Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَكُبْكِبُوا (फ़कुब्किबू): अर्थात उन्हें उल्टा (सिर के बल) गिराया गया, एक के ऊपर एक करके झोंक दिया गया।
- الْغَاوُونَ (अल-ग़ावून): गुमराह करने वाले, पथभ्रष्ट करने वाले, यानी वे लोग जिन्होंने दूसरों को गुमराह किया और स्वयं भी गुमराह थे।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला उस भयानक दृश्य का वर्णन कर रहा है जो क़ियामत के दिन घटित होगा, जब मुशरिकीन और उनके माबूद (पूज्य) — जिन्हें वे अल्लाह के सिवा पुकारते थे — सबको जहन्नम में झोंक दिया जाएगा। उन्हें इस तरह गिराया जाएगा कि वे सिर के बल एक दूसरे के ऊपर गिरेंगे, और यह सब कुछ उनके सामने होगा। यहाँ "हुम" (वे) से मुराद वे माबूद हैं जिनकी पूजा की जाती थी, और "अल-ग़ावून" से मुराद वे गुमराह लोग हैं जिन्होंने उनकी पूजा की और दूसरों को भी इस रास्ते पर चलाया। यानी पूजने वाले और पूजे जाने वाले — सबको एक साथ जहन्नम में डाल दिया जाएगा, और उनमें से कोई भी बच नहीं पाएगा।
यह दृश्य हमें यह सिखाता है कि अल्लाह के सिवा किसी और की इबादत करना, चाहे वह कोई भी हो — चाहे वह बुत हो, इंसान हो, या कोई और चीज़ — यह सबसे बड़ा ज़ुल्म है और इसका अंजाम बेहद भयावह है। जो लोग दूसरों को गुमराह करते हैं और उन्हें अल्लाह के रास्ते से भटकाते हैं, वे भी उसी आग में झोंके जाएँगे, और उनके अनुयायी भी। यह अल्लाह का न्याय है कि कोई भी गुमराही फैलाने वाला और उस पर चलने वाला सज़ा से बच नहीं सकता।
दावती पहलू:
यह आयत हमारे लिए एक बहुत बड़ी नसीहत है कि हम अपनी ज़िंदगी में सिर्फ़ अल्लाह की इबादत करें और उसी के बताए हुए रास्ते पर चलें। यह हमें यह भी सिखाती है कि हमें कभी किसी ऐसे इंसान या चीज़ की पैरवी नहीं करनी चाहिए जो हमें अल्लाह के दीन से दूर ले जाए। अल्लाह तआला ने हमें अक़्ल दी है, क़ुरआन दिया है, और रसूल ﷺ का रास्ता दिखाया है — यह सबसे सीधा और सच्चा रास्ता है। जो इस रास्ते पर चलेगा, वह दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब होगा। और जो इस रास्ते को छोड़कर किसी और रास्ते पर चलेगा, उसका अंजाम यही होगा कि वह दूसरों के साथ जहन्नम की आग में झोंक दिया जाएगा। अल्लाह हम सबको सीधे रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 92-96 — सूरा अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 94
सूरा अश-शुआरा आयत 94 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर वह (माबूद) और गुमराह लोग और शैतान का लशकरसूरा आयत 94/227 — सूरा अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अश-शुआरा सुनें, सूरा अश-शुआरा अनुवाद, सूरा अश-शुआरा mp3, सूरा अश-शुआरा pdf. आयत 92–96. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अश-शुआरा
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


