काफ · 28/45
अनुवाद उच्चारण — काफ
قَالَ لَا تَخْتَصِمُوا لَدَيَّ وَقَدْ قَدَّمْتُ إِلَيْكُم بِالْوَعِيدِ ۝٢٨
Qaala laa takhtasimoo ladaayya wa qad qaddamtu ilaikum bilwa`eed
📖 हिंदी अर्थ
इस पर ख़ुदा फ़रमाएगा हमारे सामने झगड़े न करो मैं तो तुम लोगों को पहले ही (अज़ाब से) डरा चुका था

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • لَدَيَّ (लदैय्य): मेरे पास, मेरी उपस्थिति में।
  • قَدَّمْتُ (क़द्दम्तु): मैंने पहले ही भेज दिया, पेश कर दिया।
  • الْوَعِيد (अल-वईद): डरावनी चेतावनी, सज़ा की धमकी।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला उस दिन काफ़िरों और मुनाफ़िक़ों से फ़रमाएगा: "मेरे सामने झगड़ा मत करो, और न ही बहस में पड़ो। आज यहाँ किसी की कोई दलील या सफ़ाई काम नहीं आएगी, क्योंकि मैंने तुम्हें दुनिया में पहले ही साफ़-साफ़ चेतावनी दे दी थी। मेरे रसूल तुम्हारे पास आए, मेरी किताबें उतारी गईं, और तुम्हें बता दिया गया कि कुफ़्र और नाफ़रमानी का अंजाम क्या है। मैंने तुम्हें आग के अज़ाब से डराया, क़यामत के दिन से सचेत किया, और तौबा का दरवाज़ा भी खुला रखा — लेकिन तुमने मेरी बात नहीं मानी, मेरे रसूलों को झुठलाया और अपनी सरकशी पर अड़े रहे।"

यह वह मौक़ा होगा जब हर शख्स अपनी जान बचाने की कोशिश में लगा होगा, और काफ़िर लोग एक-दूसरे को इल्ज़ाम देंगे — शैतान अपने पैरोकारों को, और पैरोकार अपने सरदारों को। लेकिन अल्लाह तआला फ़रमाएगा: "यहाँ झगड़ने का कोई फ़ायदा नहीं, क्योंकि फ़ैसला पहले ही हो चुका है, और मेरी चेतावनी तुम तक पहुँच चुकी थी। अब सिर्फ अज़ाब का सामना करो।"

इस आयत में हमारे लिए बहुत बड़ी नसीहत है — अल्लाह रहमान है, लेकिन वह इंसाफ़ का मालिक भी है। उसने किसी पर ज़ुल्म नहीं किया; उसने हर इंसान को अक़्ल दी, रसूल भेजे, किताबें नाज़िल कीं, और हिदायत का रास्ता साफ़ कर दिया। फिर भी जो लोग अंधेरे में भटकते रहे, उनके पास क़यामत के दिन कोई बहाना नहीं होगा।

प्यारे भाइयो और बहनो! आज हमारे पास मौक़ा है — तौबा का दरवाज़ा खुला है, दुआ का वक़्त है, और रहमत की बारिश हो रही है। आओ, हम अपने रब की चेतावनी को गंभीरता से लें, अपनी ज़िंदगी को सुधारें, और उस दिन की शर्मिंदगी से बचें जब कोई बहाना काम न आएगा। अल्लाह हमें सीधे रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 26-30 — काफ

26الَّذِي جَعَلَ مَعَ اللَّهِ إِلَٰهًا آخَرَ فَأَلْقِيَاهُ فِي الْعَذَابِ الشَّدِيدِ
जिसने ख़ुदा के साथ दूसरे माबूद बना रखे थे तो अब तुम दोनों इसको सख्त अज़ाब में डाल ही दो
27۞ قَالَ قَرِينُهُ رَبَّنَا مَا أَطْغَيْتُهُ وَلَٰكِن كَانَ فِي ضَلَالٍ بَعِيدٍ
(उस वक्त) उसका साथी (शैतान) कहेगा परवरदिगार हमने इसको गुमराह नहीं किया था बल्कि ये तो ख़ुद सख्त गुमराही में मुब्तिला था
28قَالَ لَا تَخْتَصِمُوا لَدَيَّ وَقَدْ قَدَّمْتُ إِلَيْكُم بِالْوَعِيدِ
इस पर ख़ुदा फ़रमाएगा हमारे सामने झगड़े न करो मैं तो तुम लोगों को पहले ही (अज़ाब से) डरा चुका था
29مَا يُبَدَّلُ الْقَوْلُ لَدَيَّ وَمَا أَنَا بِظَلَّامٍ لِّلْعَبِيدِ
मेरे यहाँ बात बदला नहीं करती और न मैं बन्दों पर (ज़र्रा बराबर) ज़ुल्म करने वाला हूँ
30يَوْمَ نَقُولُ لِجَهَنَّمَ هَلِ امْتَلَأْتِ وَتَقُولُ هَلْ مِن مَّزِيدٍ
उस दिन हम दोज़ख़ से पूछेंगे कि तू भर चुकी और वह कहेगी क्या कुछ और भी हैं
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अनुवाद — काफ 28

सूरा काफ आयत 28 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : इस पर ख़ुदा फ़रमाएगा हमारे सामने झगड़े न करो मैं…

सूरा आयत 28/45 — काफ ق (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: काफ सुनें, काफ अनुवाद, काफ mp3, काफ pdf. आयत 26–30. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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