अस-साफ्फात · 21/182
अनुवाद उच्चारण — सूरा अस-साफ्फात
هَٰذَا يَوْمُ الْفَصْلِ الَّذِي كُنتُم بِهِ تُكَذِّبُونَ ۝٢١
Haazaa Yawmul Faslil lazee kuntum bihee tukaziboon
📖 हिंदी अर्थ
(जवाब आएगा) ये वही फैसले का दिन है जिसको तुम लोग (दुनिया में) झूठ समझते थे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
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A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • يَوْمُ الْفَصْلِ: फैसले का दिन, यानी वह दिन जब सभी प्राणियों के बीच न्याय किया जाएगा।
  • تُكَذِّبُونَ: तुम झुठलाते थे, यानी तुम इसे नहीं मानते थे।

तफसीर (व्याख्या):

जब क़ियामत का दिन आएगा और सभी लोग अपनी-अपनी कब्रों से उठ खड़े होंगे, तो उनसे कहा जाएगा: "यह वही फैसले का दिन है जिसे तुम दुनिया में झुठलाया करते थे और जिसके आने का इनकार किया करते थे।" यह वह दिन है जब अल्लाह तआला अपने बंदों के बीच पूरे न्याय के साथ फैसला करेगा, और हर आत्मा को उसके किए का पूरा बदला दिया जाएगा।

यह दिन उन लोगों के लिए बहुत भयावह होगा जिन्होंने दुनिया में इस दिन को झुठलाया था। उन्हें उनके अंदाज़े से बिल्कुल अलग, एक ऐसे मंज़र का सामना करना पड़ेगा जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। जब वे इस दिन को अपनी आँखों से देखेंगे, तो उन्हें अपनी उस ज़िद और इनकार पर पछतावा होगा, लेकिन तब पछतावा किसी काम न आएगा।

यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला का वादा सच्चा है और उसका फैसला अटल है। जो लोग आज इस दिन को भूलकर अपनी ज़िंदगी ग़लत रास्तों पर बिताते हैं, वे कल इस दिन को देखकर हैरान रह जाएंगे।

इसलिए हमें चाहिए कि हम इस दिन पर ईमान लाएँ और अपने जीवन को अल्लाह की रज़ा के अनुसार ढालें। यह दिन हर उस इंसान के लिए खुशी का दिन होगा जिसने दुनिया में नेक काम किए और अल्लाह के हुक्मों का पालन किया। उनके लिए यह दिन इनाम और कामयाबी का दिन होगा, जबकि ज़ालिमों के लिए यह अफ़सोस और अज़ाब का दिन होगा।

आओ हम इस दिन की तैयारी करें, क्योंकि यह दिन ज़रूर आने वाला है। अल्लाह तआला हम सबको सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 19-23 — सूरा अस-साफ्फात

19فَإِنَّمَا هِيَ زَجْرَةٌ وَاحِدَةٌ فَإِذَا هُمْ يَنظُرُونَ
और तुम ज़लील होगे और वह (क़यामत) तो एक ललकार होगी फिर तो वह लोग फ़ौरन ही (ऑंखे फाड़-फाड़ के) देखने लगेंगे
20وَقَالُوا يَا وَيْلَنَا هَٰذَا يَوْمُ الدِّينِ
और कहेंगे हाए अफसोस ये तो क़यामत का दिन है
21هَٰذَا يَوْمُ الْفَصْلِ الَّذِي كُنتُم بِهِ تُكَذِّبُونَ
(जवाब आएगा) ये वही फैसले का दिन है जिसको तुम लोग (दुनिया में) झूठ समझते थे
22۞ احْشُرُوا الَّذِينَ ظَلَمُوا وَأَزْوَاجَهُمْ وَمَا كَانُوا يَعْبُدُونَ
(और फ़रिश्तों को हुक्म होगा कि) जो लोग (दुनिया में) सरकशी करते थे उनको और उनके साथियों को और खुदा को छोड़कर जिनकी परसतिश करते हैं
23مِن دُونِ اللَّهِ فَاهْدُوهُمْ إِلَىٰ صِرَاطِ الْجَحِيمِ
उनको (सबको) इकट्ठा करो फिर उन्हें जहन्नुम की राह दिखाओ
अस-साफ्फातकुरान सूची
182आयत
मक्कीअवतरण स्थान
21आयत

अनुवाद — अस-साफ्फात 21

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Saturday, October 3, 2026

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