अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- حِبَالَهُمْ (उनकी रस्सियाँ) — जादूगरों की वे रस्सियाँ जिन्हें वे फेंकते थे।
- عِصِيَّهُمْ (उनकी लाठियाँ) — वे लकड़ियाँ जिन्हें जादू के प्रदर्शन में इस्तेमाल किया जाता था।
- بِعِزَّةِ فِرْعَوْنَ (फिरौन की इज़्ज़त की क़सम) — फिरौन की शक्ति और प्रतिष्ठा की क़सम खाकर।
- الْغَالِبُونَ (विजयी) — जीतने वाले, प्रभावी होने वाले।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब मूसा (अलैहिस्सलाम) और फिरौन के जादूगरों के बीच मुक़ाबले का समय आया, तो जादूगरों ने अपनी सारी ताक़त झोंक दी। उन्होंने अपनी रस्सियाँ और लाठियाँ मैदान में फेंक दीं, और लोगों को ऐसा दिखाई दिया कि ये रस्सियाँ और लाठियाँ साँप बनकर चल-फिर रही हैं। यह एक बहुत बड़ा जादू था जिसने देखने वालों की आँखों को धोखा दिया।
इसके साथ ही, उन्होंने अपने अहंकार और गर्व के नशे में चूर होकर फिरौन की इज़्ज़त की क़सम खाई और कहा: "हम ही विजयी होंगे, मूसा हार जाएगा।" उन्होंने अपनी जीत को पक्का समझ लिया था, क्योंकि उन्हें अपने जादू पर पूरा भरोसा था। लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि सच्चाई की ताक़त के आगे झूठ कभी टिक नहीं सकता।
यह आयत हमें सिखाती है कि इंसान अपनी ताक़त, अपने हथियारों और अपनी चालाकी पर कितना भी घमंड कर ले, लेकिन अल्लाह की ताक़त के आगे सब कुछ बेबस है। जादूगरों ने फिरौन की इज़्ज़त की क़सम खाई, लेकिन अल्लाह की इज़्ज़त और उसकी मदद के सामने उनकी सारी क़समें और दावे धूल में मिल गए।
इससे हमें यह भी सबक मिलता है कि हमें कभी भी अपनी ताक़त या साधनों पर भरोसा नहीं करना चाहिए, बल्कि अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए। जब सच्चाई और ईमान की ताक़त होती है, तो अल्लाह अपने बंदों की मदद करता है, चाहे सामने कितनी भी बड़ी ताक़त क्यों न हो। यही वह पल था जब अल्लाह ने मूसा (अलैहिस्सलाम) की लाठी को हक़ीक़ी अज़दहा बना दिया, जिसने जादूगरों के सारे झूठे साँपों को निगल लिया — और सच्चाई ने झूठ पर फतह पाई।
यह क़िस्सा हमारे लिए एक नुस्ख़ा है कि हमें हमेशा सच्चाई के साथ खड़ा होना चाहिए, भले ही दुनिया की ताक़तें हमारे खिलाफ़ क्यों न हों। अल्लाह की मदद सच्चे और साबिर बंदों के साथ होती है।
📜 आयत 42-46 — अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 44
सूरा अश-शुआरा आयत 44 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : इस पर जादूगरों ने अपनी रस्सियाँ और अपनी छड़ियाँ (मैदान…सूरा आयत 44/227 — अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शुआरा सुनें, अश-शुआरा अनुवाद, अश-शुआरा mp3, अश-शुआरा pdf. आयत 42–46. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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