Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- नसीब (نَصِيبٌ): हिस्सा या भाग।
- मुल्क (الْمُلْكِ): राज्य, शासन या अधिकार।
- नक़ीर (نَقِيرًا): खजूर की गुठली के पीछे का वह छोटा सा गड्ढा या निशान जो बहुत ही तुच्छ और बेहद कम मात्रा को दर्शाता है।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला यहूदियों के उस दावे का खंडन कर रहे हैं जिसमें वे कहते थे कि उन्हें राज्य और अधिकार में कोई हिस्सा मिला हुआ है। अल्लाह फ़रमाता है: क्या उन्हें राज्य में कोई हिस्सा मिला है? हरगिज़ नहीं! यह उनका झूठा दावा है। अगर उन्हें राज्य में कुछ भी हिस्सा मिलता, तो भी वे अपनी कंजूसी, हसद और बुराई की वजह से लोगों को कुछ भी न देते—यहाँ तक कि खजूर की गुठली के पीछे वाला बेहद छोटा सा निशान भी नहीं। यानी वे इतने बखील (कंजूस) हैं कि दूसरों को कुछ भी देने के लिए तैयार नहीं हैं, चाहे वह चीज़ कितनी ही तुच्छ और मामूली क्यों न हो। यह आयत उनके दावे की बेबुनियादी और उनकी कंजूसी दोनों को साबित करती है।
फ़ायदे (सबक):
- यह आयत हमें सिखाती है कि दुनिया के किसी भी अधिकार या राज्य पर घमंड नहीं करना चाहिए, क्योंकि असली मालिक तो अल्लाह ही है। जिसे जितना मिलता है, अल्लाह की देन से मिलता है।
- कंजूसी और हसद (ईर्ष्या) बुरे गुण हैं। मुसलमान को सिखाया गया है कि वह दिल खोलकर खर्च करे और दूसरों की भलाई चाहे, क्योंकि अल्लाह उदार लोगों को पसंद करता है।
- इस आयत से यह भी पता चलता है कि जो लोग अल्लाह के दीन (इस्लाम) से दूर हैं, उनके दावे और वादे झूठे होते हैं। सच्चाई सिर्फ अल्लाह और उसके रसूल (ﷺ) के पास है।
- एक मुसलमान को चाहिए कि वह दूसरों के साथ भलाई करे, चाहे वह छोटी सी ही क्यों न हो। अल्लाह छोटे-बड़े हर अच्छे काम का अज्र देता है।
📜 आयत 51-55 — सूरा अन-निसा
अनुवाद — अन-निसा 53
सूरा अन-निसा आयत 53 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : क्या (दुनिया) की सल्तनत में कुछ उनका भी हिस्सा है…सूरा आयत 53/176 — सूरा अन-निसा النساء (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-निसा सुनें, सूरा अन-निसा अनुवाद, सूरा अन-निसा mp3, सूरा अन-निसा pdf. आयत 51–55. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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