अश-शुआरा · 84/227
अनुवाद उच्चारण — सूरा अश-शुआरा
وَاجْعَل لِّي لِسَانَ صِدْقٍ فِي الْآخِرِينَ ۝٨٤
Waj`al lee lisaana sidqin fil aakhireen
📖 हिंदी अर्थ
और आइन्दा आने वाली नस्लों में मेरा ज़िक्रे ख़ैर क़ायम रख

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • लिसान सिद्क़: सच्चाई की ज़बान, यानी अच्छी शोहरत, सच्चा और पाकीज़ा ज़िक्र, और नेक नाम।
  • आख़िरीन: वे लोग जो बाद में आएंगे, यानी आने वाली उम्मतें और पीढ़ियाँ।

तफ़सीर:

हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने अपनी दुआओं में अल्लाह से कई चीज़ें माँगीं। उन्हीं दुआओं में से एक यह थी कि "ऐ अल्लाह! मुझे आने वाली पीढ़ियों में सच्चाई और अच्छाई के साथ याद किया जाए, मेरा ज़िक्र नेकी और भलाई के साथ हो।" यानी उन्होंने दुनिया की बेहतरीन दौलत — नेक नाम और अच्छी शोहरत — की दुआ माँगी।

अल्लाह ने यह दुआ क़बूल फ़रमाई और हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम को ऐसा मुक़ाम अता किया कि आज तक हर उम्मत, हर मज़हब के लोग उन्हें बड़ी मुहब्बत और इज़्ज़त से याद करते हैं। यहूदी हों, ईसाई हों या मुसलमान — सब उन्हें अपना बुज़ुर्ग और प्यारा नबी मानते हैं और उनके नाम का ज़िक्र इज़्ज़त और ताज़ीम के साथ करते हैं। यह अल्लाह की तरफ़ से इब्राहीम अलैहिस्सलाम के लिए एक बहुत बड़ा सम्मान है।

दुआ और सबक:

यह दुआ हमें सिखाती है कि एक मोमिन को दुनिया में भी अच्छाई और नेकी के साथ याद किया जाना चाहिए। इंसान की असली कामयाबी सिर्फ़ दुनिया की दौलत नहीं, बल्कि नेक नाम और अच्छी शोहरत भी है। जो लोग अल्लाह की राह में नेक काम करते हैं, अल्लाह उनके नाम को दुनिया में रोशन कर देता है। हमें भी चाहिए कि अपनी ज़िंदगी को इस तरह गुज़ारें कि हमारा ज़िक्र भी अच्छाई के साथ हो, और हम आने वाली नस्लों के लिए एक अच्छी मिसाल बनें। यह दुआ हमें यह भी सिखाती है कि हमें अल्लाह से दुनिया और आख़िरत दोनों की भलाई माँगनी चाहिए, और अपने बाद आने वालों के लिए भी नेकी की दुआ करनी चाहिए।



📜 आयत 82-86 — सूरा अश-शुआरा

82وَالَّذِي أَطْمَعُ أَن يَغْفِرَ لِي خَطِيئَتِي يَوْمَ الدِّينِ
और वह वही है जिससे मै उम्मीद रखता हूँ कि क़यामत के दिन मेरी ख़ताओं को बख्श देगा
83رَبِّ هَبْ لِي حُكْمًا وَأَلْحِقْنِي بِالصَّالِحِينَ
परवरदिगार मुझे इल्म व फहम अता फरमा और मुझे नेकों के साथ शामिल कर
84وَاجْعَل لِّي لِسَانَ صِدْقٍ فِي الْآخِرِينَ
और आइन्दा आने वाली नस्लों में मेरा ज़िक्रे ख़ैर क़ायम रख
85وَاجْعَلْنِي مِن وَرَثَةِ جَنَّةِ النَّعِيمِ
और मुझे भी नेअमत के बाग़ (बेहश्त) के वारिसों में से बना
86وَاغْفِرْ لِأَبِي إِنَّهُ كَانَ مِنَ الضَّالِّينَ
और मेरे (मुँह बोले) बाप (चचा आज़र) को बख्श दे क्योंकि वह गुमराहों में से है
अश-शुआराकुरान सूची
227आयत
मक्कीअवतरण स्थान
84आयत

अनुवाद — अश-शुआरा 84

सूरा अश-शुआरा आयत 84 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और आइन्दा आने वाली नस्लों में मेरा ज़िक्रे ख़ैर क़ायम…

सूरा आयत 84/227 — सूरा अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अश-शुआरा सुनें, सूरा अश-शुआरा अनुवाद, सूरा अश-शुआरा mp3, सूरा अश-शुआरा pdf. आयत 82–86. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Friday, October 2, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए