अल-माइदा · 90/120
अनुवाद उच्चारण — अल-माइदा
يَا أَيُّهَا الَّذِينَ آمَنُوا إِنَّمَا الْخَمْرُ وَالْمَيْسِرُ وَالْأَنصَابُ وَالْأَزْلَامُ رِجْسٌ مِّنْ عَمَلِ الشَّيْطَانِ فَاجْتَنِبُوهُ لَعَلَّكُمْ تُفْلِحُونَ ۝٩٠
yaaa aiyuhal lazeena aamanooo innamal khamru walmaisiru wal ansaabu wal azlaamu rijsum min `amalish shaitaani fajtaniboohu la`al lakum tuflihoon
📖 हिंदी अर्थ
ऐ ईमानदारों शराब, जुआ और बुत और पाँसे तो बस नापाक (बुरे) शैतानी काम हैं तो तुम लोग इससे बचे रहो ताकि तुम फलाह पाओ
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • अल-ख़म्र (शराब): हर वह चीज़ जो अक़्ल को ढक दे या ज़ाइल कर दे, चाहे वह पीने की हो या किसी और रूप में हो।
  • अल-मैसिर (जुआ): वह खेल या लेन-देन जिसमें दोनों पक्षों की ओर से माल या राशि दाँव पर लगाई जाए और एक पक्ष जीते, दूसरा हारे।
  • अल-अंसाब (बुत/आसन): वे पत्थर या मूर्तियाँ जिन्हें मुशरिकीन (बहुदेववादी) पूजा के लिए खड़ा करते थे या उनके पास जानवरों की क़ुर्बानी देते थे।
  • अल-अज़लाम (तीर/पर्चियाँ): वे तीर या पर्चियाँ जिनसे मुशरिकीन भविष्य जानने या किसी काम के शुभ-अशुभ होने का फ़ैसला करते थे।

तफ़सीर (व्याख्या):

ऐ ईमान लाने वालों! अल्लाह तआला आपको साफ़ और स्पष्ट हिदायत दे रहा है कि शराब (हर नशीली चीज़), जुआ, बुत-प्रतिमाएँ (जिन्हें पूजा के लिए खड़ा किया जाए) और भविष्य जानने के तीर-पर्चियाँ — ये सब "रिज्स" हैं, यानी नापाक, गंदी और ख़बीस चीज़ें हैं। ये अल्लाह की तरफ़ से नहीं, बल्कि शैतान के काम हैं — शैतान ने इन्हें सजाया-संवारा है ताकि इंसानों को गुमराह कर सके।

शराब अक़्ल को ख़त्म कर देती है, इंसान को अपनी हालत का एहसास नहीं रहता, और वह ऐसी हरकतें कर बैठता है जिन पर बाद में पछताना पड़ता है। जुआ इंसान को लालच में डालता है, उसकी कमाई को हराम बनाता है, और समाज में दुश्मनी व बैर पैदा करता है। बुतों की पूजा और भविष्य जानने के तीर — ये सब शिर्क (अल्लाह के साथ साझीदार ठहराने) की जड़ें हैं, जो इंसान को अल्लाह की तौहीद से दूर कर देती हैं।

अल्लाह तआला फ़रमाता है: "इन सब से बचो!" यह सिर्फ़ एक मना करना नहीं है, बल्कि एक प्यार भरा हुक्म है — क्योंकि अल्लाह आपकी भलाई चाहता है। वह चाहता है कि आप इन गंदगियों से दूर रहकर "फ़लाह" (सफलता) पाएँ — यानी दुनिया में सुकून, साफ़ दिल और अच्छी ज़िंदगी, और आख़िरत में जन्नत की नेमतें।

याद रखिए! शैतान का यही तरीक़ा रहा है — वह इन चीज़ों को खूबसूरत दिखाता है, लेकिन अंजाम तबाही ही होता है। अल्लाह ने इन्हें हराम करके आप पर रहम किया है, ताकि आप उसकी राह पर चलकर कामयाब हों। जो इनसे बचेगा, अल्लाह उसे दुनिया में इज़्ज़त देगा और आख़िरत में जन्नत अता करेगा। यही असली कामयाबी है — और यही वह रास्ता है जिस पर चलकर इंसान अपने रब का करीबी बनता है और शैतान की गुलामी से आज़ाद हो जाता है।

तो ऐ ईमान वालों! अल्लाह के इस हुक्म को दिल से क़बूल करें, इन हराम चीज़ों से दूर रहें, और अपनी ज़िंदगी को पाक और साफ़ बनाएँ — ताकि आप दोनों जहानों में फलाह पाएँ। अल्लाह आपसे बहुत मुहब्बत करता है, और यही उसकी मुहब्बत का तक़ाज़ा है कि वह आपको उन चीज़ों से बचाए जो आपके लिए बर्बादी का सबब बन सकती हैं।

