अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَاطَّلَعَ: झाँककर देखा, निगाह डाली।
- فَرَآهُ: उसने उसे देख लिया।
- سَوَاءِ الْجَحِيمِ: जहन्नम (नरक) के बीचों-बीच, ठीक मध्य में।
तफसीर (व्याख्या):
यह वह दृश्य है जब जन्नत में प्रवेश पाने वाला वह नेक मोमिन अपने साथियों से कहता है: "क्या तुम लोग भी झाँककर देखना चाहते हो कि मेरा वह साथी (जो दुनिया में मेरा हमनशीन था और मुझे आख़िरत से ग़ाफ़िल रखना चाहता था) अब किस हाल में है?" फिर जब वह झाँकता है तो देखता है कि वही साथी नरक के बिल्कुल बीचों-बीच जल रहा है। यह दृश्य उस मोमिन के लिए अल्लाह की रहमत और अपने ईमान पर शुक्र का ज़रिया बनता है, और उसके साथियों के लिए एक सबक़ कि दुनिया में काफ़िरों और मुनाफ़िक़ों की सोहबत कितनी खतरनाक है, जबकि ईमान वालों की सोहबत कितनी नجات देने वाली है।
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला ने जन्नत और जहन्नम दोनों को हक़ के साथ बनाया है। जो लोग दुनिया में अल्लाह के हुक्मों को ठुकराते हैं और अपने नफ़्स की पैरवी करते हैं, उनका अंजाम यही है कि वे जहन्नम के बीचों-बीच होंगे। और जो लोग ईमान लाए और नेक अमल करते रहे, वे जन्नत की नेअमतों में होंगे। यह दृश्य उस मोमिन के लिए अपने रब की तरफ से एक इनाम है, कि उसे अपने दुश्मन का अंजाम दिखाया गया, ताकि उसकी खुशी और शुक्रिया और बढ़ जाए।
प्यारे भाइयो और बहनो! यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हम अपनी ज़िंदगी में किन लोगों की सोहबत चुनते हैं। क्या हम उन लोगों की तरफ देखते हैं जो हमें अल्लाह की याद दिलाते हैं, या उनकी तरफ जो हमें ग़ाफ़िल करते हैं? याद रखिए, आज की मोहब्बत और दोस्ती कल (क़यामत के दिन) या तो हमारे लिए रहमत बनेगी या अज़ाब। अल्लाह हमें सच्चे ईमान और नेक सोहबत की तौफ़ीक़ दे, और हमें जहन्नम की आग से बचाकर जन्नत की नेअमतों में दाख़िल फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 53-57 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 55
सूरा अस-साफ्फात आयत 55 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो क्या तुम लोग भी (मेरे साथ उसे झांक कर…सूरा आयत 55/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 53–57. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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