अत-तूर · 13/49
अनुवाद उच्चारण — सूरा अत-तूर
يَوْمَ يُدَعُّونَ إِلَىٰ نَارِ جَهَنَّمَ دَعًّا ۝١٣
Yawma yuda`-`oona ilaa naari jahannama da`-`aa
📖 हिंदी अर्थ
जिस दिन जहन्नुम की आग की तरफ उनको ढकेल ढकेल ले जाएँगे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
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A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
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M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • يُدَعُّونَ: धक्का दिए जाना, ज़ोर से ढकेला जाना।
  • دَعًّا: बड़ी सख्ती और बेरहमी से धकेलना।

तफ़सीर (व्याख्या):

क़यामत का वो दिन कितना भयानक होगा जब अल्लाह के नबियों को झुठलाने वाले काफ़िरों को बड़ी सख्ती, ज़ोर और अपमान के साथ धकेलते हुए जहन्नम की आग की तरफ़ ले जाया जाएगा। उन्हें बड़ी बेरहमी से ढकेला जाएगा, जैसे कोई क़ैदी को जेल की तरफ़ धकेलता है। फ़रिश्ते उन्हें पकड़कर जहन्नम के किनारे लाएँगे और उन्हें उसमें धकेल देंगे।

यह वो लोग हैं जिन्होंने दुनिया में हक़ को नकारा, नबियों की दावत को झुठलाया और अल्लाह की निशानियों का मज़ाक उड़ाया। आज उन्हें उस आग के सामने खड़ा किया जाएगा जिसे वे दुनिया में झूठ कहा करते थे। उन्हें तिरस्कार और तौहीन के साथ धकेला जाएगा, और कहा जाएगा: "यही वो आग है जिसे तुम झुठलाया करते थे।"

यह मंज़र हर उस शख्स के लिए सबक़ है जो अल्लाह के दीन से ग़ाफ़िल है। जो लोग दुनिया में अपनी ज़िद और तकब्बुर की वजह से हक़ को क़बूल नहीं करते, उनका अंजाम यही होगा कि उन्हें ज़िल्लत के साथ जहन्नम की तरफ़ धकेला जाएगा।

दावती पहलू:

अल्लाह के बंदो! ये आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हम अपनी ज़िंदगी कैसे गुज़ार रहे हैं। क्या हम उन लोगों में से हैं जो अल्लाह की निशानियों पर ईमान लाते हैं, या उनमें से हैं जो हक़ से मुँह मोड़ते हैं? यह आयत हमें दुनिया की ग़ाफ़िल ज़िंदगी से बेदार होने की दावत देती है। आज हमारे पास तौबा का मौक़ा है, रहमत का दरवाज़ा खुला है। अल्लाह ने हमें दुनिया में भेजा है ताकि हम उसकी इबादत करें और उसके हुक्मों पर चलें। जो लोग इस मौक़े को गंवा देंगे, उनका अंजाम यही होगा कि उन्हें ज़ोर से धकेलकर जहन्नम में डाल दिया जाएगा। लेकिन जो लोग ईमान लाए और नेक अमल किए, उनके लिए जन्नत की नेअमतें हैं जहाँ कोई दर्द, कोई ग़म और कोई अज़ाब नहीं। अल्लाह हमें उन लोगों में से बनाए जो उसकी रहमत के हक़दार हैं। आमीन।



📜 आयत 11-15 — सूरा अत-तूर

11فَوَيْلٌ يَوْمَئِذٍ لِّلْمُكَذِّبِينَ
तो उस दिन झुठलाने वालों की ख़राबी है
12الَّذِينَ هُمْ فِي خَوْضٍ يَلْعَبُونَ
जो लोग बातिल में पड़े खेल रहे हैं
13يَوْمَ يُدَعُّونَ إِلَىٰ نَارِ جَهَنَّمَ دَعًّا
जिस दिन जहन्नुम की आग की तरफ उनको ढकेल ढकेल ले जाएँगे
14هَٰذِهِ النَّارُ الَّتِي كُنتُم بِهَا تُكَذِّبُونَ
(और उनसे कहा जाएगा) यही वह जहन्नुम है जिसे तुम झुठलाया करते थे
15أَفَسِحْرٌ هَٰذَا أَمْ أَنتُمْ لَا تُبْصِرُونَ
तो क्या ये जादू है या तुमको नज़र ही नहीं आता
अत-तूरकुरान सूची
49आयत
मक्कीअवतरण स्थान
13आयत

अनुवाद — अत-तूर 13

सूरा अत-तूर आयत 13 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिस दिन जहन्नुम की आग की तरफ उनको ढकेल ढकेल…

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Thursday, October 1, 2026

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