अल-क़सस · 12/88
अनुवाद उच्चारण — अल-क़सस
۞ وَحَرَّمْنَا عَلَيْهِ الْمَرَاضِعَ مِن قَبْلُ فَقَالَتْ هَلْ أَدُلُّكُمْ عَلَىٰ أَهْلِ بَيْتٍ يَكْفُلُونَهُ لَكُمْ وَهُمْ لَهُ نَاصِحُونَ ۝١٢
Wa harramnaa `alaihil maraadi`a min qablu faqaalat hal adullukum `alaaa ahli baitiny yakfuloonahoo lakum wa hum lahoo naasihoon
📖 हिंदी अर्थ
और हमने मूसा पर पहले ही से और दाईयों (के दूध) को हराम कर दिया था (कि किसी की छाती से मुँह न लगाया) तब मूसा की बहन बोली भला मै तुम्हें एक घराने का पता बताऊ कि वह तुम्हारी ख़ातिर इस बच्चे की परवरिश कर देंगे और वह यक़ीनन इसके खैरख्वाह होगे

🎧 सुनें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • حَرَّمْنَا – हमने वर्जित कर दिया (यहाँ अर्थ है: हमने उसे इनकार करने वाला बना दिया)
  • الْمَرَاضِعَ – दूध पिलाने वाली औरतें (धायें)
  • مِن قَبْلُ – इससे पहले (अर्थात मूसा को उसकी माँ के पास लौटाने से पहले)
  • يَكْفُلُونَهُ – उसे अपनी देखभाल में लें, उसका पालन-पोषण करें
  • نَاصِحُونَ – उसके हितैषी, उसकी भलाई चाहने वाले, खैरख्वाह

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला ने अपनी कुदरत और हिकमत से मूसा (अलैहिस्सलाम) को इससे पहले कि वह अपनी माँ के पास लौटाए जाते, हर दूध पिलाने वाली औरत का दूध पीने से रोक दिया था। यह अल्लाह की एक विशेष तदबीर (योजना) थी, ताकि मूसा को उनकी माँ के सिवा किसी और का दूध न पचे। जब फ़िरऔन के लोग मूसा के लिए धायें (दूध पिलाने वाली औरतें) तलाश करते-कराते थक गए और कोई भी औरत उसे दूध नहीं पिला पाई, तो उन्हें बड़ी चिंता हुई।

इसी दौरान अल्लाह की कुदरत से मूसा की बहन वहाँ आई, जो अपने भाई का हाल जानने के लिए पास ही में थी। उसने देखा कि वे लोग दूध पिलाने वाली औरत की तलाश में परेशान हैं, तो उसने उनसे कहा: "क्या मैं तुम्हें ऐसे घर के लोगों का पता बताऊँ जो इस बच्चे की परवरिश करें, उसे दूध पिलाएँ और उसके सच्चे हितैषी हों?" — उसका इशारा अपने ही घर की तरफ था, यानी उसकी अपनी माँ की तरफ।

फ़िरऔन के लोगों ने उसकी बात मान ली और मूसा को उसकी माँ के हवाले कर दिया। इस तरह अल्लाह ने अपनी हिकमत से मूसा को उनकी माँ की गोद में लौटा दिया, ताकि उसकी आँखें ठंडी हों और वह दुखी न हो, और उसे यक़ीन हो जाए कि अल्लाह का वादा सच्चा है।

दावत और सबक:

इस आयत में अल्लाह तआला की रबूबियत (पालनहारी) और तदबीर की अद्भुत झलक है। जब अल्लाह किसी काम का इरादा करता है, तो वह ऐसे रास्ते बनाता है जिनका अंदाज़ा किसी को नहीं होता। मूसा की माँ ने अपने बच्चे को दरिया में छोड़ा था, और अल्लाह ने उसे वापस उसी की गोद में पहुँचा दिया — वह भी फ़िरऔन के महल से होते हुए, और फ़िरऔन की बेगम की मुहब्बत के ज़रिए। यह इस बात की सबसे बड़ी गवाही है कि अल्लाह अपने नेक बंदों की हिफ़ाज़त करता है और उनके दुश्मनों के घर से भी उनकी मदद का सामान करता है।

