अल-आराफ · 119/206
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-आराफ
فَغُلِبُوا هُنَالِكَ وَانقَلَبُوا صَاغِرِينَ ۝١١٩
Faghuliboo hunaalika wanqalaboo saaghireen
📖 हिंदी अर्थ
पस फिरऔन और उसके तरफदार सब के सब इस अखाड़े मे हारे और ज़लील व रूसवा हो के पलटे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • فَغُلِبُوا – वे पराजित हो गए।
  • هُنَالِكَ – उसी स्थान पर, उसी समय।
  • وَانقَلَبُوا – और वे लौट गए / पलट गए।
  • صَاغِرِينَ – अपमानित, अधीन, ज़लील होकर।

तफ़सीर (व्याख्या):

जिस महान दृश्य में हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) और जादूगरों के बीच मुक़ाबला हुआ, उसी स्थान पर अल्लाह तआला ने सच्चाई को प्रकट कर दिया। जादूगरों ने अपनी पूरी ताक़त और कला का प्रदर्शन किया, लेकिन जब हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने अपनी लाठी डाली, तो उसने उनके सारे जादू को निगल लिया। यह कोई जादू नहीं था, बल्कि अल्लाह का प्रत्यक्ष चमत्कार था। उसी क्षण सभी जादूगर पराजित हो गए, और फ़िरऔन तथा उसके साथी अपमानित होकर लौटे। उनका सारा दिखावा, उनकी शक्ति और उनका घमंड मिट्टी में मिल गया। वे ज़लील और अपमानित होकर मैदान छोड़ने पर मजबूर हो गए।

यह घटना हमें सिखाती है कि सच्चाई की शक्ति के आगे झूठ कभी टिक नहीं सकता। चाहे झूठ कितना भी बड़ा और शक्तिशाली क्यों न हो, अल्लाह की मदद सच्चे लोगों के साथ होती है। यह उन लोगों के लिए एक बड़ी शिक्षा है जो अल्लाह की आयतों को झुठलाते हैं और अपनी ताक़त पर घमंड करते हैं। अल्लाह तआला क़ुरआन में बताते हैं कि सच्चाई की जीत अवश्य होती है, और यही अल्लाह का वादा है। इस आयत से हमें यह भी सीख मिलती है कि हमें हमेशा सच्चाई के साथ रहना चाहिए, चाहे परिस्थितियाँ कैसी भी हों, क्योंकि अंततः सच्चाई ही विजयी होती है। यह हमारे लिए प्रोत्साहन है कि हम अल्लाह पर भरोसा रखें और उसके मार्ग पर चलते रहें, क्योंकि अल्लाह अपने नेक बंदों की मदद करता है और उन्हें कभी अकेला नहीं छोड़ता।



📜 आयत 117-121 — सूरा अल-आराफ

117۞ وَأَوْحَيْنَا إِلَىٰ مُوسَىٰ أَنْ أَلْقِ عَصَاكَ ۖ فَإِذَا هِيَ تَلْقَفُ مَا يَأْفِكُونَ
और उन लोगों ने बड़ा (भारी जादू दिखा दिया और हमने मूसा के पास वही भेजी कि (बैठे क्या हो) तुम भी अपनी छड़ी डाल दो तो क्या देखते हैं कि वह छड़ी उनके बनाए हुए (झूठे साँपों को) एक एक करके निगल रही है
118فَوَقَعَ الْحَقُّ وَبَطَلَ مَا كَانُوا يَعْمَلُونَ
अल किस्सा हक़ बात तो जम के बैठी और उनकी सारी कारस्तानी मटियामेट हो गई
119فَغُلِبُوا هُنَالِكَ وَانقَلَبُوا صَاغِرِينَ
पस फिरऔन और उसके तरफदार सब के सब इस अखाड़े मे हारे और ज़लील व रूसवा हो के पलटे
120وَأُلْقِيَ السَّحَرَةُ سَاجِدِينَ
और जादूगर सब मूसा के सामने सजदे में गिर पड़े
121قَالُوا آمَنَّا بِرَبِّ الْعَالَمِينَ
और (आजिज़ी से) बोले हम सारे जहाँन के परवरदिगार पर ईमान लाए
अल-आराफकुरान सूची
206आयत
मक्कीअवतरण स्थान
119आयत

अनुवाद — अल-आराफ 119

सूरा अल-आराफ आयत 119 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : पस फिरऔन और उसके तरफदार सब के सब इस अखाड़े…

सूरा आयत 119/206 — सूरा अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-आराफ सुनें, सूरा अल-आराफ अनुवाद, सूरा अल-आराफ mp3, सूरा अल-आराफ pdf. आयत 117–121. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Thursday, October 1, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए