अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- حَرَّمْنَا – हमने वर्जित कर दिया (यहाँ अर्थ है: हमने उसे इनकार करने वाला बना दिया)
- الْمَرَاضِعَ – दूध पिलाने वाली औरतें (धायें)
- مِن قَبْلُ – इससे पहले (अर्थात मूसा को उसकी माँ के पास लौटाने से पहले)
- يَكْفُلُونَهُ – उसे अपनी देखभाल में लें, उसका पालन-पोषण करें
- نَاصِحُونَ – उसके हितैषी, उसकी भलाई चाहने वाले, खैरख्वाह
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने अपनी कुदरत और हिकमत से मूसा (अलैहिस्सलाम) को इससे पहले कि वह अपनी माँ के पास लौटाए जाते, हर दूध पिलाने वाली औरत का दूध पीने से रोक दिया था। यह अल्लाह की एक विशेष तदबीर (योजना) थी, ताकि मूसा को उनकी माँ के सिवा किसी और का दूध न पचे। जब फ़िरऔन के लोग मूसा के लिए धायें (दूध पिलाने वाली औरतें) तलाश करते-कराते थक गए और कोई भी औरत उसे दूध नहीं पिला पाई, तो उन्हें बड़ी चिंता हुई।
इसी दौरान अल्लाह की कुदरत से मूसा की बहन वहाँ आई, जो अपने भाई का हाल जानने के लिए पास ही में थी। उसने देखा कि वे लोग दूध पिलाने वाली औरत की तलाश में परेशान हैं, तो उसने उनसे कहा: "क्या मैं तुम्हें ऐसे घर के लोगों का पता बताऊँ जो इस बच्चे की परवरिश करें, उसे दूध पिलाएँ और उसके सच्चे हितैषी हों?" — उसका इशारा अपने ही घर की तरफ था, यानी उसकी अपनी माँ की तरफ।
फ़िरऔन के लोगों ने उसकी बात मान ली और मूसा को उसकी माँ के हवाले कर दिया। इस तरह अल्लाह ने अपनी हिकमत से मूसा को उनकी माँ की गोद में लौटा दिया, ताकि उसकी आँखें ठंडी हों और वह दुखी न हो, और उसे यक़ीन हो जाए कि अल्लाह का वादा सच्चा है।
दावत और सबक:
इस आयत में अल्लाह तआला की रबूबियत (पालनहारी) और तदबीर की अद्भुत झलक है। जब अल्लाह किसी काम का इरादा करता है, तो वह ऐसे रास्ते बनाता है जिनका अंदाज़ा किसी को नहीं होता। मूसा की माँ ने अपने बच्चे को दरिया में छोड़ा था, और अल्लाह ने उसे वापस उसी की गोद में पहुँचा दिया — वह भी फ़िरऔन के महल से होते हुए, और फ़िरऔन की बेगम की मुहब्बत के ज़रिए। यह इस बात की सबसे बड़ी गवाही है कि अल्लाह अपने नेक बंदों की हिफ़ाज़त करता है और उनके दुश्मनों के घर से भी उनकी मदद का सामान करता है।
हमारे लिए इसमें बड़ा सबक है कि जब हम अल्लाह पर भरोसा करते हैं, तो वह हमारे लिए ऐसे दरवाज़े खोलता है जिनका हमने सोचा भी नहीं होता। माँ का दिल अपने बच्चे के लिए बेचैन था, और अल्लाह ने उसकी बेचैनी को सुकून में बदल दिया। यह हमें सिखाता है कि अल्लाह से दुआ करते रहें और उसकी रहमत से कभी निराश न हों। अल्लाह हर मुश्किल से निकलने का रास्ता निकालता है, बशर्ते हम उस पर पूरा यक़ीन रखें।
📜 आयत 10-14 — अल-क़सस
अनुवाद — अल-क़सस 12
सूरा अल-क़सस आयत 12 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हमने मूसा पर पहले ही से और दाईयों (के…सूरा आयत 12/88 — अल-क़सस القصص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-क़सस सुनें, अल-क़सस अनुवाद, अल-क़सस mp3, अल-क़सस pdf. आयत 10–14. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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