अश-शुआरा · 33/227
अनुवाद उच्चारण — अश-शुआरा
وَنَزَعَ يَدَهُ فَإِذَا هِيَ بَيْضَاءُ لِلنَّاظِرِينَ ۝٣٣
Wa naza`a yadahoo faizaa hiya baidaaa`u linnaa zireen
📖 हिंदी अर्थ
और (जेब से) अपना हाथ बाहर निकाला तो यकायक देखने वालों के वास्ते बहुत सफेद चमकदार था
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • नज़अ (نزع): निकालना, बाहर खींचना।
  • बैज़ा (بيضاء): सफेद, चमकदार।
  • लिन्नाज़िरीन (للناظرين): देखने वालों के लिए।

तफ़सीर (व्याख्या):

जब मूसा (अलैहिस्सलाम) ने अपनी लाठी डाली और वह एक सच्चा अज़दहा (विशाल साँप) बन गई, तो यह उनका पहला मोजिज़ा (चमत्कार) था। इसके बाद अल्लाह ने उन्हें दूसरा मोजिज़ा दिया—उन्होंने अपना हाथ अपने गरेबान (जेब) से निकाला, और वह हाथ बिना किसी बीमारी (बरस/कोढ़) के चमकता हुआ सफेद हो गया। यह सफेदी सामान्य सफेदी नहीं थी, बल्कि एक नूरानी (रोशनी वाली) सफेदी थी, जो देखने वालों की आँखों को चौंधिया देती थी और उन्हें हैरान कर देती थी। यह कोई जादू या तमाशा नहीं था, बल्कि अल्लाह की कुदरत का एक स्पष्ट प्रमाण था, जो सच्चाई को ज़ाहिर करने के लिए दिया गया था।

यह मोजिज़ा उन लोगों के लिए एक चुनौती थी जो जादू और धोखे में माहिर थे। जादूगर अपनी कला से लोगों को धोखा देते हैं, लेकिन अल्लाह के नबी का मोजिज़ा हक़ (सत्य) पर आधारित होता है, जो किसी भी जादू से ऊपर होता है। यह घटना हमें सिखाती है कि अल्लाह अपने प्यारे बंदों की मदद करता है और उन्हें ऐसे चमत्कार देता है जो सच्चाई को रोशन करते हैं।

इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि अल्लाह पर भरोसा रखने वालों के लिए असंभव चीज़ें भी संभव हो जाती हैं। मूसा (अलैहिस्सलाम) ने जब अल्लाह के हुक्म पर अपना हाथ निकाला, तो वह रोशनी का स्रोत बन गया। यह हमारे लिए प्रेरणा है कि हम अपने जीवन में अल्लाह के आदेशों का पालन करें, तो वह हमारे हालात को भी बेहतर बना सकता है और हमें अंधकार से निकालकर रोशनी की ओर ले जा सकता है।

यह मोजिज़ा उन लोगों के लिए रहमत और हिदायत था जो सच्चाई की तलाश में थे, और उनके लिए सबूत था जो जिद और इनकार पर अड़े हुए थे। अल्लाह की निशानियाँ हमेशा स्पष्ट होती हैं, बस ज़रूरत है उन्हें देखने और समझने की। हमें चाहिए कि हम अल्लाह की इन निशानियों पर गौर करें और अपने ईमान को मजबूत करें, क्योंकि यही सच्ची कामयाबी का रास्ता है।

🎧 सुनें

📜 आयत 31-35 — अश-शुआरा

31قَالَ فَأْتِ بِهِ إِن كُنتَ مِنَ الصَّادِقِينَ
फिरऔन ने कहा (अच्छा) तो तुम अगर (अपने दावे में) सच्चे हो तो ला दिखाओ
32فَأَلْقَىٰ عَصَاهُ فَإِذَا هِيَ ثُعْبَانٌ مُّبِينٌ
बस (ये सुनते ही) मूसा ने अपनी छड़ी (ज़मीन पर) डाल दी फिर तो यकायक वह एक सरीही अज़दहा बन गया
33وَنَزَعَ يَدَهُ فَإِذَا هِيَ بَيْضَاءُ لِلنَّاظِرِينَ
और (जेब से) अपना हाथ बाहर निकाला तो यकायक देखने वालों के वास्ते बहुत सफेद चमकदार था
34قَالَ لِلْمَلَإِ حَوْلَهُ إِنَّ هَٰذَا لَسَاحِرٌ عَلِيمٌ
(इस पर) फिरऔन अपने दरबारियों से जो उसके गिर्द (बैठे) थे कहने लगा
35يُرِيدُ أَن يُخْرِجَكُم مِّنْ أَرْضِكُم بِسِحْرِهِ فَمَاذَا تَأْمُرُونَ
कि ये तो यक़ीनी बड़ा खिलाड़ी जादूगर है ये तो चाहता है कि अपने जादू के ज़ोर से तुम्हें तुम्हारे मुल्क से बाहर निकाल दे तो तुम लोग क्या हुक्म लगाते हो
अश-शुआराकुरान सूची
227आयत
मक्कीRevelation
33आयत

अनुवाद — अश-शुआरा 33

सूरा अश-शुआरा आयत 33 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (जेब से) अपना हाथ बाहर निकाला तो यकायक देखने…

सूरा आयत 33/227 — अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शुआरा सुनें, अश-शुआरा अनुवाद, अश-शुआरा mp3, अश-शुआरा pdf. आयत 31–35. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए