अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَيُسَمُّونَ الْمَلَائِكَةَ تَسْمِيَةَ الْأُنْثَىٰ: अर्थात वे फ़रिश्तों को लड़कियों (बेटियों) का नाम देते हैं, यानी उन्हें स्त्रीलिंग में पुकारते हैं और उन्हें अल्लाह की बेटियाँ कहते हैं।
तफ़सीर:
यह आयत उन लोगों की निंदा करती है जो आख़िरत (परलोक) पर ईमान नहीं रखते। ये लोग, जो क़ुरैश के काफ़िर थे, अज्ञानता और मूर्खता के कारण फ़रिश्तों को स्त्रीलिंग में पुकारते थे और उन्हें अल्लाह की बेटियाँ कहते थे। उनका यह विश्वास था कि फ़रिश्ते अल्लाह की बेटियाँ हैं, जबकि यह पूर्णतः झूठ और बुतपरस्ती का अवशेष था।
इस आयत में अल्लाह तआला ने स्पष्ट किया कि इन लोगों के पास इस झूठे दावे का कोई वैज्ञानिक या तर्कसंगत प्रमाण नहीं है। वे केवल अपने मनगढ़ंत अंदाज़ों और ख़्याली पुलाव पकाने वाली बातों का अनुसरण कर रहे हैं, जो हक़ (सत्य) के मुक़ाबले में कभी खड़ी नहीं हो सकतीं। अल्लाह तआला इनके इस कथन से बहुत ऊपर और पाक है — वह किसी संतान से पाक है, चाहे वह बेटा हो या बेटी।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह तआला की पाकी और महानता पर ईमान रखना चाहिए। वह किसी भी प्रकार की संतान से पाक है, और फ़रिश्ते अल्लाह के सम्मानित बंदे हैं, जो उसकी आज्ञा का पालन करते हैं। हमें चाहिए कि हम अल्लाह के बारे में केवल वही बातें कहें जो उसने स्वयं अपनी किताब में बताई हैं, और अपनी ओर से कोई झूठी बात न गढ़ें।
यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि अंदाज़ों और अटकलों पर चलना कभी सत्य तक नहीं पहुँचा सकता। सत्य केवल वही है जो अल्लाह की वही (प्रकाशना) से आया है। इसलिए हमें चाहिए कि हम क़ुरआन और सुन्नत को ही अपना मार्गदर्शक बनाएँ, क्योंकि यही हमें सीधे रास्ते पर चलाता है और हमें अल्लाह की रहमत और जन्नत तक पहुँचाता है।
📜 आयत 25-29 — अन-नज्म
अनुवाद — अन-नज्म 27
सूरा अन-नज्म आयत 27 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो लोग आख़ेरत पर ईमान नहीं रखते वह फ़रिश्तों के…सूरा आयत 27/62 — अन-नज्म النجم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नज्म सुनें, अन-नज्म अनुवाद, अन-नज्म mp3, अन-नज्म pdf. आयत 25–29. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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