Wa iz qaalal laahu yaa `Eesab na Maryama `a-anta qulta linnaasit takhizoonee wa ummiya ilaahaini min doonil laahi qaala Subhaanaka maa yakoonu leee anaqoola maa yakkoonu leee an aqoola maa laisa lee bihaqq; in kuntu qultuhoo faqad `alimtah; ta`lamu maa fee nafsee wa laaa a`almu maa fee nafsik; innaka Anta `Allaamul Ghuyoob
📖 अनुवाद (हिंदी अर्थ)
📖 हिंदी अर्थ
और (वह वक्त भी याद करो) जब क़यामत में ईसा से ख़ुदा फरमाएग कि (क्यों) ऐ मरियम के बेटे ईसा क्या तुमने लोगों से ये कह दिया था कि ख़ुदा को छोड़कर मुझ को और मेरी माँ को ख़ुदा बना लो ईसा अर्ज़ करेगें सुबहान अल्लाह मेरी तो ये मजाल न थी कि मै ऐसी बात मुँह से निकालूं जिसका मुझे कोई हक़ न हो (अच्छा) अगर मैने कहा होगा तो तुझको ज़रुर मालूम ही होगा क्योंकि तू मेरे दिल की (सब बात) जानता है हाँ अलबत्ता मै तेरे जी की बात नहीं जानता (क्योंकि) इसमें तो शक़ ही नहीं कि तू ही ग़ैब की बातें ख़ूब जानता है
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اور (اس وقت کو بھی یاد رکھو) جب خدا فرمائے گا کہ اے عیسیٰ بن مریم! کیا تم نے لوگوں سے کہا تھا کہ خدا کے سوا مجھے اور میری والدہ کو معبود مقرر کرو؟ وہ کہیں گے کہ تو پاک ہے مجھے کب شایاں تھا کہ میں ایسی بات کہتا جس کا مجھے کچھ حق نہیں اگر میں نے ایسا کہا ہوگا تو تجھ کو معلوم ہوگا (کیونکہ) جو بات میرے دل میں ہے تو اسے جانتا ہے اور جو تیرے ضمیر میں ہے اسے میں نہیں جانتا بےشک تو علاّم الغیوب ہے
مَا يَكُونُ لِي: मेरे लिए उचित नहीं, मेरा हक़ नहीं
عَلَّامُ الْغُيُوبِ: छिपी हुई चीज़ों का सबसे बड़ा जानने वाला
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला क़यामत के दिन ईसा अलैहिस्सलाम से पूछेगा: "ऐ मरयम के बेटे ईसा! क्या तूने लोगों से कहा था कि मुझे और मेरी माँ को अल्लाह के सिवा दो पूजनीय बना लो?" यह प्रश्न उन लोगों को फटकारने के लिए होगा जिन्होंने ईसा और मरयम को पूजा, और यह भी स्पष्ट करने के लिए कि ईसा इस बात से बिल्कुल मुक्त हैं।
इस पर ईसा अलैहिस्सलाम अल्लाह की पाकी बयान करते हुए जवाब देंगे: "तू पाक है! मेरे लिए यह कभी उचित नहीं था कि मैं वह बात कहूँ जो मेरे लिए सही नहीं है। मैं तो केवल सच्चाई और तेरा संदेश ही लोगों तक पहुँचाता था। अगर मैंने ऐसा कहा होता तो तुझे ज़रूर मालूम होता, क्योंकि तू मेरे दिल की हर बात जानता है, जबकि मैं तेरे इल्म की गहराई को नहीं जान सकता। बेशक तू ही सब छिपी और खुली चीज़ों का जानने वाला है।"
यह जवाब ईसा अलैहिस्सलाम की बराअत (पवित्रता) है, और साथ ही यह भी सबक है कि नबी कभी अल्लाह के साथ शिर्क की बात नहीं कर सकते। वे तो केवल अल्लाह के आदेशों के प्रचारक थे।
फ़ायदे (सीख):
नबियों की पाकी: यह आयत साबित करती है कि अल्लाह के सभी नबी शिर्क और झूठ से पूरी तरह पाक हैं। ईसा अलैहिस्सलाम ने कभी खुद को पूजनीय नहीं बताया।
अल्लाह का इल्म: अल्लाह हर छिपी और खुली चीज़ को जानता है, यहाँ तक कि दिलों के राज़ भी। यह हमें सिखाता है कि हमें हर वक़्त याद रखना चाहिए कि अल्लाह हमारे अंदर की बातें भी जानता है, इसलिए नेक बनें।
