अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- मी'आद – वादा किया गया समय, नियत घड़ी
- ला तस्तक़्दिमून – तुम उससे पहले नहीं आ सकते
तफ़सीर:
ऐ नबी! आप इन मुस्त'जिल (जल्दबाज़ी करने वालों) से कह दीजिए जो अज़ाब को जल्दी माँगते हैं और उसका मज़ाक़ उड़ाते हैं: "तुम्हारे लिए एक नियत समय और एक मुक़र्रर दिन है, जो तुम्हें आकर रहेगा। वह दिन क़ियामत का दिन है। उस दिन से तुम एक घड़ी भर पीछे नहीं हट सकते और न ही एक घड़ी भर पहले आ सकते हो।"
यानी जब वह दिन आ जाएगा, तो न तो तुम उसे टाल सकोगे और न ही उसे जल्दी ला सकोगे। यह अल्लाह तआला का फ़ैसला है जो उसके हुक्म से ही वक़ू' में आएगा। यह दिन उन लोगों के लिए बहुत भयानक होगा जिन्होंने आज उसे झुठलाया और उसका मज़ाक़ उड़ाया।
यह आयत उन लोगों के लिए एक सख़्त तनबीह (चेतावनी) है जो अज़ाब को जल्दी माँगते हैं। वे समझते हैं कि यह कभी आएगा ही नहीं, लेकिन अल्लाह का वादा सच्चा है। जिस दिन वह आ जाएगा, उस दिन किसी को मोहलत नहीं मिलेगी।
इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि अल्लाह का वादा अटल है। क़ियामत का दिन ज़रूर आएगा, चाहे लोग उसे झुठलाएँ या उसका मज़ाक़ उड़ाएँ। इसलिए हमें चाहिए कि हम उस दिन के लिए तैयारी करें, अपने आ'माल (कर्मों) को सुधारें, और अल्लाह की इबादत और उसके रसूल की पैरवी में अपनी ज़िंदगी गुज़ारें।
यह भी याद रखें कि अल्लाह की रहमत बहुत वसी' (विस्तृत) है। उसने हमें तौबा का दरवाज़ा खुला रखा है। जब तक हमारी मौत नहीं आ जाती, हम तौबा कर सकते हैं और अल्लाह की रहमत के हक़दार बन सकते हैं। लेकिन जब क़ियामत आ जाएगी, तो कोई तौबा क़बूल नहीं होगी। इसलिए आज ही का दिन है, आज ही की घड़ी है – अल्लाह की तरफ़ पलटने का, उसकी रहमत और मग़फ़िरत हासिल करने का।
📜 आयत 28-32 — सबा
अनुवाद — सबा 30
सूरा सबा आयत 30 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम उनसे कह दो कि तुम लोगों के…सूरा आयत 30/54 — सबा سبأ (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सबा सुनें, सबा अनुवाद, सबा mp3, सबा pdf. आयत 28–32. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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