Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- المُتَّقِينَ: परहेज़गार, वे लोग जो अल्लाह के आदेशों का पालन करें और उसकी मनाही से बचें।
- جَنَّاتٍ: बाग़, जन्नत के बाग़।
- نَعِيمٍ: ऐश-ओ-आराम, खुशहाली, वो सुख-सुविधाएँ जो अल्लाह अपने नेक बंदों को देंगे।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में अपने नेक और परहेज़गार बंदों की खुशखबरी सुना रहा है। जब अल्लाह ने पहले काफ़िरों और गुनाहगारों के अंजाम का ज़िक्र किया, तो अब मोमिनों के हसीन अंजाम का ज़िक्र फ़रमा रहा है। परहेज़गार वो लोग हैं जो अल्लाह के हुक्मों की पालना करते हैं, उसकी मनाही से बचते हैं, और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ ढालते हैं। उनके लिए जन्नत के बाग़ हैं और ऐसा नेमत (सुख) जिसकी कोई इंतिहा नहीं, जो कभी ख़त्म नहीं होता। वे उन चीज़ों से लुत्फ़ उठाएँगे जो अल्लाह ने उन्हें अता की हैं — तरह-तरह की नेमतें, लज़्ज़तें और खुशियाँ, और अल्लाह ने उन्हें जहन्नुम के अज़ाब से भी महफ़ूज़ रखा है। ये वो इनाम है जो अल्लाह अपने उन बंदों को देगा जिन्होंने दुनिया में अल्लाह से डरकर ज़िंदगी गुज़ारी।
दावती पहलू:
ये आयत हर उस इंसान के लिए एक प्यारी खुशखबरी है जो अल्लाह की राह पर चलना चाहता है। अल्लाह ने अपने बंदों से वादा किया है कि जो लोग उससे डरेंगे और नेक काम करेंगे, उनके लिए ऐसी जगहें हैं जिनका अंदाज़ा कोई नहीं लगा सकता। ये दुनिया की ज़िंदगी चंद रोज़ की है, लेकिन जन्नत की नेमतें हमेशा रहने वाली हैं। अल्लाह का ये वादा सच्चा है, और वो अपने बंदों पर बहुत मेहरबान है। आइए हम सब अपनी ज़िंदगी में तक़वा (परहेज़गारी) अपनाएँ — नमाज़ पढ़ें, रोज़ा रखें, सच बोलें, लोगों के साथ भलाई करें, और अल्लाह की मनाही से बचें। ये रास्ता आसान नहीं है, लेकिन इसका अंजाम बेहद खूबसूरत है। जो लोग इस रास्ते पर चलेंगे, अल्लाह उन्हें ऐसी जगहों में दाखिल करेगा जहाँ कोई ग़म, कोई दर्द और कोई डर नहीं होगा — सिर्फ़ खुशियाँ और सुकून होगा। अल्लाह हम सबको अपने परहेज़गार बंदों में शामिल करे। आमीन।
📜 आयत 15-19 — सूरा अत-तूर
अनुवाद — अत-तूर 17
सूरा अत-तूर आयत 17 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बेशक परहेज़गार लोग बाग़ों और नेअमतों में होंगेसूरा आयत 17/49 — सूरा अत-तूर الطور (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अत-तूर सुनें, सूरा अत-तूर अनुवाद, सूरा अत-तूर mp3, सूरा अत-तूर pdf. आयत 15–19. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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