Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- नज़अ (نزع): निकालना, बाहर खींचना।
- बैज़ा (بيضاء): सफेद, चमकदार।
- लिन्नाज़िरीन (للناظرين): देखने वालों के लिए।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब मूसा (अलैहिस्सलाम) ने अपनी लाठी डाली और वह एक सच्चा अज़दहा (विशाल साँप) बन गई, तो यह उनका पहला मोजिज़ा (चमत्कार) था। इसके बाद अल्लाह ने उन्हें दूसरा मोजिज़ा दिया—उन्होंने अपना हाथ अपने गरेबान (जेब) से निकाला, और वह हाथ बिना किसी बीमारी (बरस/कोढ़) के चमकता हुआ सफेद हो गया। यह सफेदी सामान्य सफेदी नहीं थी, बल्कि एक नूरानी (रोशनी वाली) सफेदी थी, जो देखने वालों की आँखों को चौंधिया देती थी और उन्हें हैरान कर देती थी। यह कोई जादू या तमाशा नहीं था, बल्कि अल्लाह की कुदरत का एक स्पष्ट प्रमाण था, जो सच्चाई को ज़ाहिर करने के लिए दिया गया था।
यह मोजिज़ा उन लोगों के लिए एक चुनौती थी जो जादू और धोखे में माहिर थे। जादूगर अपनी कला से लोगों को धोखा देते हैं, लेकिन अल्लाह के नबी का मोजिज़ा हक़ (सत्य) पर आधारित होता है, जो किसी भी जादू से ऊपर होता है। यह घटना हमें सिखाती है कि अल्लाह अपने प्यारे बंदों की मदद करता है और उन्हें ऐसे चमत्कार देता है जो सच्चाई को रोशन करते हैं।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि अल्लाह पर भरोसा रखने वालों के लिए असंभव चीज़ें भी संभव हो जाती हैं। मूसा (अलैहिस्सलाम) ने जब अल्लाह के हुक्म पर अपना हाथ निकाला, तो वह रोशनी का स्रोत बन गया। यह हमारे लिए प्रेरणा है कि हम अपने जीवन में अल्लाह के आदेशों का पालन करें, तो वह हमारे हालात को भी बेहतर बना सकता है और हमें अंधकार से निकालकर रोशनी की ओर ले जा सकता है।
यह मोजिज़ा उन लोगों के लिए रहमत और हिदायत था जो सच्चाई की तलाश में थे, और उनके लिए सबूत था जो जिद और इनकार पर अड़े हुए थे। अल्लाह की निशानियाँ हमेशा स्पष्ट होती हैं, बस ज़रूरत है उन्हें देखने और समझने की। हमें चाहिए कि हम अल्लाह की इन निशानियों पर गौर करें और अपने ईमान को मजबूत करें, क्योंकि यही सच्ची कामयाबी का रास्ता है।
📜 आयत 31-35 — सूरा अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 33
सूरा अश-शुआरा आयत 33 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (जेब से) अपना हाथ बाहर निकाला तो यकायक देखने…सूरा आयत 33/227 — सूरा अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अश-शुआरा सुनें, सूरा अश-शुआरा अनुवाद, सूरा अश-शुआरा mp3, सूरा अश-शुआरा pdf. आयत 31–35. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अश-शुआरा
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


