अस-साफ्फात · 10/182
अनुवाद उच्चारण — अस-साफ्फात
إِلَّا مَنْ خَطِفَ الْخَطْفَةَ فَأَتْبَعَهُ شِهَابٌ ثَاقِبٌ ۝١٠
Illaa man khatifal khatfata fa atba`ahoo shihaabun saaqib
📖 हिंदी अर्थ
मगर जो (शैतान शाज़ व नादिर फरिश्तों की) कोई बात उचक ले भागता है तो आग का दहकता हुआ तीर उसका पीछा करता है
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • خَطِفَ الْخَطْفَةَ: चुराकर सुन लेना, झपटकर कोई बात हथिया लेना।
  • شِهَابٌ ثَاقِبٌ: चमकता हुआ अग्नि-गोला (उल्का) जो भेदने वाला हो और अपने लक्ष्य को कभी न चूके।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत उन शैतानों (जिन्नात) के बारे में बताती है जो आसमान की तरफ़ चढ़ने और फ़रिश्तों की बातचीत चुराने की कोशिश करते हैं। अल्लाह तआला ने आसमान को कड़े पहरेदारों से सुरक्षित कर रखा है, और जो शैतान झपटकर कोई बात चुराने की कोशिश करता है, उसका पीछा एक चमकता हुआ अग्नि-गोला करता है जो उसे जला देता है या झुलसा देता है।

हालाँकि, कभी-कभी अल्लाह की मशीयत (इच्छा) से वह शैतान उस चुराई हुई बात को अपने साथियों तक पहुँचाने में कामयाब हो जाता है, इससे पहले कि वह अग्नि-गोला उसे जला दे। फिर वह बात काहिनों (نجومیوں) तक पहुँचती है, और वे उस एक सच्ची बात के साथ सौ झूठ मिलाकर लोगों को धोखा देते हैं।

यह बात उन लोगों के लिए बड़ी सबक है जो ज्योतिषियों, نجومیوں और काहिनों की बातों पर भरोसा करते हैं। उनके पास जो कुछ भी होता है, वह चोरी-छिपे सुनी हुई एक अधूरी बात होती है, जिसमें सच्चाई का अंश बहुत कम और झूठ का अंश बहुत अधिक होता है।

दावती पहलू:

यह आयत हमें सिखाती है कि ग़ैब (छिपी हुई बातों) का ज्ञान केवल अल्लाह के पास है। जो लोग भविष्य की बातें बताने का दावा करते हैं, वे या तो धोखेबाज़ हैं या उन्हें शैतानों से मिलने वाली अधूरी और भ्रामक जानकारी पर भरोसा करते हैं। एक मुसलमान को चाहिए कि वह अपने दिल को इन चीज़ों से पाक रखे और केवल अल्लाह पर भरोसा करे। अल्लाह ने हमें क़ुरआन और सुन्नत जैसी रोशनी दी है, जो हमें सही रास्ता दिखाती है। हमें उन चीज़ों से दूर रहना चाहिए जो हमें अल्लाह की याद से ग़ाफ़िल करें और हमें अंधविश्वास की तरफ़ ले जाएँ।

याद रखिए, अल्लाह का क़ुरआन सच्चाई और हिदायत का सबसे बड़ा स्रोत है, और उस पर अमल करना ही हमारी कामयाबी की कुंजी है।

🎧 सुनें

📜 आयत 8-12 — अस-साफ्फात

8لَّا يَسَّمَّعُونَ إِلَى الْمَلَإِ الْأَعْلَىٰ وَيُقْذَفُونَ مِن كُلِّ جَانِبٍ
कि अब शैतान आलमे बाला की तरफ़ कान भी नहीं लगा सकते और (जहाँ सुन गुन लेना चाहा तो) हर तरफ़ से खदेड़ने के लिए शहाब फेके जाते हैं
9دُحُورًا ۖ وَلَهُمْ عَذَابٌ وَاصِبٌ
और उनके लिए पाएदार अज़ाब है
10إِلَّا مَنْ خَطِفَ الْخَطْفَةَ فَأَتْبَعَهُ شِهَابٌ ثَاقِبٌ
मगर जो (शैतान शाज़ व नादिर फरिश्तों की) कोई बात उचक ले भागता है तो आग का दहकता हुआ तीर उसका पीछा करता है
11فَاسْتَفْتِهِمْ أَهُمْ أَشَدُّ خَلْقًا أَم مَّنْ خَلَقْنَا ۚ إِنَّا خَلَقْنَاهُم مِّن طِينٍ لَّازِبٍ
तो (ऐ रसूल) तुम उनसे पूछो तो कि उनका पैदा करना ज्यादा दुश्वार है या उन (मज़कूरा) चीज़ों का जिनको हमने पैदा किया हमने तो उन लोगों को लसदार मिट्टी से पैदा किया
12بَلْ عَجِبْتَ وَيَسْخَرُونَ
बल्कि तुम (उन कुफ्फ़ार के इन्कार पर) ताज्जुब करते हो और वह लोग (तुमसे) मसख़रापन करते हैं
अस-साफ्फातकुरान सूची
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10आयत

अनुवाद — अस-साफ्फात 10

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Tuesday, August 18, 2026

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