अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الصُّور (सूर): एक विशेष सींग (नरसिंगा) जिसमें फूँका जाएगा।
- الأَجْدَاث (अज्दास): क़ब्रें।
- يَنسِلُونَ (यन्सिलून): तेज़ी से निकलना और दौड़कर जाना।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब दूसरी बार सूर (नरसिंगा) में फूँका जाएगा, तो यह क़ियामत के दिन के उठाए जाने (हश्र) की आख़िरी पुकार होगी। यह वह समय होगा जब अल्लाह तआला सभी मृत लोगों की रूहों को उनके जिस्मों में लौटा देगा, और हर इंसान अपनी क़ब्र से निकलकर अपने रब की तरफ़ तेज़ी से बढ़ेगा। वे सब अपने अंजाम की तरफ़ दौड़ पड़ेंगे — न कोई पीछे रहेगा, न कोई छिप सकेगा। यह निकलना इतनी जल्दी और आसानी से होगा जैसे कोई आज्ञा का पालन करते हुए दौड़ रहा हो। यह वह दिन होगा जब हर इंसान अपने कर्मों का हिसाब देने के लिए अपने रब के सामने खड़ा होगा। यह अल्लाह की क़ुदरत का अज़ीमुश्शान नमूना है — जिसने पहली बार पैदा किया, वही दोबारा ज़िंदा करने पर भी पूरी तरह क़ादिर है। यह आयत हमें यक़ीन दिलाती है कि मौत अंत नहीं है, बल्कि एक नई ज़िंदगी की शुरुआत है। जो लोग इस दिन पर ईमान रखते हैं, वे अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ गुज़ारते हैं, और जो इसे झुठलाते हैं, वे अपने नुक़सान का सामना करेंगे। यह दिन हर उस इंसान के लिए सबक़ है जो सोचता है कि उसके कर्मों का कोई हिसाब नहीं होगा। अल्लाह तआला ने इस आयत में यह भी बताया कि जब यह पुकार होगी, तो सभी लोग — चाहे वे कितने भी बड़े या छोटे, अमीर या ग़रीब — एक जैसे ही अपनी क़ब्रों से निकलकर अपने रब की तरफ़ दौड़ेंगे। यह हमारे लिए एक प्यारा पैग़ाम है कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की इबादत और नेक कामों में गुज़ारें, ताकि उस दिन हमारा रूबरू होना खुशी और कामयाबी का हो, न कि शर्मिंदगी और अफ़सोस का।
📜 आयत 49-53 — सूरा यासीन
अनुवाद — यासीन 51
सूरा यासीन आयत 51 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और फिर (जब दोबारा) सूर फूँका जाएगा तो उसी दम…सूरा आयत 51/83 — सूरा यासीन يس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा यासीन सुनें, सूरा यासीन अनुवाद, सूरा यासीन mp3, सूरा यासीन pdf. आयत 49–53. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 8, 2026
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