Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- حَكَمًا: न्याय करने वाला, फ़ैसला करने वाला।
- مُفَصَّلًا: विस्तृत, हर बात को स्पष्ट रूप से बयान करने वाला।
- الْمُمْتَرِينَ: संदेह करने वाले, शक करने वाले।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप इन मुशरिकों से कहिए जो आपसे झगड़ते हैं और आपके बीच फ़ैसला करने के लिए किसी और को हक़म (न्यायाधीश) बनाना चाहते हैं: "क्या मैं अल्लाह के अलावा किसी और को फ़ैसला करने वाला बनाऊँ, जबकि वही है जिसने तुम्हारी ओर यह क़ुरआन उतारा है, जिसमें हर चीज़ को विस्तार से स्पष्ट कर दिया गया है—सत्य और असत्य, हलाल और हराम, और वह सब कुछ जिसकी तुम्हें आवश्यकता है।"
यह क़ुरआन स्वयं एक पूर्ण न्यायाधीश और मार्गदर्शक है। और जिन लोगों को हमने पहले किताबें दीं—यहूदियों को तौरात और ईसाइयों को इंजील—उनके विद्वान यह अच्छी तरह जानते हैं कि यह क़ुरआन आपके रब की ओर से सत्य के साथ उतारा गया है, क्योंकि उनकी अपनी किताबों में इसकी पुष्टि और इसके आने की ख़बरें मौजूद हैं। वे इसे यक़ीन के साथ पहचानते हैं।
फिर ऐ नबी! आप उन लोगों में से न हों जो इस बारे में संदेह करते हैं। आपको पूरा यक़ीन रखना चाहिए कि यह वही सत्य है जो अल्लाह की ओर से उतारा गया है, और आपके पास जो कुछ भी वह्य (प्रकाशना) के रूप में आया है, उस पर दृढ़ विश्वास रखें।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- अल्लाह का क़ुरआन ही सबसे बड़ा न्यायाधीश है—हर विवाद में उसे ही हक़म बनाना चाहिए, क्योंकि वह हर बात को स्पष्ट और विस्तार से बयान करता है।
- क़ुरआन की सच्चाई का प्रमाण यह है कि पहले की आसमानी किताबों के विद्वान भी इसे पहचानते हैं—यह इस बात की गवाही है कि यह अल्लाह की ओर से है।
- मुसलमान को अपने दीन और क़ुरआन पर पूरा यक़ीन रखना चाहिए और किसी भी तरह के संदेह से अपने दिल को पाक रखना चाहिए।
- यह आयत हमें सिखाती है कि झगड़ों और मतभेदों में अल्लाह की किताब को ही फ़ैसला करने वाला बनाएँ, न कि अपनी इच्छाओं या दूसरों की राय को।
- अल्लाह का क़ुरआन एक पूर्ण मार्गदर्शक है जो हर युग और हर स्थिति के लिए मार्गदर्शन प्रदान करता है—यह हमारे लिए रहमत और हिदायत है।
📜 आयत 112-116 — सूरा अल-अनआम
अनुवाद — अल-अनआम 114
सूरा अल-अनआम आयत 114 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ताकि जो लोग इफ़तेरा परदाज़ियाँ ये लोग ख़ुद करते…सूरा आयत 114/165 — सूरा अल-अनआम الأنعام (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अनआम सुनें, सूरा अल-अनआम अनुवाद, सूरा अल-अनआम mp3, सूरा अल-अनआम pdf. आयत 112–116. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


