अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- أُلْقِيَ: गिरा दिए गए, प्रणाम में गिर पड़े।
- السَّحَرَةُ: जादूगर (फ़िरऔन के दरबारी जादूगर)।
- سَاجِدِينَ: सजदा करने वाले (अल्लाह के आगे)।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने अपनी लाठी डाली और वह एक बड़ा अज़दहा (साँप) बन गई, जिसने जादूगरों के बनाए हुए धोखे (रस्सियों और लाठियों) को निगल लिया, तो जादूगरों ने यह स्पष्ट देख लिया कि यह कोई जादू नहीं, बल्कि अल्लाह की क़ुदरत का ज़ाहिर नमूना है। उन्होंने भली-भाँति पहचान लिया कि यह काम किसी इंसान के बस का नहीं, बल्कि यह सिर्फ़ अल्लाह ही का करिश्मा हो सकता है। इसलिए उनका दिल ईमान की रोशनी से भर गया और वे बेइख़्तियार अल्लाह के आगे सजदे में गिर पड़े। यह उनका अपनी इच्छा से किया गया काम नहीं था, बल्कि अल्लाह की तरफ़ से उनके दिलों में ईमान की हक़ीक़त उतर गई, जिससे वे सजदे में गिर पड़े। यह सजदा उन्होंने अल्लाह रब्बुल आलमीन के लिए किया, क्योंकि उन्होंने अपनी आँखों से अल्लाह की अज़ीम क़ुदरत का नज़ारा देख लिया था। वे जादूगर होते हुए भी सच्चाई को पहचान गए और उसके आगे झुक गए।
फ़ायदे (उपदेश):
- सच्चाई का नज़ारा देखते ही इंसान का दिल बेइख़्तियार अल्लाह की तरफ़ खिंच जाता है और वह उसकी अज़मत के आगे झुक जाता है।
- यह घटना हमें सिखाती है कि जब सच्चाई ज़ाहिर हो जाए, तो उसे कबूल करने में देर नहीं करनी चाहिए, चाहे हमारी पिछली स्थिति कैसी भी रही हो।
- अल्लाह की क़ुदरत के आगे इंसान की सारी क़ुव्वतें बेकार हैं; जादूगरों ने अपनी सारी मेहनत और हुनर के बावजूद अल्लाह के मुक़ाबले में कुछ न कर सके।
- ईमान की हक़ीक़त दिल में अल्लाह ही डालता है, और जब वह दिल में उतरती है, तो इंसान की ज़ुबान और अमल दोनों उसके ताबे हो जाते हैं।
- यह दृश्य हमें बताता है कि सजदा अल्लाह के सिवा किसी और के लिए जायज़ नहीं है, और सच्चे ईमान वाले हर हाल में अल्लाह के आगे सर झुकाते हैं।
📜 आयत 118-122 — अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 120
सूरा अल-आराफ आयत 120 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जादूगर सब मूसा के सामने सजदे में गिर पड़ेसूरा आयत 120/206 — अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-आराफ सुनें, अल-आराफ अनुवाद, अल-आराफ mp3, अल-आराफ pdf. आयत 118–122. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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