अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ذُقْ (ज़ुक़): चख, स्वाद ले।
- الْعَزِيزُ (अल-अज़ीज़): प्रतापी, शक्तिशाली, जिसे कोई हरा न सके।
- الْكَرِيمُ (अल-करीम): सम्मानित, उदार, जो अपनी क़ौम में बड़ा और आदरणीय हो।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उस अभिमानी और पापी व्यक्ति के बारे में है जो दुनिया में अपनी ताक़त और ऐशो-आराम पर इतराता था, और अल्लाह के आदेशों को ठुकराता था। जब वह आज आख़िरत के अज़ाब में डाला जाएगा, तो उससे तंज़ (उपहास) और मलामत (फटकार) के तौर पर कहा जाएगा: "चख इस अज़ाब का मज़ा! तू वही है जो अपनी क़ौम में अज़ीज़ (शक्तिशाली) और करीम (सम्मानित) समझा जाता था। आज तेरी वह सारी बड़ाई और इज़्ज़त कहाँ चली गई? तूने दुनिया में अपने आपको बड़ा समझा, लेकिन आज तू इस ज़िल्लत और अज़ाब के सामने बिल्कुल बेबस और लाचार है।"
यह वाक्य उसके लिए सबसे बड़ी रुसवाई का सबब है, क्योंकि उसे उसी चीज़ का सामना कराया जा रहा है जिस पर उसे नाज़ था। दुनिया में उसकी अज़्ज़त और करामत झूठी थी, और आज उसकी सच्ची हक़ीक़त उसके सामने आ चुकी है। यह अल्लाह की तरफ से एक कड़ा तंज़ है, ताकि वह समझे कि असली अज़्ज़त और करामत सिर्फ़ अल्लाह के पास है, और उसकी नाफ़रमानी उसे किसी भी इज़्ज़त तक नहीं पहुँचा सकती।
दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):
यह आयत हमें सिखाती है कि दुनिया की चमक-दमक, माल-दौलत, और क़ौम में बड़ाई — यह सब कुछ फ़ानी (नाशवान) है। जो व्यक्ति इन चीज़ों पर घमंड करता है और अल्लाह की इबादत से मुँह मोड़ता है, उसका अंजाम बहुत बुरा होगा। एक मोमिन को चाहिए कि वह अल्लाह के सामने झुके, उसकी रहमत और मग़फिरत का तालिब रहे, और याद रखे कि असली इज़्ज़त तो अल्लाह की इताअत (आज्ञाकारिता) में है। अल्लाह हमें घमंड और अकड़ से बचाए और हमें अपनी रहमत से नवाज़े। आमीन।
📜 आयत 47-51 — अद-दुखान
अनुवाद — अद-दुखान 49
सूरा अद-दुखान आयत 49 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बेशक तू तो बड़ा इज्ज़त वाला सरदार हैसूरा आयत 49/59 — अद-दुखान الدخان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अद-दुखान सुनें, अद-दुखान अनुवाद, अद-दुखान mp3, अद-दुखान pdf. आयत 47–51. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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