अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَاجْعَلْنِي: मुझे बना दे, मुझे शामिल कर ले
- مِن وَرَثَةِ: उन लोगों में से जो वारिस होंगे
- جَنَّةِ النَّعِيمِ: उस जन्नत के जो नेमतों और आराम से भरी हुई है
तफ़सीर (व्याख्या):
हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम अपनी दुआओं में अल्लाह से यह भी प्रार्थना कर रहे हैं कि "ऐ मेरे रब! मुझे उन लोगों में से बना दे जो जन्नतुल-नईम के वारिस होंगे।" यानी उस जन्नत के, जिसमें हर तरह की नेमतें, सुख-चैन और आराम मौजूद है, और जो तेरे नेक बंदों के लिए तैयार की गई है।
यह दुआ हमें सिखाती है कि नबी भी अल्लाह से जन्नत की दौलत मांगते थे, और यह कि जन्नत पाना केवल अमल का नतीजा नहीं, बल्कि अल्लाह का फज़ल और करम है। इसलिए हमें भी चाहिए कि हम अल्लाह से दुआ करें कि हमें जन्नत का वारिस बनाए, और उसके लिए नेक अमल करते रहें।
यह दुआ हमें यह भी बताती है कि जन्नत एक ऐसी चीज़ है जो विरासत में मिलती है — यानी अल्लाह अपने बंदों को अपनी रहमत से उसे देता है, जैसे कोई अपने वारिसों को विरासत देता है। और यह विरासत उन्हीं को मिलती है जो ईमान लाते हैं, नेक अमल करते हैं, और अल्लाह की राह में सब्र करते हैं।
प्यारे भाइयो और बहनों! हमें भी इस दुआ को अपनी ज़िंदगी का हिस्सा बनाना चाहिए। जब हम यह दुआ पढ़ें तो दिल से यह चाहत रखें कि हम भी उन लोगों में से हों जो जन्नतुल-नईम के वारिस होंगे। और याद रखें, यह दुआ सिर्फ ज़ुबान से नहीं, बल्कि अमल से भी मांगनी होती है — यानी अपने ईमान, इबादत और अच्छे कामों से हम यह साबित करें कि हम सच में उस जन्नत के हक़दार बनना चाहते हैं। अल्लाह हम सबको अपनी रहमत से जन्नतुल-नईम का वारिस बनाए। आमीन।
📜 आयत 83-87 — अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 85
सूरा अश-शुआरा आयत 85 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और मुझे भी नेअमत के बाग़ (बेहश्त) के वारिसों में…सूरा आयत 85/227 — अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शुआरा सुनें, अश-शुआरा अनुवाद, अश-शुआरा mp3, अश-शुआरा pdf. आयत 83–87. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








