अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- احْشُرُوا: इकट्ठा करो, एकत्रित करो।
- الَّذِينَ ظَلَمُوا: जिन्होंने अत्याचार किया (अर्थात् शिर्क किया)।
- وَأَزْوَاجَهُمْ: और उनके साथियों को (यानी उनके जैसे लोगों को)।
- وَمَا كَانُوا يَعْبُدُونَ: और उन्हें जिनकी वे पूजा किया करते थे।
तफ़सीर (व्याख्या):
क़यामत के दिन अल्लाह तआला फ़रिश्तों को आदेश देंगे कि उन सभी ज़ालिमों को इकट्ठा करो जिन्होंने अल्लाह के साथ शिर्क किया और उसकी इबादत के बजाय दूसरों की पूजा की। ये वे लोग हैं जिन्होंने अपने ऊपर अत्याचार किया—क्योंकि शिर्क सबसे बड़ा अत्याचार है—और उनके साथ उनके हमनवा और साथी भी होंगे, जो उन्हीं के जैसे काफ़िर और मुनाफ़िक़ थे। हर इंसान अपने जैसे लोगों के साथ उठाया जाएगा—सूदख़ोर सूदख़ोरों के साथ, ज़ालिम ज़ालिमों के साथ, और बदकार बदकारों के साथ।
इसके अलावा, उनके साथ वे माबूद भी इकट्ठे किए जाएँगे जिनकी वे अल्लाह के सिवा पूजा करते थे—चाहे वे मूर्तियाँ हों, पत्थर हों, या कोई और चीज़ जिसे उन्होंने ख़ुदा बना लिया था। यह सब कुछ उन्हें जहन्नम की तरफ़ धकेलने के लिए इकट्ठा किया जाएगा, ताकि उन्हें उनके किए की सज़ा दी जाए और उनके सामने उनके माबूदों की बेबसी और नाकारगी ज़ाहिर हो।
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह का इंसाफ़ कितना पूर्ण है—कोई भी ज़ालिम अपने किए से बच नहीं सकता, और हर इंसान अपने अमल के हिसाब से उठाया जाएगा। यह हमारे लिए एक बड़ी नसीहत है कि हम अपनी ज़िंदगी में अल्लाह की इबादत को अकेला करें, शिर्क से बचें, और नेक लोगों की संगत इख्तियार करें, ताकि क़यामत के दिन हमारा हश्र नेक लोगों के साथ हो। अल्लाह तआला हमें सीधे रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 20-24 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 22
सूरा अस-साफ्फात आयत 22 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (और फ़रिश्तों को हुक्म होगा कि) जो लोग (दुनिया में)…सूरा आयत 22/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 20–24. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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