Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- آمَنتُم بِهِ: क्या तुम उस (अल्लाह) पर ईमान ले आए?
- مَكْرٌ: चालाकी, धोखा, साज़िश।
- مَكَرْتُمُوهُ: जिसे तुमने रचा और तैयार किया।
- لِتُخْرِجُوا مِنْهَا أَهْلَهَا: ताकि तुम उस (नगर) के निवासियों को वहाँ से निकाल दो।
- فَسَوْفَ تَعْلَمُونَ: तो अब तुम्हें जल्द ही पता चल जाएगा (अंजाम)।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब फ़िरऔन ने देखा कि उसके जादूगर मूसा (अलैहिस्सलाम) के सामने सजदे में गिर पड़े और उन्होंने अल्लाह पर ईमान ले आए, तो वह क्रोध से भर गया। उसने उन्हें डराते हुए कहा: "क्या तुमने मेरी अनुमति से पहले ही उस (अल्लाह) पर ईमान ले आए?" उसका यह प्रश्न वास्तव में उन्हें झिड़कने और उनके विश्वास को कमज़ोर करने के लिए था। फिर उसने उन पर आरोप लगाया कि यह सब एक पूर्व-नियोजित साज़िश थी, जो तुमने मूसा के साथ मिलकर इस नगर (मिस्र) में रची थी, ताकि तुम यहाँ के मूल निवासियों (क़िब्तियों) को निकालकर उनकी जगह ले लो और उनके धन-संपत्ति पर क़ब्ज़ा कर लो। उसने यह भी धमकी दी कि "अब तुम्हें जल्द ही पता चल जाएगा कि तुम्हारे इस कृत्य का क्या अंजाम होगा" — यानी वह उन्हें कड़ी सज़ा और भयानक अज़ाब की धमकी दे रहा था।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- सच्चे ईमान की ताक़त: जब सत्य प्रकट हो जाता है, तो सच्चे दिल वाले लोग — चाहे वे पहले कुछ भी रहे हों — उसे तुरंत स्वीकार कर लेते हैं। जादूगरों ने अपनी जान की परवाह किए बिना ईमान लाने में देर नहीं की, जो दर्शाता है कि सत्य की पहचान होते ही उसे अपनाना चाहिए।
- धमकियों से सच्चाई नहीं छिपती: फ़िरऔन की धमकियाँ और उसके झूठे आरोप सच्चाई को नहीं दबा सके। यह हमें सिखाता है कि बातिल (असत्य) चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, उसकी साज़िशें अंततः नाकाम होती हैं।
- ईमान की कीमत: जादूगरों ने दुनिया की सारी सुख-सुविधाओं और राजा की नज़दीकी को ठुकराकर अल्लाह की राह चुनी। यह हमें सिखाता है कि अल्लाह की राह में कुर्बानी देने का इनाम दुनिया की किसी भी चीज़ से बढ़कर है।
- ज़ालिमों का अंजाम: फ़िरऔन का घमंड और उसकी धमकियाँ उसे अल्लाह के अज़ाब से नहीं बचा सकीं। यह हमें याद दिलाता है कि ज़ुल्म और सरकशी का अंजाम हमेशा बुरा होता है, और अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है।
📜 आयत 121-125 — सूरा अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 123
सूरा अल-आराफ आयत 123 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिरऔन ने कहा (हाए) तुम लोग मेरी इजाज़त के क़ब्ल…सूरा आयत 123/206 — सूरा अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-आराफ सुनें, सूरा अल-आराफ अनुवाद, सूरा अल-आराफ mp3, सूरा अल-आराफ pdf. आयत 121–125. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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