अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَا يَغْفِرُ – क्षमा नहीं करता
- أَن يُشْرَكَ بِهِ – उसके साथ किसी को साझी ठहराना (शिर्क करना)
- مَا دُونَ ذَٰلِكَ – उससे कम (अर्थात शिर्क के अलावा अन्य पाप)
- لِمَن يَشَاءُ – जिसके लिए चाहता है
- ضَلَّ ضَلَالًا بَعِيدًا – बहुत दूर की गुमराही में भटक गया
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में अपने बंदों को सबसे बड़ी सच्चाई से अवगत करा रहे हैं कि शिर्क (अल्लाह के साथ किसी को साझी ठहराना) वह इकलौता पाप है जिसे अल्लाह कभी क्षमा नहीं करेगा। यह अल्लाह की रहमत और उसके न्याय दोनों का अद्भुत संगम है। अल्लाह ने अपने बंदों पर यह बड़ा एहसान किया है कि शिर्क के अलावा अन्य सभी पापों को वह अपनी इच्छा और रहमत से क्षमा कर सकता है। यह अल्लाह की असीम दया का प्रमाण है कि उसने गुनाहगार बंदों के लिए तौबा (पश्चाताप) का दरवाजा खुला रखा है।
लेकिन शिर्क की स्थिति यह है कि जो व्यक्ति अल्लाह के साथ किसी और को पूज्य बनाता है, वह सृष्टिकर्ता और सृष्टि को एक समान कर देता है। यह सबसे बड़ा अन्याय और सबसे गहरी गुमराही है। ऐसा व्यक्ति सत्य से इतना दूर भटक जाता है कि उसके लिए सीधे रास्ते पर लौटना अत्यंत कठिन हो जाता है। वह हर भलाई से दूर हो जाता है और उसकी सारी नेकियाँ बेकार हो जाती हैं।
इस आयत में अल्लाह ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि शिर्क करने वाले के लिए जहन्नम (नरक) में हमेशा रहना है। यह अल्लाह का फैसला है जो उसकी हिकमत (बुद्धिमत्ता) और अदल (न्याय) पर आधारित है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें अल्लाह की रहमत की ओर बुलाती है। अल्लाह ने अपने बंदों पर यह बड़ा एहसान किया है कि शिर्क के अलावा हर गुनाह की क्षमा की उम्मीद रखी है। यह हमें सिखाता है कि हमें कभी अल्लाह की रहमत से निराश नहीं होना चाहिए। चाहे हमसे कितने ही गुनाह हुए हों, अल्लाह की दया का दामन हमेशा खुला है। लेकिन साथ ही यह भी चेतावनी है कि शिर्क से बचें, क्योंकि यही वह चीज़ है जो इंसान को अल्लाह की रहमत से हमेशा के लिए वंचित कर देती है। अल्लाह की तौहीद (एकता) को अपनाकर हम अपने जीवन को सफल बना सकते हैं और उसकी रहमत के हकदार बन सकते हैं। यही सच्ची कामयाबी और सच्चा मार्गदर्शन है।
📜 आयत 114-118 — अन-निसा
अनुवाद — अन-निसा 116
सूरा अन-निसा आयत 116 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ख़ुदा बेशक उसको तो नहीं बख्शता कि उसका कोई और…सूरा आयत 116/176 — अन-निसा النساء (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-निसा सुनें, अन-निसा अनुवाद, अन-निसा mp3, अन-निसा pdf. आयत 114–118. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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