अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مِنْ عِلْمٍ – किसी ज्ञान का होना
- الظَّنَّ – अटकल, गुमान, बिना प्रमाण के धारणा
- لَا يُغْنِي مِنَ الْحَقِّ شَيْئًا – सत्य के मुकाबले कुछ भी काम नहीं आता, हक़ की जगह पूरा नहीं उतरता
व्याख्या:
यह आयत उन लोगों की निंदा करती है जो बिना किसी ज्ञान और प्रमाण के अल्लाह के बारे में झूठी बातें गढ़ते हैं। ये लोग, जो आख़िरत (परलोक) पर ईमान नहीं रखते, फ़रिश्तों को औरत कहते थे और उन्हें अल्लाह की बेटियाँ बताते थे। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि इनके पास इस बात का कोई ज्ञान नहीं है, न कोई दलील है और न कोई सबूत। ये सिर्फ़ अपने ख़यालात और अटकलों के पीछे चल रहे हैं।
अल्लाह तआला साफ़ फ़रमाता है कि अटकल और गुमान कभी भी हक़ (सत्य) की जगह नहीं ले सकते। भले ही कोई कितना ही देर तक गुमान करता रहे, लेकिन सच्चाई के सामने उसका गुमान बिल्कुल बेकार है। यहाँ "ظن" से मुराद वह झूठा वहम और भ्रम है, जिसकी कोई बुनियाद नहीं होती, न कि वह राय जो दो बातों में से किसी एक पर थोड़े प्रमाण के आधार पर रखी जाए।
यह आयत हमें सिखाती है कि दीन के मामलों में, अल्लाह और उसकी सृष्टि के बारे में बात करते समय हमें सिर्फ़ ज्ञान और प्रमाण पर चलना चाहिए, न कि अटकलों और मनगढ़ंत बातों पर। क़ुरआन और सुन्नत ही हमारे लिए ज्ञान का असली स्रोत हैं। जो लोग बिना ज्ञान के अल्लाह के बारे में बातें गढ़ते हैं, वे न केवल खुद गुमराह हैं बल्कि दूसरों को भी गुमराह कर रहे हैं।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि हमें अपने जीवन में हर काम ज्ञान और समझदारी से करना चाहिए। अल्लाह तआला ने हमें अक्ल दी है और क़ुरआन जैसी किताब दी है, ताकि हम सच्चाई को पहचानें और अटकलों से बचें। जो लोग अटकलों पर चलते हैं, वे कभी सच्चाई तक नहीं पहुँच सकते। सच्चाई सिर्फ़ अल्लाह की तरफ़ से आई हिदायत में है, और यही हिदायत हमें क़ुरआन और सुन्नत में मिलती है। आओ, हम अपने जीवन को ज्ञान के उजाले से रोशन करें और अटकलों के अंधेरे से बचें, ताकि हम अल्लाह की रहमत और उसकी मग़फिरत के हक़दार बन सकें।
📜 आयत 26-30 — अन-नज्म
अनुवाद — अन-नज्म 28
सूरा अन-नज्म आयत 28 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वह लोग तो बस गुमान (ख्याल) के पीछे चल रहे…सूरा आयत 28/62 — अन-नज्म النجم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नज्म सुनें, अन-नज्म अनुवाद, अन-नज्म mp3, अन-नज्म pdf. आयत 26–30. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, August 19, 2026
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