अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- وَلَهَدَيْنَاهُمْ: और हम उन्हें मार्गदर्शन देते
- صِرَاطًا مُّسْتَقِيمًا: सीधा (सत्य) मार्ग
व्याख्या:
इस आयत में अल्लाह तआला बताते हैं कि यदि वे मुनाफ़िक़ (कपटी) लोग, जिन्हें ताग़ूत (अत्याचारी शासक) के पास फ़ैसला कराने का आदेश दिया गया था, अल्लाह के आदेशों का पालन करते — जैसे आपस में लड़ना या अपने घरों से निकलना — तो यह उनके लिए बेहतर होता और उनके ईमान को मज़बूती प्रदान करता। लेकिन उनमें से बहुत कम लोगों ने ही इसका पालन किया। अल्लाह फ़रमाते हैं कि अगर वे ऐसा करते, तो हम उन्हें अपनी ओर से बड़ा प्रतिफल देते और उन्हें सीधे मार्ग की ओर मार्गदर्शन करते — यानी उन्हें वह रास्ता दिखाते जो उन्हें अल्लाह की रज़ा और जन्नत तक पहुँचाता। यह मार्गदर्शन उनके अच्छे कर्मों के परिणामस्वरूप मिलता, जिससे उनका ईमान और अधिक दृढ़ होता और वे सत्य के और निकट आ जाते। यहाँ "सीधा मार्ग" से तात्पर्य इस्लाम का वह मार्ग है जो इंसान को दुनिया और आख़िरत दोनों में सफलता तक पहुँचाता है।
फ़ायदे:
- अल्लाह की आज्ञा का पालन करने से इंसान के ईमान में मज़बूती आती है और उसका विश्वास और अधिक पक्का होता है।
- अल्लाह तआला अपने वफ़ादार बंदों को न केवल आख़िरत में बल्कि दुनिया में भी सीधे मार्ग की तौफ़ीक़ देता है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि कठिन आदेशों का पालन करने में ही भलाई है, और जो अल्लाह के आदेशों पर चलता है, अल्लाह उसे कभी अकेला नहीं छोड़ता।
- सीधा मार्ग पाना अल्लाह की ओर से एक विशेष अनुग्रह है, जो उन्हीं को मिलता है जो अल्लाह की राह में अपनी जान और माल कुर्बान करने के लिए तैयार रहते हैं।
- यह आयत मुसलमानों को प्रोत्साहित करती है कि वे अल्लाह के आदेशों को अपनी समझ से बेहतर मानें और उन पर अमल करें, क्योंकि अल्लाह ही सबसे अच्छा जानने वाला है।
📜 आयत 66-70 — अन-निसा
अनुवाद — अन-निसा 68
सूरा अन-निसा आयत 68 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उनको राहे रास्त की भी ज़रूर हिदायत करतेसूरा आयत 68/176 — अन-निसा النساء (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-निसा सुनें, अन-निसा अनुवाद, अन-निसा mp3, अन-निसा pdf. आयत 66–70. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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