अल-आराफ · 123/206
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-आराफ
قَالَ فِرْعَوْنُ آمَنتُم بِهِ قَبْلَ أَنْ آذَنَ لَكُمْ ۖ إِنَّ هَٰذَا لَمَكْرٌ مَّكَرْتُمُوهُ فِي الْمَدِينَةِ لِتُخْرِجُوا مِنْهَا أَهْلَهَا ۖ فَسَوْفَ تَعْلَمُونَ ۝١٢٣
Qaala Fir`awnu aamantum bihee qabla an aazana lakum; inna haaza lamakrum makartumoohu filmadeenati litukhrijoo minhaaa ahlahaa fasawfa ta`almoon
📖 हिंदी अर्थ
फिरऔन ने कहा (हाए) तुम लोग मेरी इजाज़त के क़ब्ल (पहले) उस पर ईमान ले आए ये ज़रूर तुम लोगों की मक्कारी है जो तुम लोगों ने उस शहर में फैला रखी है ताकि उसके बाशिन्दों को यहाँ से निकाल कर बाहर करो पस तुम्हें अन क़रीब ही उस शरारत का मज़ा मालूम हो जाएगा

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • آمَنتُم بِهِ: क्या तुम उस (अल्लाह) पर ईमान ले आए?
  • مَكْرٌ: चालाकी, धोखा, साज़िश।
  • مَكَرْتُمُوهُ: जिसे तुमने रचा और तैयार किया।
  • لِتُخْرِجُوا مِنْهَا أَهْلَهَا: ताकि तुम उस (नगर) के निवासियों को वहाँ से निकाल दो।
  • فَسَوْفَ تَعْلَمُونَ: तो अब तुम्हें जल्द ही पता चल जाएगा (अंजाम)।

तफ़सीर (व्याख्या):

जब फ़िरऔन ने देखा कि उसके जादूगर मूसा (अलैहिस्सलाम) के सामने सजदे में गिर पड़े और उन्होंने अल्लाह पर ईमान ले आए, तो वह क्रोध से भर गया। उसने उन्हें डराते हुए कहा: "क्या तुमने मेरी अनुमति से पहले ही उस (अल्लाह) पर ईमान ले आए?" उसका यह प्रश्न वास्तव में उन्हें झिड़कने और उनके विश्वास को कमज़ोर करने के लिए था। फिर उसने उन पर आरोप लगाया कि यह सब एक पूर्व-नियोजित साज़िश थी, जो तुमने मूसा के साथ मिलकर इस नगर (मिस्र) में रची थी, ताकि तुम यहाँ के मूल निवासियों (क़िब्तियों) को निकालकर उनकी जगह ले लो और उनके धन-संपत्ति पर क़ब्ज़ा कर लो। उसने यह भी धमकी दी कि "अब तुम्हें जल्द ही पता चल जाएगा कि तुम्हारे इस कृत्य का क्या अंजाम होगा" — यानी वह उन्हें कड़ी सज़ा और भयानक अज़ाब की धमकी दे रहा था।


फ़ायदे (शिक्षाएँ):

  1. सच्चे ईमान की ताक़त: जब सत्य प्रकट हो जाता है, तो सच्चे दिल वाले लोग — चाहे वे पहले कुछ भी रहे हों — उसे तुरंत स्वीकार कर लेते हैं। जादूगरों ने अपनी जान की परवाह किए बिना ईमान लाने में देर नहीं की, जो दर्शाता है कि सत्य की पहचान होते ही उसे अपनाना चाहिए।
  2. धमकियों से सच्चाई नहीं छिपती: फ़िरऔन की धमकियाँ और उसके झूठे आरोप सच्चाई को नहीं दबा सके। यह हमें सिखाता है कि बातिल (असत्य) चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, उसकी साज़िशें अंततः नाकाम होती हैं।
  3. ईमान की कीमत: जादूगरों ने दुनिया की सारी सुख-सुविधाओं और राजा की नज़दीकी को ठुकराकर अल्लाह की राह चुनी। यह हमें सिखाता है कि अल्लाह की राह में कुर्बानी देने का इनाम दुनिया की किसी भी चीज़ से बढ़कर है।
  4. ज़ालिमों का अंजाम: फ़िरऔन का घमंड और उसकी धमकियाँ उसे अल्लाह के अज़ाब से नहीं बचा सकीं। यह हमें याद दिलाता है कि ज़ुल्म और सरकशी का अंजाम हमेशा बुरा होता है, और अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है।


📜 आयत 121-125 — सूरा अल-आराफ

121قَالُوا آمَنَّا بِرَبِّ الْعَالَمِينَ
और (आजिज़ी से) बोले हम सारे जहाँन के परवरदिगार पर ईमान लाए
122رَبِّ مُوسَىٰ وَهَارُونَ
जो मूसा व हारून का परवरदिगार है
123قَالَ فِرْعَوْنُ آمَنتُم بِهِ قَبْلَ أَنْ آذَنَ لَكُمْ ۖ إِنَّ هَٰذَا لَمَكْرٌ مَّكَرْتُمُوهُ فِي الْمَدِينَةِ لِتُخْرِجُوا مِنْهَا أَهْلَهَا ۖ فَسَوْفَ تَعْلَمُونَ
फिरऔन ने कहा (हाए) तुम लोग मेरी इजाज़त के क़ब्ल (पहले) उस पर ईमान ले आए ये ज़रूर तुम लोगों की मक्कारी है जो तुम लोगों ने उस शहर में फैला रखी है ताकि उसके बाशिन्दों को यहाँ से निकाल कर बाहर करो पस तुम्हें अन क़रीब ही उस शरारत का मज़ा मालूम हो जाएगा
124لَأُقَطِّعَنَّ أَيْدِيَكُمْ وَأَرْجُلَكُم مِّنْ خِلَافٍ ثُمَّ لَأُصَلِّبَنَّكُمْ أَجْمَعِينَ
मै तो यक़ीनन तुम्हारे (एक तरफ के) हाथ और दूसरी तरफ के पॉव कटवा डालूंगा फिर तुम सबके सब को सूली दे दूंगा
125قَالُوا إِنَّا إِلَىٰ رَبِّنَا مُنقَلِبُونَ
जादूगर कहने लगे हम को तो (आख़िर एक रोज़) अपने परवरदिगार की तरफ लौट कर जाना (मर जाना) है
अल-आराफकुरान सूची
206आयत
मक्कीअवतरण स्थान
123आयत

अनुवाद — अल-आराफ 123

सूरा अल-आराफ आयत 123 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिरऔन ने कहा (हाए) तुम लोग मेरी इजाज़त के क़ब्ल…

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Saturday, October 3, 2026

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