अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَعْنَةَ: अभिशाप, रहमत से दूरी, और दया से निष्कासन।
- أَجْمَعِينَ: सभी, एक साथ, बिना किसी अपवाद के।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन लोगों के बुरे अंजाम को बयान कर रही है जो सत्य को छोड़कर असत्य को अपनाते हैं, जो ईमान के बाद कुफ्र की ओर लौट जाते हैं, और जो अल्लाह की आयतों को झुठलाते हैं तथा उनके रास्ते में रुकावटें डालते हैं। ऐसे लोगों की सज़ा यह है कि उन पर अल्लाह की ओर से लानत है, यानी वे अल्लाह की रहमत से दूर कर दिए जाते हैं। साथ ही, फ़रिश्ते भी उन पर लानत भेजते हैं, और सभी लोग — विशेष रूप से ईमान वाले — उन्हें अभिशापित करते हैं। यह लानत उन्हें हर तरफ से घेर लेती है, जिससे उनके लिए कोई राहत या माफ़ी का दरवाज़ा नहीं बचता। यह उनका स्थायी हाल है, जब तक कि वे तौबा न करें और अल्लाह की ओर वापस न लौटें।
फ़ायदे (सबक):
- यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की नाराज़गी और उसकी रहमत से दूरी सबसे बड़ी सज़ा है — यह दुनिया की किसी भी सज़ा से बढ़कर है।
- ईमान के बाद कुफ्र की ओर लौटना बहुत बड़ा गुनाह है, और यह इंसान को अल्लाह, फ़रिश्तों और नेक लोगों की दुआओं से महरूम कर देता है।
- यह हमें सचेत करती है कि हम अपने ईमान की हिफ़ाज़त करें और सत्य पर स्थिर रहें, क्योंकि सत्य का रास्ता छोड़ने का अंजाम बहुत भयानक है।
- इस आयत से यह भी पता चलता है कि ईमान वालों की दुआ और उनका रवैया गुनाहगारों के हाल पर असर डालता है, इसलिए हमें अपने अमल को सुधारना चाहिए ताकि हम अल्लाह की रहमत के हक़दार बनें, न कि उसकी लानत के।
- यह हमें अल्लाह की रहमत की ओर लौटने की तरग़ीब देती है — कि अगर कोई गुनाह कर बैठे तो तौबा का दरवाज़ा खुला है, क्योंकि अल्लाह बड़ा माफ़ करने वाला और दयालु है।
📜 आयत 85-89 — आल-इमरान
अनुवाद — आल-इमरान 87
सूरा आल-इमरान आयत 87 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐसे लोगों की सज़ा यह है कि उनपर ख़ुदा और…सूरा आयत 87/200 — आल-इमरान آل عمران (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: आल-इमरान सुनें, आल-इमरान अनुवाद, आल-इमरान mp3, आल-इमरान pdf. आयत 85–89. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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