अस-साफ्फात · 65/182
अनुवाद उच्चारण — अस-साफ्फात
طَلْعُهَا كَأَنَّهُ رُءُوسُ الشَّيَاطِينِ ۝٦٥
Tal`uhaa ka annahoo ru`oosush Shayaateen
📖 हिंदी अर्थ
उसके फल ऐसे (बदनुमा) हैं गोया (हू बहू) साँप के फन जिसे छूते दिल डरे
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • طَلْعُهَا: इसका फल (ज़क्कूम के पेड़ का फल)।
  • رُءُوسُ الشَّيَاطِينِ: शैतानों के सिर (यानी बेहद भयानक और कुरूप चेहरे वाले)।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत उस ज़क्कूम के पेड़ का वर्णन कर रही है जो जहन्नम की तह में उगता है। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि उस पेड़ का फल ऐसा कुरूप और भयानक है, जैसे शैतानों के सिर हों। यह एक मिसाल है जिसे अरब के लोग समझते थे, क्योंकि वे शैतानों को बेहद बदसूरत और डरावनी शक्ल वाला मानते थे। कुछ मुफ़स्सिरीन ने कहा है कि इसका मतलब सांपों के सिर हैं, जो देखने में अत्यंत भयानक होते हैं, और कुछ ने कहा कि इसका मतलब खुद शैतान हैं।

इस तशबीह (उदाहरण) का मक़सद यह बताना है कि जिस तरह शैतान की सूरत देखना इंसान के लिए सबसे ज़्यादा खौफ़नाक और नापसंदीदा होता है, उसी तरह ज़क्कूम का फल देखने में इतना कुरूप और भयानक होगा कि उसे देखते ही इंसान की रूह कांप जाएगी। और जब फल ही इतना भयानक होगा, तो उसका स्वाद कितना ख़राब और तकलीफ़देह होगा, इसका अंदाज़ा लगाना मुश्किल नहीं।

यह आयत मोमिनों के लिए एक बड़ी नसीहत है कि वे अल्लाह के हुक्मों की पालना करें और गुनाहों से बचें, ताकि ऐसे अज़ाब से महफूज़ रहें। और यह भी याद दिलाती है कि दुनिया की ख़्वाहिशों और गुनाहों की लज़्ज़त चंद रोज़ की है, लेकिन उसका अंजाम ऐसा भयानक है जिसे कोई अक़्लमंद इंसान पसंद नहीं कर सकता।

अल्लाह तआला हमें जहन्नम के अज़ाब से बचाए और जन्नत की नेमतों की तरफ़ रहनुमाई करे। आमीन।

🎧 सुनें

📜 आयत 63-67 — अस-साफ्फात

63إِنَّا جَعَلْنَاهَا فِتْنَةً لِّلظَّالِمِينَ
जिसे हमने यक़ीनन ज़ालिमों की आज़माइश के लिए बनाया है
64إِنَّهَا شَجَرَةٌ تَخْرُجُ فِي أَصْلِ الْجَحِيمِ
ये वह दरख्त हैं जो जहन्नुम की तह में उगता है
65طَلْعُهَا كَأَنَّهُ رُءُوسُ الشَّيَاطِينِ
उसके फल ऐसे (बदनुमा) हैं गोया (हू बहू) साँप के फन जिसे छूते दिल डरे
66فَإِنَّهُمْ لَآكِلُونَ مِنْهَا فَمَالِئُونَ مِنْهَا الْبُطُونَ
फिर ये (जहन्नुमी लोग) यक़ीनन उसमें से खाएँगे फिर उसी से अपने पेट भरेंगे
67ثُمَّ إِنَّ لَهُمْ عَلَيْهَا لَشَوْبًا مِّنْ حَمِيمٍ
फिर उसके ऊपर से उन को खूब खौलता हुआ पानी (पीप वग़ैरह में) मिला मिलाकर पीने को दिया जाएगा
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अनुवाद — अस-साफ्फात 65

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Tuesday, August 18, 2026

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