हमारे लिए इसमें बड़ा सबक है कि जब हम अल्लाह पर भरोसा करते हैं, तो वह हमारे लिए ऐसे दरवाज़े खोलता है जिनका हमने सोचा भी नहीं होता। माँ का दिल अपने बच्चे के लिए बेचैन था, और अल्लाह ने उसकी बेचैनी को सुकून में बदल दिया। यह हमें सिखाता है कि अल्लाह से दुआ करते रहें और उसकी रहमत से कभी निराश न हों। अल्लाह हर मुश्किल से निकलने का रास्ता निकालता है, बशर्ते हम उस पर पूरा यक़ीन रखें।



📜 आयत 10-14 — अल-क़सस

10وَأَصْبَحَ فُؤَادُ أُمِّ مُوسَىٰ فَارِغًا ۖ إِن كَادَتْ لَتُبْدِي بِهِ لَوْلَا أَن رَّبَطْنَا عَلَىٰ قَلْبِهَا لِتَكُونَ مِنَ الْمُؤْمِنِينَ
इधर तो ये हो रहा था और (उधर) मूसा की माँ का दिल ऐसा बेचैन हो गया कि अगर हम उसके दिल को मज़बूत कर देते तो क़रीब था कि मूसा का हाल ज़ाहिर कर देती (और हमने इसीलिए ढारस दी) ताकि वह (हमारे वायदे का) यक़ीन रखे
11وَقَالَتْ لِأُخْتِهِ قُصِّيهِ ۖ فَبَصُرَتْ بِهِ عَن جُنُبٍ وَهُمْ لَا يَشْعُرُونَ
और मूसा की माँ ने (दरिया में डालते वक्त) उनकी बहन (कुलसूम) से कहा कि तुम इसके पीछे पीछे (अलग) चली जाओ तो वह मूसा को दूर से देखती रही और उन लोगो को उसकी ख़बर भी न हुई
12۞ وَحَرَّمْنَا عَلَيْهِ الْمَرَاضِعَ مِن قَبْلُ فَقَالَتْ هَلْ أَدُلُّكُمْ عَلَىٰ أَهْلِ بَيْتٍ يَكْفُلُونَهُ لَكُمْ وَهُمْ لَهُ نَاصِحُونَ
और हमने मूसा पर पहले ही से और दाईयों (के दूध) को हराम कर दिया था (कि किसी की छाती से मुँह न लगाया) तब मूसा की बहन बोली भला मै तुम्हें एक घराने का पता बताऊ कि वह तुम्हारी ख़ातिर इस बच्चे की परवरिश कर देंगे और वह यक़ीनन इसके खैरख्वाह होगे
13فَرَدَدْنَاهُ إِلَىٰ أُمِّهِ كَيْ تَقَرَّ عَيْنُهَا وَلَا تَحْزَنَ وَلِتَعْلَمَ أَنَّ وَعْدَ اللَّهِ حَقٌّ وَلَٰكِنَّ أَكْثَرَهُمْ لَا يَعْلَمُونَ
ग़रज़ (इस तरकीब से) हमने मूसा को उसकी माँ तक फिर पहुँचा दिया ताकि उसकी ऑंख ठन्डी हो जाए और रंज न करे और ताकि समझ ले ख़ुदा का वायदा बिल्कुल ठीक है मगर उनमें के अक्सर नहीं जानते हैं
14وَلَمَّا بَلَغَ أَشُدَّهُ وَاسْتَوَىٰ آتَيْنَاهُ حُكْمًا وَعِلْمًا ۚ وَكَذَٰلِكَ نَجْزِي الْمُحْسِنِينَ
और जब मूसा अपनी जवानी को पहुँचे और (हाथ पाँव निकाल के) दुरुस्त हो गए तो हमने उनको हिकमत और इल्म अता किया और नेकी करने वालों को हम यूँ जज़ाए खैर देते हैं
अल-क़ससकुरान सूची
88आयत
मक्कीRevelation
12आयत

अनुवाद — अल-क़सस 12

सूरा अल-क़सस आयत 12 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हमने मूसा पर पहले ही से और दाईयों (के…

सूरा आयत 12/88 — अल-क़सस القصص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-क़सस सुनें, अल-क़सस अनुवाद, अल-क़सस mp3, अल-क़सस pdf. आयत 10–14. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए