अत-तूर · 14/49
अनुवाद उच्चारण — अत-तूर
هَٰذِهِ النَّارُ الَّتِي كُنتُم بِهَا تُكَذِّبُونَ ۝١٤
Haazihin naarul latee kuntum bihaa tukazziboon
📖 हिंदी अर्थ
(और उनसे कहा जाएगा) यही वह जहन्नुम है जिसे तुम झुठलाया करते थे
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • هَٰذِهِ النَّارُ: यह आग (जहन्नम की आग)
  • كُنتُم بِهَا تُكَذِّبُونَ: तुम उसे झुठलाते रहे (तुम उसके बारे में झूठ कहते रहे)

तफ़सीर:

जिस दिन इन काफ़िरों और मुन्किरों को ज़ोर-ज़बरदस्ती और अपमान के साथ धकेलकर जहन्नम की आग में डाला जाएगा, उस वक़्त उन्हें उस आग के पास लाकर खड़ा किया जाएगा और उन्हें मलामत करते हुए कहा जाएगा: "यह वही आग है जिसे तुम दुनिया में झुठलाया करते थे। जब तुम्हारे रसूल तुम्हें इससे डराते थे, तो तुम उसे झूठ कहते थे और उसका मज़ाक उड़ाते थे। आज यह आग तुम्हारे सामने मौजूद है, और तुम इसे अपनी आँखों से देख रहे हो। यह वही चीज़ है जिसे तुम असंभव समझते थे और जिसकी ख़बर को तुम नकारते रहे।"

यह वह मौका होगा जब सारे पर्दे उठ जाएंगे और सच्चाई बिल्कुल साफ़ हो जाएगी। लेकिन वहाँ सच्चाई देखने का कोई फायदा नहीं होगा, क्योंकि ईमान लाने का वक़्त गुज़र चुका होगा। यह बात उनके लिए सबसे बड़ी पछतावे की होगी कि उन्होंने दुनिया में आने वाले अज़ाब को मज़ाक समझा और अपने नबियों की बातों को झूठ कहा।

नसीहत और दावत का पहलू:

यह आयत हमें बहुत बड़ी नसीहत देती है कि हम कभी अल्लाह के वादे और उसकी चेतावनियों को हल्का न समझें। जो लोग क़ुरआन की आयात और रसूलों की तबलीग़ को झूठ समझते हैं, वे सिर्फ़ अपना ही नुक़सान करते हैं। अल्लाह तआला बेहद रहम करने वाला है, उसने हमें दुनिया में मौका दिया है कि हम अपनी ज़िंदगी संवार लें, तौबा कर लें और उसकी राह पर चल पड़ें। यह आयत हमें सचेत करती है कि आज हमारे पास जो मौका है, कल उसका कोई भरोसा नहीं। आइए, हम अपने रब की बात मानें, उसके रसूल की पैरवी करें और उस आग से बचने की कोशिश करें जिसकी चिंगारियाँ भी बहुत भयानक हैं। अल्लाह हम सबको समझ दे और उसकी राह पर चलने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।

🎧 सुनें

📜 आयत 12-16 — अत-तूर

12الَّذِينَ هُمْ فِي خَوْضٍ يَلْعَبُونَ
जो लोग बातिल में पड़े खेल रहे हैं
13يَوْمَ يُدَعُّونَ إِلَىٰ نَارِ جَهَنَّمَ دَعًّا
जिस दिन जहन्नुम की आग की तरफ उनको ढकेल ढकेल ले जाएँगे
14هَٰذِهِ النَّارُ الَّتِي كُنتُم بِهَا تُكَذِّبُونَ
(और उनसे कहा जाएगा) यही वह जहन्नुम है जिसे तुम झुठलाया करते थे
15أَفَسِحْرٌ هَٰذَا أَمْ أَنتُمْ لَا تُبْصِرُونَ
तो क्या ये जादू है या तुमको नज़र ही नहीं आता
16اصْلَوْهَا فَاصْبِرُوا أَوْ لَا تَصْبِرُوا سَوَاءٌ عَلَيْكُمْ ۖ إِنَّمَا تُجْزَوْنَ مَا كُنتُمْ تَعْمَلُونَ
इसी में घुसो फिर सब्र करो या बेसब्री करो (दोनों) तुम्हारे लिए यकसाँ हैं तुम्हें तो बस उन्हीं कामों का बदला मिलेगा जो तुम किया करते थे
अत-तूरकुरान सूची
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अनुवाद — अत-तूर 14

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Tuesday, August 18, 2026

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