Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- رَبِّ: हे मेरे पालनहार!
- انصُرْنِي: मेरी सहायता कर, मुझे विजय प्रदान कर।
- الْقَوْمِ الْمُفْسِدِينَ: बिगाड़ फैलाने वाले लोग, जो धरती में अशांति और बुराई फैलाते हैं।
तफसीर (व्याख्या):
हज़रत लूत अलैहिस्सलाम ने जब देखा कि उनकी क़ौम अपनी शरारतों और अश्लील कृत्यों पर अड़ी हुई है, और वे न केवल स्वयं बुराई में लिप्त हैं बल्कि दूसरों को भी इस ओर उकसा रहे हैं, तो उन्होंने अपने रब की दरगाह में हाथ उठाए और यह दुआ की: "ऐ मेरे पालनहार! इन बिगाड़ फैलाने वालों के मुक़ाबले में मेरी मदद कर।"
यह दुआ उन्होंने उस समय की जब उनकी क़ौम ने उनकी नसीहत को ठुकरा दिया और उन्हें धमकी दी कि अगर तुमने अपनी बात न छोड़ी तो हम तुम्हें शहर से निकाल देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर तुम सच्चे हो तो अल्लाह का अज़ाब लेकर आओ। इस पर हज़रत लूत अलैहिस्सलाम ने अल्लाह से फ़रियाद की कि वह उन्हें इन मुफ़्सिदों (बिगाड़ पैदा करने वालों) के मुक़ाबले में नस्र (सहायता) अता फ़रमाए।
इस दुआ में एक बड़ी सीख है कि जब इंसान हक़ की तबलीग़ करता है और लोग उसे नकार देते हैं, तो उसे निराश नहीं होना चाहिए, बल्कि अल्लाह की तरफ रुजू करना चाहिए और उसी से मदद माँगनी चाहिए। अल्लाह ने हज़रत लूत अलैहिस्सलाम की यह दुआ क़बूल की और उनकी क़ौम पर ऐसा अज़ाब नाज़िल किया जिसने उन्हें तबाह कर दिया। यह अल्लाह की सुन्नत है कि वह अपने नेक बंदों की मदद करता है और ज़ालिमों को सज़ा देता है।
इस आयत से हमें यह भी सीख मिलती है कि बुराई और फ़साद (बिगाड़) को रोकने के लिए दुआ और अल्लाह पर भरोसा बहुत ज़रूरी है। जब इंसान अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर ले और फिर भी हालात न बदलें, तो उसे अल्लाह की तरफ रुजू करना चाहिए, क्योंकि अल्लाह ही सबसे बड़ा मददगार है। यह दुआ हमें सिखाती है कि हमें भी बुराई के खिलाफ खड़ा होना चाहिए और अल्लाह से ताक़त माँगनी चाहिए, ताकि हम अपने समाज को फ़साद से बचा सकें।
📜 आयत 28-32 — सूरा अल-अंकबूत
अनुवाद — अल-अंकबूत 30
सूरा अल-अंकबूत आयत 30 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तब लूत ने दुआ की कि परवरदिगार इन मुफ़सिद लोगों…सूरा आयत 30/69 — सूरा अल-अंकबूत العنكبوت (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अंकबूत सुनें, सूरा अल-अंकबूत अनुवाद, सूरा अल-अंकबूत mp3, सूरा अल-अंकबूत pdf. आयत 28–32. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अंकबूत
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


