अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- آيَةٍ: निशानी, चमत्कार, वह प्रमाण जो किसी दावे की सच्चाई को सिद्ध करे।
- الصَّادِقِينَ: सत्यवादी, सच्चे लोग।
व्याख्या:
फ़िरऔन ने हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) से कहा: "यदि तू अपने दावे में सच्चा है और तूने कोई निशानी (चमत्कार) लाने का दावा किया है, तो उसे मेरे सामने पेश कर। यदि तू सच्चे लोगों में से है, तो अपनी सच्चाई का प्रमाण दिखा।"
फ़िरऔन का यह कथन अहंकार और जिद पर आधारित था। वह मूसा (अलैहिस्सलाम) की बात को झूठलाने के लिए प्रमाण की माँग कर रहा था, जबकि उसे पता था कि मूसा (अलैहिस्सलाम) सच्चे हैं। उसने यह शर्त इसलिए रखी ताकि यदि मूसा (अलैहिस्सलाम) कोई चमत्कार दिखाएँ, तो वह उसे जादू कहकर खारिज कर सके। यह उसकी हठधर्मिता और सत्य को स्वीकार करने से इनकार करने की मानसिकता को दर्शाता है। मूसा (अलैहिस्सलाम) ने उसकी इस चुनौती को स्वीकार किया और अपनी लाठी तथा सफेद हाथ का चमत्कार प्रस्तुत किया, जो अल्लाह की ओर से स्पष्ट प्रमाण था।
शिक्षाएँ और लाभ:
- सत्य के दावे के लिए प्रमाण की आवश्यकता होती है, और अल्लाह के पैग़म्बर अपने दावे की सच्चाई के लिए स्पष्ट चमत्कार प्रस्तुत करते हैं। यह हमें सिखाता है कि सत्य की पुष्टि के लिए ठोस सबूत होने चाहिए।
- फ़िरऔन जैसे अहंकारी लोग सत्य को स्वीकार करने के बजाय बहाने बनाते हैं। हमें चाहिए कि जब सत्य स्पष्ट हो जाए, तो उसे तुरंत स्वीकार करें, न कि जिद और घमंड के कारण उसे ठुकराएँ।
- यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह के रसूलों का हर कार्य सच्चाई और प्रमाण पर आधारित होता है, और उनकी सच्चाई को छिपाना या झुठलाना विनाश का कारण बनता है।
- मुसलमानों के लिए यह सबक है कि वे अपने जीवन में सच्चाई और स्पष्टता को अपनाएँ, और किसी भी मामले में झूठ और धोखे से बचें, क्योंकि अल्लाह सच्चे लोगों के साथ है।
📜 आयत 104-108 — अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 106
सूरा अल-आराफ आयत 106 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो तू बनी ईसराइल को मेरे हमराह करे दे फिरऔन…सूरा आयत 106/206 — अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-आराफ सुनें, अल-आराफ अनुवाद, अल-आराफ mp3, अल-आराफ pdf. आयत 104–108. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








