्चाई को जानने के बाद भी अगर इंसान अहंकार और दुनियावी मोह की वजह से उसे न माने, तो वह फ़िरऔन की तरह हलाक होने वालों में से हो जाता है। अल्लाह तआला ने हमें अक़्ल और समझ दी है ताकि हम उसकी पहचान करें और उसकी इबादत करें।

हमें चाहिए कि हम अल्लाह के नामों और सिफ़ात (गुणों) पर ग़ौर करें — वही रब्बुल आलमीन है जिसने हमें पैदा किया, हमें रिज़्क़ दिया, हमें सही रास्ता दिखाया और हम पर अनगिनत नेमतें (कृपाएँ) बरसाईं। उसकी रहमत और मेहरबानी का कोई अंत नहीं है। जो उसे पहचान लेता है, वह कभी गुमराह नहीं हो सकता। आइए हम अपने पालनहार की नेमतों को याद करें और उसके शुक्र अदा करें, क्योंकि शुक्र अदा करने वालों पर अल्लाह अपनी नेमतें और बढ़ा देता है।

🎧 सुनें

📜 आयत 21-25 — अश-शुआरा

21فَفَرَرْتُ مِنكُمْ لَمَّا خِفْتُكُمْ فَوَهَبَ لِي رَبِّي حُكْمًا وَجَعَلَنِي مِنَ الْمُرْسَلِينَ
फिर जब मै आप लोगों से डरा तो भाग खड़ा हुआ फिर (कुछ अरसे के बाद) मेरे परवरदिगार ने मुझे नुबूवत अता फरमायी और मुझे भी एक पैग़म्बर बनाया
22وَتِلْكَ نِعْمَةٌ تَمُنُّهَا عَلَيَّ أَنْ عَبَّدتَّ بَنِي إِسْرَائِيلَ
और ये भी कोई एहसान हे जिसे आप मुझ पर जता रहे है कि आप ने बनी इसराईल को ग़ुलाम बना रखा है
23قَالَ فِرْعَوْنُ وَمَا رَبُّ الْعَالَمِينَ
फिरऔन ने पूछा (अच्छा ये तो बताओ) रब्बुल आलमीन क्या चीज़ है
24قَالَ رَبُّ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ وَمَا بَيْنَهُمَا ۖ إِن كُنتُم مُّوقِنِينَ
मूसा ने कहाँ सारे आसमान व ज़मीन का और जो कुछ इन दोनों के दरमियान है (सबका) मालिक अगर आप लोग यक़ीन कीजिए (तो काफी है)
25قَالَ لِمَنْ حَوْلَهُ أَلَا تَسْتَمِعُونَ
फिरऔन ने उन लोगो से जो उसके इर्द गिर्द (बैठे) थे कहा क्या तुम लोग नहीं सुनते हो
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अनुवाद — अश-शुआरा 23

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Tuesday, August 18, 2026

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