अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- لَآكِلُونَ: अवश्य खाने वाले होंगे।
- فَمَالِئُونَ: फिर भरने वाले होंगे।
- الْبُطُونَ: पेट (बहुवचन)।
तफ़सीर:
यह आयत उस भयानक पेड़ (ज़क्कूम) का हाल बयान कर रही है जो जहन्नम की तह में उगता है। इसका फल इतना कुरूप और घिनौना है कि उसे शैतानों के सिरों जैसा बताया गया है। अल्लाह तआला फ़रमाते हैं कि ये मुशरिकीन (काफ़िर) उस पेड़ के फल को खाने पर मजबूर होंगे, चाहे वह कितना ही बुरा और कड़वा क्यों न हो। उनकी भूख इतनी सख्त होगी कि वे उस घिनौने फल को भी खाएँगे और अपने पेट उसी से भर लेंगे, यहाँ तक कि उनका पेट और अधिक ग्रहण न कर सकेगा।
यह उन लोगों का अंजाम है जिन्होंने दुनिया में अल्लाह की नेमतों की कद्र नहीं की और उनके शुक्र के बजाय कुफ़्र और नाफ़रमानी की राह अपनाई। वे आज दुनिया में पेट भर खाते हैं और अल्लाह की दी हुई रिज़्क़ को भूल जाते हैं, लेकिन आख़िरत में उन्हें ऐसा खाना मिलेगा जो उनके लिए अज़ाब का ज़रिया बनेगा।
यह आयत हमारे लिए बहुत बड़ी नसीहत है। हमें चाहिए कि हम अल्लाह की दी हुई नेमतों पर शुक्र करें और उसकी नाफ़रमानी से बचें। जो लोग दुनिया में अल्लाह की राह से भटक जाते हैं और अपनी ख्वाहिशों की पैरवी करते हैं, उनका अंजाम बहुत बुरा होगा। अल्लाह हमें सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे और हमें जहन्नम के अज़ाब से महफ़ूज़ रखे। आमीन।
📜 आयत 64-68 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 66
सूरा अस-साफ्फात आयत 66 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर ये (जहन्नुमी लोग) यक़ीनन उसमें से खाएँगे फिर उसी…सूरा आयत 66/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 64–68. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