तौहीद की अहमियत: यह आयत शिर्क की सख्त मनाही करती है। किसी इंसान को, चाहे वह नबी ही क्यों न हो, अल्लाह के साथ शरीक नहीं बनाया जा सकता।
अच्छे अंदाज़ में जवाब: ईसा अलैहिस्सलाम ने जिस अदब और नम्रता से जवाब दिया, वह हमें सिखाता है कि सवालों का जवाब हमेशा अच्छे अंदाज़ में और सच्चाई के साथ देना चाहिए।
अल्लाह की रहमत: यह आयत बताती है कि अल्लाह क़यामत के दिन भी अपने नबियों से प्यार और इज़्ज़त के साथ बात करेगा, और उनकी बराअत करेगा। यह मोमिनों के लिए उम्मीद की बात है कि अल्लाह अपने सच्चे बंदों की हिफ़ाज़त करता है।
और (वह वक्त भी याद करो) जब क़यामत में ईसा से ख़ुदा फरमाएग कि (क्यों) ऐ मरियम के बेटे ईसा क्या तुमने लोगों से ये कह दिया था कि ख़ुदा को छोड़कर मुझ को और मेरी माँ को ख़ुदा बना लो ईसा अर्ज़ करेगें सुबहान अल्लाह मेरी तो ये मजाल न थी कि मै ऐसी बात मुँह से निकालूं जिसका मुझे कोई हक़ न हो (अच्छा) अगर मैने कहा होगा तो तुझको ज़रुर मालूम ही होगा क्योंकि तू मेरे दिल की (सब बात) जानता है हाँ अलबत्ता मै तेरे जी की बात नहीं जानता (क्योंकि) इसमें तो शक़ ही नहीं कि तू ही ग़ैब की बातें ख़ूब जानता है
(तब) मरियम के बेटे ईसा ने (बारगाहे ख़ुदा में) अर्ज़ की ख़ुदा वन्दा ऐ हमारे पालने वाले हम पर आसमान से एक ख्वान (नेअमत) नाज़िल फरमा कि वह दिन हम लोगों के लिए हमारे अगलों के लिए और हमारे पिछलों के लिए ईद का करार पाए (और हमारे हक़ में) तेरी तरफ से एक बड़ी निशानी हो और तू हमें रोज़ी दे और तू सब रोज़ी देने वालो से बेहतर है
खुदा ने फरमाया मै ख्वान तो तुम पर ज़रुर नाज़िल करुगाँ (मगर याद रहे कि) फिर तुममें से जो भी शख़्श उसके बाद काफ़िर हुआ तो मै उसको यक़ीन ऐसे सख्त अज़ाब की सज़ा दूँगा कि सारी ख़ुदायी में किसी एक पर भी वैसा (सख्त) अज़ाब न करुगाँ
और (वह वक्त भी याद करो) जब क़यामत में ईसा से ख़ुदा फरमाएग कि (क्यों) ऐ मरियम के बेटे ईसा क्या तुमने लोगों से ये कह दिया था कि ख़ुदा को छोड़कर मुझ को और मेरी माँ को ख़ुदा बना लो ईसा अर्ज़ करेगें सुबहान अल्लाह मेरी तो ये मजाल न थी कि मै ऐसी बात मुँह से निकालूं जिसका मुझे कोई हक़ न हो (अच्छा) अगर मैने कहा होगा तो तुझको ज़रुर मालूम ही होगा क्योंकि तू मेरे दिल की (सब बात) जानता है हाँ अलबत्ता मै तेरे जी की बात नहीं जानता (क्योंकि) इसमें तो शक़ ही नहीं कि तू ही ग़ैब की बातें ख़ूब जानता है
तूने मुझे जो कुछ हुक्म दिया उसके सिवा तो मैने उनसे कुछ भी नहीं कहा यही कि ख़ुदा ही की इबादत करो जो मेरा और तुम्हारा सबका पालने वाला है और जब तक मैं उनमें रहा उन की देखभाल करता रहा फिर जब तूने मुझे (दुनिया से) उठा लिया तो तू ही उनका निगेहबान था और तू तो ख़ुद हर चीज़ का गवाह (मौजूद) है
तू अगर उन पर अज़ाब करेगा तो (तू मालिक है) ये तेरे बन्दे हैं और अगर उन्हें बख्श देगा तो (कोई तेरा हाथ नहीं पकड़ सकता क्योंकि) बेशक तू ज़बरदस्त हिकमत वाला है
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