अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- लिसान सिद्क़: सच्चाई की ज़बान, यानी अच्छी शोहरत, सच्चा और पाकीज़ा ज़िक्र, और नेक नाम।
- आख़िरीन: वे लोग जो बाद में आएंगे, यानी आने वाली उम्मतें और पीढ़ियाँ।
तफ़सीर:
हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने अपनी दुआओं में अल्लाह से कई चीज़ें माँगीं। उन्हीं दुआओं में से एक यह थी कि "ऐ अल्लाह! मुझे आने वाली पीढ़ियों में सच्चाई और अच्छाई के साथ याद किया जाए, मेरा ज़िक्र नेकी और भलाई के साथ हो।" यानी उन्होंने दुनिया की बेहतरीन दौलत — नेक नाम और अच्छी शोहरत — की दुआ माँगी।
अल्लाह ने यह दुआ क़बूल फ़रमाई और हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम को ऐसा मुक़ाम अता किया कि आज तक हर उम्मत, हर मज़हब के लोग उन्हें बड़ी मुहब्बत और इज़्ज़त से याद करते हैं। यहूदी हों, ईसाई हों या मुसलमान — सब उन्हें अपना बुज़ुर्ग और प्यारा नबी मानते हैं और उनके नाम का ज़िक्र इज़्ज़त और ताज़ीम के साथ करते हैं। यह अल्लाह की तरफ़ से इब्राहीम अलैहिस्सलाम के लिए एक बहुत बड़ा सम्मान है।
दुआ और सबक:
यह दुआ हमें सिखाती है कि एक मोमिन को दुनिया में भी अच्छाई और नेकी के साथ याद किया जाना चाहिए। इंसान की असली कामयाबी सिर्फ़ दुनिया की दौलत नहीं, बल्कि नेक नाम और अच्छी शोहरत भी है। जो लोग अल्लाह की राह में नेक काम करते हैं, अल्लाह उनके नाम को दुनिया में रोशन कर देता है। हमें भी चाहिए कि अपनी ज़िंदगी को इस तरह गुज़ारें कि हमारा ज़िक्र भी अच्छाई के साथ हो, और हम आने वाली नस्लों के लिए एक अच्छी मिसाल बनें। यह दुआ हमें यह भी सिखाती है कि हमें अल्लाह से दुनिया और आख़िरत दोनों की भलाई माँगनी चाहिए, और अपने बाद आने वालों के लिए भी नेकी की दुआ करनी चाहिए।
📜 आयत 82-86 — अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 84
सूरा अश-शुआरा आयत 84 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और आइन्दा आने वाली नस्लों में मेरा ज़िक्रे ख़ैर क़ायम…सूरा आयत 84/227 — अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शुआरा सुनें, अश-शुआरा अनुवाद, अश-शुआरा mp3, अश-शुआरा pdf. आयत 82–86. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