🎧 सुनें

📜 आयत 88-92 — अल-माइदा

88وَكُلُوا مِمَّا رَزَقَكُمُ اللَّهُ حَلَالًا طَيِّبًا ۚ وَاتَّقُوا اللَّهَ الَّذِي أَنتُم بِهِ مُؤْمِنُونَ
और जो हलाल साफ सुथरी चीज़ें ख़ुदा ने तुम्हें दी हैं उनको (शौक़ से) खाओ और जिस ख़ुदा पर तुम ईमान लाए हो उससे डरते रहो
89لَا يُؤَاخِذُكُمُ اللَّهُ بِاللَّغْوِ فِي أَيْمَانِكُمْ وَلَٰكِن يُؤَاخِذُكُم بِمَا عَقَّدتُّمُ الْأَيْمَانَ ۖ فَكَفَّارَتُهُ إِطْعَامُ عَشَرَةِ مَسَاكِينَ مِنْ أَوْسَطِ مَا تُطْعِمُونَ أَهْلِيكُمْ أَوْ كِسْوَتُهُمْ أَوْ تَحْرِيرُ رَقَبَةٍ ۖ فَمَن لَّمْ يَجِدْ فَصِيَامُ ثَلَاثَةِ أَيَّامٍ ۚ ذَٰلِكَ كَفَّارَةُ أَيْمَانِكُمْ إِذَا حَلَفْتُمْ ۚ وَاحْفَظُوا أَيْمَانَكُمْ ۚ كَذَٰلِكَ يُبَيِّنُ اللَّهُ لَكُمْ آيَاتِهِ لَعَلَّكُمْ تَشْكُرُونَ
ख़ुदा तुम्हारे बेकार (बेकार) क़समों (के खाने) पर तो ख़ैर गिरफ्तार न करेगा मगर बाक़सद (सच्ची) पक्की क़सम खाने और उसके ख़िलाफ करने पर तो ज़रुर तुम्हारी ले दे करेगा (लो सुनो) उसका जुर्माना जैसा तुम ख़ुद अपने एहलोअयाल को खिलाते हो उसी क़िस्म का औसत दर्जे का दस मोहताजों को खाना खिलाना या उनको कपड़े पहनाना या एक गुलाम आज़ाद करना है फिर जिससे यह सब न हो सके तो मैं तीन दिन के रोज़े (रखना) ये (तो) तुम्हारी क़समों का जुर्माना है जब तुम क़सम खाओ (और पूरी न करो) और अपनी क़समों (के पूरा न करने) का ख्याल रखो ख़ुदा अपने एहकाम को तुम्हारे वास्ते यूँ साफ़ साफ़ बयान करता है ताकि तुम शुक्र करो
90يَا أَيُّهَا الَّذِينَ آمَنُوا إِنَّمَا الْخَمْرُ وَالْمَيْسِرُ وَالْأَنصَابُ وَالْأَزْلَامُ رِجْسٌ مِّنْ عَمَلِ الشَّيْطَانِ فَاجْتَنِبُوهُ لَعَلَّكُمْ تُفْلِحُونَ
ऐ ईमानदारों शराब, जुआ और बुत और पाँसे तो बस नापाक (बुरे) शैतानी काम हैं तो तुम लोग इससे बचे रहो ताकि तुम फलाह पाओ
91إِنَّمَا يُرِيدُ الشَّيْطَانُ أَن يُوقِعَ بَيْنَكُمُ الْعَدَاوَةَ وَالْبَغْضَاءَ فِي الْخَمْرِ وَالْمَيْسِرِ وَيَصُدَّكُمْ عَن ذِكْرِ اللَّهِ وَعَنِ الصَّلَاةِ ۖ فَهَلْ أَنتُم مُّنتَهُونَ
शैतान की तो बस यही तमन्ना है कि शराब और जुए की बदौलत तुममें बाहम अदावत व दुशमनी डलवा दे और ख़ुदा की याद और नमाज़ से बाज़ रखे तो क्या तुम उससे बाज़ आने वाले हो
92وَأَطِيعُوا اللَّهَ وَأَطِيعُوا الرَّسُولَ وَاحْذَرُوا ۚ فَإِن تَوَلَّيْتُمْ فَاعْلَمُوا أَنَّمَا عَلَىٰ رَسُولِنَا الْبَلَاغُ الْمُبِينُ
और ख़ुदा का हुक्म मानों और रसूल का हुक्म मानों और (नाफ़रमानी) से बचे रहो इस पर भी अगर तुमने (हुक्म ख़ुदा से) मुँह फेरा तो समझ रखो कि हमारे रसूल पर बस साफ़ साफ़ पैग़ाम पहुँचा देना फर्ज है
अल-माइदाकुरान सूची
120आयत
मदनीRevelation
90आयत

अनुवाद — अल-माइदा 90

सूरा अल-माइदा आयत 90 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ ईमानदारों शराब, जुआ और बुत और पाँसे तो बस…

सूरा आयत 90/120 — अल-माइदा المائدة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-माइदा सुनें, अल-माइदा अनुवाद, अल-माइदा mp3, अल-माइदा pdf. आयत 88–92. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए