Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- طَيِّبَاتِ (तय्यिबात): वे पवित्र और उत्तम चीज़ें जिन्हें अल्लाह ने हलाल किया है।
- لَا تَعْتَدُوا (ला त'तदू): हद से आगे न बढ़ो, अल्लाह की निर्धारित सीमाओं का उल्लंघन मत करो।
- الْمُعْتَدِينَ (अल-मु'तदीन): हद से बढ़ने वाले, सीमाओं का उल्लंघन करने वाले।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ ईमान वालों! अल्लाह ने तुम्हारे लिए जो पवित्र और उत्तम चीज़ें हलाल की हैं—जैसे अच्छे खाने-पीने की वस्तुएँ, स्वच्छ पेय, और वैध विवाह—उन्हें हराम मत ठहराओ। कुछ लोग अत्यधिक ज़ुह्द (तपस्या) या कठोरता के कारण अपने ऊपर हलाल चीज़ों को प्रतिबंधित कर लेते थे, जैसे मांस, मीठी चीज़ें, या स्त्रियों से दूरी बनाना। यह अल्लाह की ओर से दी गई नेमतों को ठुकराना है और उसकी विधान में अनुचित हस्तक्षेप है। अल्लाह ने जो हलाल किया है, उसे हराम करना या उससे परहेज़ करना धर्म का हिस्सा नहीं है।
साथ ही, अल्लाह की सीमाओं का उल्लंघन मत करो—न हलाल को हराम बनाकर और न हराम को हलाल ठहराकर। जो लोग अपनी मनमानी से अल्लाह के कानून में बदलाव करते हैं या उसकी निर्धारित सीमाओं से आगे बढ़ते हैं, अल्लाह उन्हें पसंद नहीं करता। वास्तव में, वह ऐसे लोगों से घृणा करता है और उन्हें अपने प्रेम से वंचित रखता है।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- इस्लाम एक आसान और संतुलित धर्म है। अल्लाह ने जो हलाल किया है, उसमें भलाई और आराम है। उसे त्यागना या हराम ठहराना अल्लाह की नेमतों की नाशुक्री है।
- धर्म में कठोरता और अतिशयता (ग़ुलू) इस्लामी शिक्षा के विपरीत है। नबी ﷺ ने भी ऐसे लोगों से बचने की ताकीद की है जो हद से बढ़ जाते हैं।
- अल्लाह की सीमाओं का सम्मान करना ही सच्ची ईमानदारी है। हलाल को हलाल और हराम को हराम मानना ही मोमिन का कर्तव्य है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की रहमत और उसके दिए गए अच्छे पदार्थों का आनंद लेना चाहिए, बशर्ते वे जायज़ हों। इससे जीवन में खुशी और शुक्र की भावना पैदा होती है।
- अल्लाह की नाराज़गी से बचने का रास्ता यह है कि हम उसकी निर्धारित सीमाओं पर अमल करें और अपनी इच्छाओं को शरीयत के आगे समर्पित करें।
📜 आयत 85-89 — सूरा अल-माइदा
अनुवाद — अल-माइदा 87
सूरा अल-माइदा आयत 87 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ ईमानदार जो पाक चीज़े ख़ुदा ने तुम्हारे वास्ते हलाल…सूरा आयत 87/120 — सूरा अल-माइदा المائدة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-माइदा सुनें, सूरा अल-माइदा अनुवाद, सूरा अल-माइदा mp3, सूरा अल-माइदा pdf. आयत 85–89. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-माइदा
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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