Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مُطَّلِعُونَ — देखने वाले, झाँकने वाले, जानने के लिए देखने वाले।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह वही मोमिन (ईमानवाला) है जो दुनिया में अपने काफ़िर साथी को आख़िरत के दिनों की याद दिलाता था और उसे अल्लाह के रसूलों पर ईमान लाने की दावत देता था। अब वही मोमिन जन्नत की नेअमतों (आशीर्वादों) में है, और अल्लाह तआला ने उसे अपने उस पुराने साथी का हाल जानने की तौफ़ीक़ दी। वह अपने जन्नती साथियों से कहता है: "क्या तुम भी मेरे साथ चलकर देखना चाहते हो कि मेरा वह दोस्त, जो आख़िरत का इनकार करता था, आज किस हाल में है?"
यह एक ऐसा दृश्य है जो ईमानवालों के लिए सबक़ और इबरत (शिक्षा) से भरा है। जब वह झाँकता है तो अपने उस साथी को जहन्नुम (नरक) के बीचों-बीच देखता है — वही साथी जो दुनिया में उसे बहकाने की कोशिश करता था, जो कहता था कि "क्या जब हम मर जाएँगे और मिट्टी और हड्डियाँ बन जाएँगे तो क्या हमें सज़ा दी जाएगी?" आज वह सच्चाई को अपनी आँखों से देख रहा है, लेकिन अब पछतावे का कोई फ़ायदा नहीं।
इस आयत में अल्लाह तआला हमें बताते हैं कि जन्नत और जहन्नुम दोनों हक़ीक़त हैं। जो लोग दुनिया में ईमान लाए और नेक अमल किए, वे जन्नत में होंगे, और जिन्होंने इनकार किया और गुनाह किए, वे जहन्नुम में होंगे। यह अल्लाह का न्याय है जो कभी ग़लत नहीं होता।
दावती पहलू (प्रचार पहलू):
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हमारा आज का हर अमल हमारे कल के ठिकाने को तय कर रहा है। जिस तरह उस मोमिन ने दुनिया में अपने दोस्त को सच्चाई की दावत दी, लेकिन उसने नहीं मानी — आज वह मोमिन जन्नत में है और उसका दोस्त जहन्नुम में। यह हमारे लिए सबसे बड़ी नसीहत है कि हम अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और जाननेवालों को अच्छी बात की दावत दें, और खुद भी उस पर अमल करें। अल्लाह तआला हमें सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे और हमें जन्नत की नेअमतों से नवाज़े। आमीन।
📜 आयत 52-56 — सूरा अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 54
सूरा अस-साफ्फात आयत 54 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (फिर अपने बेहश्त के साथियों से कहेगा)सूरा आयत 54/182 — सूरा अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अस-साफ्फात सुनें, सूरा अस-साफ्फात अनुवाद, सूरा अस-साफ्फात mp3, सूरा अस-साफ्फात pdf. आयत 52–56. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अस-साफ्फात
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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