अन-नज्म · 40/62
अनुवाद उच्चारण — सूरा अन-नज्म
وَأَنَّ سَعْيَهُ سَوْفَ يُرَىٰ ۝٤٠
Wa anna sa`yahoo sawfa yuraa
📖 हिंदी अर्थ
और ये कि उनकी कोशिश अनक़रीेब ही (क़यामत में) देखी जाएगी

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • سَعْيَهُ (उसकी सई/कोशिश): उसका कर्म, उसका प्रयास, उसका अमल।
  • سَوْفَ يُرَىٰ (शीघ्र ही देखा जाएगा): क़यामत के दिन उसे प्रत्यक्ष रूप से देखा जाएगा।

तफ़सीर (व्याख्या):

इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि इंसान जो भी कर्म करता है, चाहे वह नेक हो या बुरा, वह उसकी कोशिश और सई है, और यह सई क़यामत के दिन ज़रूर सामने रखी जाएगी। उसे छिपाया नहीं जा सकेगा। हर इंसान का अमल उसके सामने प्रस्तुत किया जाएगा, और उसे देखकर वह खुद अंदाज़ा लगा लेगा कि उसका अंजाम क्या होने वाला है। यह देखना सिर्फ़ आँखों से नहीं होगा, बल्कि उसके मिज़ान (तराज़ू) में उसके अमल को तौला जाएगा, और हर नेकी और बुराई को प्रत्यक्ष रूप से दिखाया जाएगा। यह दृश्य नेक लोगों के लिए सम्मान और ख़ुशी का कारण होगा, क्योंकि उनके अच्छे कर्म उनके सामने रौशन होंगे, और बुरे लोगों के लिए यह शर्मिंदगी और पछतावे का सबब बनेगा, क्योंकि उनके बुरे कर्म उनके सामने पेश किए जाएँगे।

दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):

यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला का इंसाफ़ बिल्कुल सटीक है। कोई भी अमल, चाहे वह कितना ही छोटा या छिपा हुआ क्यों न हो, अल्लाह की नज़र से ओझल नहीं है। यह हमारे लिए एक बहुत बड़ी खुशख़बरी है कि हमारी हर नेक कोशिश, हर अच्छा काम, हर छोटी सी मदद, सब कुछ क़यामत के दिन हमारे सामने पेश होगा और हमें उसका अज्र मिलेगा। यह हमें अच्छे कर्म करने की तरफ़ उभारता है और बुरे कर्मों से डराता है। याद रखिए, यह दुनिया का काम ख़त्म होने के बाद भी हमारी सई ख़त्म नहीं होती, बल्कि वह हमारे साथ उस दिन तक महफ़ूज़ रहती है जब हम उसे अपनी आँखों से देखेंगे। इसलिए आज ही अपनी सई को अच्छा बनाइए, ताकि कल उसे देखकर आप शर्मिंदा न हों, बल्कि ख़ुशी से भर जाएँ।



📜 आयत 38-42 — सूरा अन-नज्म

38أَلَّا تَزِرُ وَازِرَةٌ وِزْرَ أُخْرَىٰ
जिन्होने (अपना हक़) (पूरा अदा) किया इन सहीफ़ों में ये है, कि कोई शख़्श दूसरे (के गुनाह) का बोझ नहीं उठाएगा
39وَأَن لَّيْسَ لِلْإِنسَانِ إِلَّا مَا سَعَىٰ
और ये कि इन्सान को वही मिलता है जिसकी वह कोशिश करता है
40وَأَنَّ سَعْيَهُ سَوْفَ يُرَىٰ
और ये कि उनकी कोशिश अनक़रीेब ही (क़यामत में) देखी जाएगी
41ثُمَّ يُجْزَاهُ الْجَزَاءَ الْأَوْفَىٰ
फिर उसका पूरा पूरा बदला दिया जाएगा
42وَأَنَّ إِلَىٰ رَبِّكَ الْمُنتَهَىٰ
और ये कि (सबको आख़िर) तुम्हारे परवरदिगार ही के पास पहुँचना है
अन-नज्मकुरान सूची
62आयत
मक्कीअवतरण स्थान
40आयत

अनुवाद — अन-नज्म 40

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Wednesday, September 30, 2026

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