काफ · 42/45
अनुवाद उच्चारण — काफ
يَوْمَ يَسْمَعُونَ الصَّيْحَةَ بِالْحَقِّ ۚ ذَٰلِكَ يَوْمُ الْخُرُوجِ ۝٤٢
Yawma yasmaoonas sai hata bilhaqq zaalika yawmul khurooj
📖 हिंदी अर्थ
(कि उठो) जिस दिन लोग एक सख्त चीख़ को बाख़ूबी सुन लेगें वही दिन (लोगों) के कब्रों से निकलने का होगा
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • الصَّيْحَةَ – चीख़, यहाँ दूसरा सूर (नरसिंगा) फूँका जाना मुराद है, जो क़ियामत के दिन हश्र (उठाए जाने) के लिए होगा।
  • بِالْحَقِّ – सत्य के साथ, यानी यह चीख़ अटल सत्य है जिसमें कोई संदेह नहीं।
  • يَوْمُ الْخُرُوجِ – निकलने का दिन, यानी क़ब्रों से निकलकर हश्र के मैदान में जाने का दिन।

तफ़सीर (व्याख्या):

ऐ नबी! उस दिन को याद करो जब सारे लोग सच्ची चीख़ को सुनेंगे — यह दूसरा सूर है, जो सत्य के साथ बजेगा और जिसमें कोई झूठ या धोखा नहीं होगा। यह वही पुकार है जो मुर्दों को क़ब्रों से उठाएगी, और यही वह दिन है जब सब इंसान अपनी क़ब्रों से निकलकर अपने रब के सामने हाज़िर होंगे। यह चीख़ सुनते ही हर आत्मा ज़िंदा हो जाएगी और हर इंसान अपने अमल के हिसाब के लिए खड़ा हो जाएगा। यह दिन न तो टल सकता है और न ही इसमें कोई कमी-बेशी हो सकती है, क्योंकि यह अल्लाह का वादा है जो सत्य है। जो लोग इस दिन को झुठलाते हैं, वे दरअसल अपने ही नुक़सान का सामान करते हैं, क्योंकि यह दिन आकर रहेगा और हर शख्स अपने किए का बदला पाएगा। इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि हम अपनी ज़िंदगी को ग़ाफ़िल होकर न बिताएँ, बल्कि हर पल यह याद रखें कि एक दिन हमें इसी सच्ची पुकार के बाद उठना है और अपने रब के सामने जवाबदेह होना है। यही वह दिन है जब दुनिया की हर चीज़ बेकार हो जाएगी और सिर्फ़ अल्लाह की रहमत और उसका इंसाफ़ ही काम आएगा। तो आओ, हम अपने अमल को सुधारें, अपने गुनाहों से तौबा करें और उस दिन की तैयारी में लग जाएँ, क्योंकि वह दिन हर हाल में आने वाला है — और यही सच्ची कामयाबी का रास्ता है।

🎧 सुनें

📜 आयत 40-44 — काफ

40وَمِنَ اللَّيْلِ فَسَبِّحْهُ وَأَدْبَارَ السُّجُودِ
और थोड़ी देर रात को भी और नमाज़ के बाद भी उसकी तस्बीह करो
41وَاسْتَمِعْ يَوْمَ يُنَادِ الْمُنَادِ مِن مَّكَانٍ قَرِيبٍ
और कान लगा कर सुन रखो कि जिस दिन पुकारने वाला (इसराफ़ील) नज़दीक ही जगह से आवाज़ देगा
42يَوْمَ يَسْمَعُونَ الصَّيْحَةَ بِالْحَقِّ ۚ ذَٰلِكَ يَوْمُ الْخُرُوجِ
(कि उठो) जिस दिन लोग एक सख्त चीख़ को बाख़ूबी सुन लेगें वही दिन (लोगों) के कब्रों से निकलने का होगा
43إِنَّا نَحْنُ نُحْيِي وَنُمِيتُ وَإِلَيْنَا الْمَصِيرُ
बेशक हम ही (लोगों को) ज़िन्दा करते हैं और हम ही मारते हैं
44يَوْمَ تَشَقَّقُ الْأَرْضُ عَنْهُمْ سِرَاعًا ۚ ذَٰلِكَ حَشْرٌ عَلَيْنَا يَسِيرٌ
और हमारी ही तरफ फिर कर आना है जिस दिन ज़मीन (उनके ऊपर से) फट जाएगी और ये झट पट निकल खड़े होंगे ये उठाना और जमा करना
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अनुवाद — काफ 42

सूरा काफ आयत 42 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (कि उठो) जिस दिन लोग एक सख्त चीख़ को बाख़ूबी…

सूरा आयत 42/45 — काफ ق (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: काफ सुनें, काफ अनुवाद, काफ mp3, काफ pdf. आयत 40–44. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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