Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- طَلْعُهَا: इसका फल (ज़क्कूम के पेड़ का फल)।
- رُءُوسُ الشَّيَاطِينِ: शैतानों के सिर (यानी बेहद भयानक और कुरूप चेहरे वाले)।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उस ज़क्कूम के पेड़ का वर्णन कर रही है जो जहन्नम की तह में उगता है। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि उस पेड़ का फल ऐसा कुरूप और भयानक है, जैसे शैतानों के सिर हों। यह एक मिसाल है जिसे अरब के लोग समझते थे, क्योंकि वे शैतानों को बेहद बदसूरत और डरावनी शक्ल वाला मानते थे। कुछ मुफ़स्सिरीन ने कहा है कि इसका मतलब सांपों के सिर हैं, जो देखने में अत्यंत भयानक होते हैं, और कुछ ने कहा कि इसका मतलब खुद शैतान हैं।
इस तशबीह (उदाहरण) का मक़सद यह बताना है कि जिस तरह शैतान की सूरत देखना इंसान के लिए सबसे ज़्यादा खौफ़नाक और नापसंदीदा होता है, उसी तरह ज़क्कूम का फल देखने में इतना कुरूप और भयानक होगा कि उसे देखते ही इंसान की रूह कांप जाएगी। और जब फल ही इतना भयानक होगा, तो उसका स्वाद कितना ख़राब और तकलीफ़देह होगा, इसका अंदाज़ा लगाना मुश्किल नहीं।
यह आयत मोमिनों के लिए एक बड़ी नसीहत है कि वे अल्लाह के हुक्मों की पालना करें और गुनाहों से बचें, ताकि ऐसे अज़ाब से महफूज़ रहें। और यह भी याद दिलाती है कि दुनिया की ख़्वाहिशों और गुनाहों की लज़्ज़त चंद रोज़ की है, लेकिन उसका अंजाम ऐसा भयानक है जिसे कोई अक़्लमंद इंसान पसंद नहीं कर सकता।
अल्लाह तआला हमें जहन्नम के अज़ाब से बचाए और जन्नत की नेमतों की तरफ़ रहनुमाई करे। आमीन।
📜 आयत 63-67 — सूरा अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 65
सूरा अस-साफ्फात आयत 65 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उसके फल ऐसे (बदनुमा) हैं गोया (हू बहू) साँप के…सूरा आयत 65/182 — सूरा अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अस-साफ्फात सुनें, सूरा अस-साफ्फात अनुवाद, सूरा अस-साफ्फात mp3, सूरा अस-साफ्फात pdf. आयत 63–67. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अस-साफ्फात
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


