Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- اغْدُوا (अग़्दू) – सुबह-सुबह जल्दी निकलो।
- حَرْث (हर्स) – खेती, बगीचा या खजूर का बाग़।
- صَارِمِينَ (सारिमीन) – फल तोड़ने और काटने का इरादा रखने वाले।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब उन बाग़ वालों ने रात में यह ठान लिया कि वे सुबह-सुबह अपने बगीचे के फल तोड़ लेंगे ताकि कोई ग़रीब और मिस्कीन उनमें से कुछ न ले सके, तो उन्होंने एक-दूसरे को पुकारा और कहा: "अगर तुम्हें सच में फल तोड़ने हैं, तो अभी सुबह-सुबह अपने खेत और बगीचे की ओर निकल पड़ो, इससे पहले कि कोई तुम्हें देखे या कोई सवाली वहाँ आ जाए।" वे चाहते थे कि यह काम इतनी जल्दी और चुपचाप हो जाए कि किसी को पता ही न चले, और वे पूरी तरह से अपने माल पर क़ब्ज़ा कर लें।
यह आयत हमें सिखाती है कि इंसान की योजनाएँ चाहे कितनी भी मज़बूत और गुप्त क्यों न हों, अल्लाह की योजना के आगे वे कुछ भी नहीं होतीं। ये लोग अपने बगीचे को ग़रीबों से बचाने के लिए इतनी जल्दी उठे, लेकिन अल्लाह ने उनके बगीचे को रातों-रात ऐसा तबाह कर दिया कि वे सुबह पहुँचे तो उसे जले हुए खेत की तरह काला पाया। यह उनके लिए अल्लाह की तरफ़ से एक सबक़ था कि माल और रिज़्क़ अल्लाह की देन है, और उसमें दूसरों का, ख़ासकर ग़रीबों का, हक़ होता है। जो लोग इस हक़ को रोकते हैं, वे अल्लाह की पकड़ से नहीं बच सकते।
इस क़िस्से से हमें यह सबक़ मिलता है कि हमें अपने माल में अल्लाह का हक़ (ज़कात और सदक़ा) अदा करना चाहिए, और ग़रीबों की मदद करने में कंजूसी नहीं करनी चाहिए। अल्लाह तआला अपने बंदों को रिज़्क़ देता है और उसी में से दूसरों का हिस्सा भी रखता है। जो लोग इस हिस्से को रोकते हैं, वे अपने लिए अल्लाह की नाराज़गी ख़रीदते हैं। याद रखिए, अल्लाह की रहमत और बरकत उसी माल में होती है जिसमें दूसरों का हक़ अदा किया जाता है। आइए, हम अपने जीवन में इस सीख को अपनाएँ और अल्लाह की दी हुई नेमतों का सही उपयोग करें, ताकि हम दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब हों।
📜 आयत 20-24 — सूरा अल-क़लम
अनुवाद — अल-क़लम 22
सूरा अल-क़लम आयत 22 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कि अगर तुमको फल तोड़ना है तो अपने बाग़ में…सूरा आयत 22/52 — सूरा अल-क़लम القلم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-क़लम सुनें, सूरा अल-क़लम अनुवाद, सूरा अल-क़लम mp3, सूरा अल-क़लम pdf. आयत 20–24. हिंदी अर्थ: اردو.
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Wednesday, September 30, 2026
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