काफ · 30/45
अनुवाद उच्चारण — काफ
يَوْمَ نَقُولُ لِجَهَنَّمَ هَلِ امْتَلَأْتِ وَتَقُولُ هَلْ مِن مَّزِيدٍ ۝٣٠
Yawma naqoolu li`jahannama halim talaati wa taqoolu hal mim mazeed
📖 हिंदी अर्थ
उस दिन हम दोज़ख़ से पूछेंगे कि तू भर चुकी और वह कहेगी क्या कुछ और भी हैं
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • هَلِ امْتَلَأْتِ: क्या तू भर गई?
  • هَلْ مِن مَّزِيدٍ: क्या कोई और अधिक (दाखिल होने वाला) है?

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला फ़रमाता है कि उस दिन (क़ियामत के दिन) हम जहन्नम से कहेंगे: "क्या तू भर गई?" और जहन्नम अदब के साथ, अपने रब की बंदगी और उसके हुक्म के सामने सर झुकाते हुए जवाब देगी: "क्या कोई और मज़ीद (अधिक) है?" यानी वह और अधिक काफ़िरों और गुनाहगारों को अपने अंदर दाखिल करने की तमन्ना रखेगी, क्योंकि वह अपने रब के ग़ुस्से से ग़ुस्से में होगी और उन लोगों से नफ़रत करेगी जिन्होंने दुनिया में अल्लाह की नाफ़रमानी की।

फिर अल्लाह तआला अपना पैर (क़दम) जहन्नम में रखेगा, जैसा कि सहीह हदीस में आया है, तो जहन्नम का एक हिस्सा दूसरे हिस्से से जुड़ जाएगा और वह कहेगी: "बस, बस!" (यानी अब मैं भर गई)। यह अल्लाह की क़ुदरत और उसके इंसाफ़ का मंज़र है कि जहन्नम, जो अल्लाह की मख़लूक़ है, उसके हुक्म की पाबंद है और वह उन काफ़िरों के लिए तैयार है जिन्होंने हक़ को झुठलाया।

इस आयत में उन लोगों के लिए बड़ी नसीहत और डर है जो गुनाहों में मुब्तला हैं। यह हमें बताती है कि अल्लाह का अज़ाब बहुत सख्त है और जहन्नम उन लोगों के लिए भरी हुई है जो उसके हुक्म से सरकशी करते हैं। लेकिन साथ ही यह रहमत का पैग़ाम भी है कि अल्लाह ने अपने बंदों को आगाह कर दिया है ताकि वे तौबा कर लें और अपने रब की रहमत की तरफ लौट आएं। अल्लाह तआला बड़ा मेहरबान है, वह चाहता है कि बंदे उसकी रहमत की तरफ रुजू करें और जहन्नम के अज़ाब से बचें। क़ुरआन का यह खूबसूरत अंदाज़ है कि वह डराने के साथ साथ उम्मीद भी देता है, ताकि लोग अपने रब की तरफ पलटें और नेक अमल करें।

🎧 सुनें

📜 आयत 28-32 — काफ

28قَالَ لَا تَخْتَصِمُوا لَدَيَّ وَقَدْ قَدَّمْتُ إِلَيْكُم بِالْوَعِيدِ
इस पर ख़ुदा फ़रमाएगा हमारे सामने झगड़े न करो मैं तो तुम लोगों को पहले ही (अज़ाब से) डरा चुका था
29مَا يُبَدَّلُ الْقَوْلُ لَدَيَّ وَمَا أَنَا بِظَلَّامٍ لِّلْعَبِيدِ
मेरे यहाँ बात बदला नहीं करती और न मैं बन्दों पर (ज़र्रा बराबर) ज़ुल्म करने वाला हूँ
30يَوْمَ نَقُولُ لِجَهَنَّمَ هَلِ امْتَلَأْتِ وَتَقُولُ هَلْ مِن مَّزِيدٍ
उस दिन हम दोज़ख़ से पूछेंगे कि तू भर चुकी और वह कहेगी क्या कुछ और भी हैं
31وَأُزْلِفَتِ الْجَنَّةُ لِلْمُتَّقِينَ غَيْرَ بَعِيدٍ
और बेहिश्त परहेज़गारों के बिलकुल करीब कर दी जाएगी
32هَٰذَا مَا تُوعَدُونَ لِكُلِّ أَوَّابٍ حَفِيظٍ
यही तो वह बेहिश्त है जिसका तुममें से हर एक (ख़ुदा की तरफ़) रूजू करने वाले (हुदूद की) हिफाज़त करने वाले से वायदा किया जाता है
काफकुरान सूची
45आयत
मक्कीRevelation
30आयत

अनुवाद — काफ 30

सूरा काफ आयत 30 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उस दिन हम दोज़ख़ से पूछेंगे कि तू भर चुकी…

सूरा आयत 30/45 — काफ ق (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: काफ सुनें, काफ अनुवाद, काफ mp3, काफ pdf. आयत 28–32. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए