अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- صَدَّ عَنْهُ: उससे मुँह मोड़ा, उस पर ईमान नहीं लाया, और दूसरों को भी उससे रोका।
- سَعِيرًا: भड़कती हुई आग, जो लगातार जलती रहे।
तफ़सीर (व्याख्या):
इन अहले-किताब (यहूद और ईसा) में से कुछ लोग ऐसे थे जिन्होंने हज़रत मुहम्मद ﷺ पर ईमान लाया और उनकी लाई हुई शिक्षाओं को अपनाया, जैसे हज़रत अब्दुल्लाह बिन सलाम (रज़ियल्लाहु अन्हु) और उनके साथी। जबकि उनमें से कुछ ऐसे भी थे जिन्होंने न केवल ईमान लाने से इनकार किया, बल्कि दूसरों को भी आप ﷺ की राह से रोका और आपकी सच्चाई को छिपाया। यह उनका रवैया उसी तरह था जैसा उनके पूर्वजों ने पैग़म्बरों के साथ किया था। ऐसे लोगों के लिए जहन्नम की भड़कती हुई आग ही काफी है, जो उन्हें उनके कुफ्र और सत्य से मुँह मोड़ने की सज़ा देगी। यह आग उनके लिए पूर्ण दंड है, और इससे बड़ी कोई सज़ा नहीं हो सकती।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- सत्य को स्वीकार करना ही सफलता की कुंजी है, चाहे वह किसी भी समुदाय से आए। जिन लोगों ने आप ﷺ पर ईमान लाया, वे सम्मानित हुए, और जिन्होंने इनकार किया, वे घाटे में रहे।
- यह आयत बताती है कि ईमान और इनकार का फैसला व्यक्ति की अपनी मर्ज़ी पर निर्भर है, और हर व्यक्ति अपने कर्मों का जिम्मेदार है।
- जहन्नम का ज़िक्र करके अल्लाह तआला बंदों को डराता है ताकि वे सत्य की राह अपनाएँ और अपने जीवन को सुधारें। यह अल्लाह की रहमत है कि उसने आगाह कर दिया, ताकि लोग अज़ाब से बच सकें।
- सत्य को छिपाना और दूसरों को रोकना बहुत बड़ा पाप है, क्योंकि यह न केवल अपने लिए बल्कि दूसरों के लिए भी गुमराही का कारण बनता है।
📜 आयत 53-57 — अन-निसा
अनुवाद — अन-निसा 55
सूरा अन-निसा आयत 55 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर कुछ लोग तो इस (किताब) पर ईमान लाए और…सूरा आयत 55/176 — अन-निसा النساء (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-निसा सुनें, अन-निसा अनुवाद, अन-निसा mp3, अन-निसा pdf. आयत 53–57. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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