अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَغْفِرُوا – क्षमा करें, दरगुज़र करें
- لَا يَرْجُونَ – उम्मीद नहीं रखते, डरते नहीं
- أَيَّامَ اللَّهِ – अल्लाह के दिन, यानी अल्लाह की ओर से पिछली उम्मतों पर आई विपत्तियाँ और उसकी शक्ति के प्रमाण
- لِيَجْزِيَ – ताकि बदला दे
- يَكْسِبُونَ – कमाते हैं, कर्म करते हैं
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप उन लोगों से कहें जो ईमान लाए हैं कि वे उन लोगों को क्षमा कर दें जो अल्लाह के दिनों की परवाह नहीं करते—यानी जो अल्लाह की शक्ति, उसकी पकड़ और पिछली उम्मतों पर आई उसकी यातनाओं से सबक़ नहीं लेते, और न ही उसके अज़ाब से डरते हैं। ये लोग मोमिनीन को सताते हैं, उन्हें तकलीफ़ देते हैं और उनका मज़ाक उड़ाते हैं।
अल्लाह तआला अपने प्यारे बंदों को सिखा रहा है कि वे इन ज़ालिमों के ज़ुल्म के बदले में सब्र करें, उन्हें माफ़ कर दें और उनके साथ नेकी का बर्ताव करें। यह नसीहत इसलिए है कि अल्लाह ख़ुद हर क़ौम को उसके किए का पूरा-पूरा बदला देगा—मोमिनीन को उनके सब्र और नेकी का अज्र, और काफ़िरों को उनके ज़ुल्म और बुरे कर्मों की सज़ा। अल्लाह किसी का अमल ज़ाइए नहीं करता।
इस आयत में मोमिनीन के लिए एक बड़ी नेकी की तालीम है—दरगुज़र और क्षमा का जज़्बा। यही वह ख़ूबी है जो एक मुसलमान को दूसरों से अलग करती है। जब हम बदले की आग में जलने के बजाय माफ़ी की ठंडक चुनते हैं, तो हमारा दिल साफ़ रहता है और अल्लाह की रहमत हमारे करीब आती है। याद रखिए, अल्लाह ने इंसाफ़ का हुक्म दिया है, लेकिन जो माफ़ कर दे और सुधार करे, उसका अज्र अल्लाह के ज़िम्मे है।
प्यारे मोमिनीन! जब कोई आपको तकलीफ़ दे, तो उसके बदले में बुराई न करें, बल्कि अल्लाह के वादे पर भरोसा रखें कि वह हर ज़ालिम को उसके किए की सज़ा देगा और हर नेक को उसकी नेकी का फल। यही सब्र और दरगुज़र आपको अल्लाह की मुहब्बत के क़रीब लाता है और आपके दर्जे बुलंद करता है। क़ुरआन की यह तालीम हमें सिखाती है कि हम अपने दिलों को किन्ना और हसद से पाक रखें, क्योंकि माफ़ी ही वह चाबी है जो दिलों के ताले खोलती है और समाज में मुहब्बत और भाईचारे का रास्ता बनाती है।
📜 आयत 12-16 — अल-जासिया
अनुवाद — अल-जासिया 14
सूरा अल-जासिया आयत 14 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) मोमिनों से कह दो कि जो लोग ख़ुदा…सूरा आयत 14/37 — अल-जासिया الجاثية (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-जासिया सुनें, अल-जासिया अनुवाद, अल-जासिया mp3, अल-जासिया pdf. आयत 12–16. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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