Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ذِكْرٌ – नसीहत, याद दिलाने वाली वाणी, कुरआन।
- خُلَفَاءَ – उत्तराधिकारी, पृथ्वी में पिछले लोगों की जगह बसाने वाले।
- بَسْطَةً – अधिकता, कुशाग्रता, शारीरिक शक्ति और विशालता।
- آلَاءَ – नेमतें, उपकार, अनगिनत अहसान।
तफसीर (व्याख्या):
क्या तुम्हें इस बात पर अचरज हुआ कि तुम्हारे पास तुम्हारे रब की ओर से एक ऐसे इंसान के ज़रिए नसीहत आई जो तुम्हीं में से है, जिसकी सच्चाई और वंश को तुम जानते हो? वह तुम्हें अल्लाह के अज़ाब से डराने और उसकी राह दिखाने के लिए आया है। यह कोई अजीब बात नहीं कि अल्लाह किसी इंसान को अपना पैग़ाम देकर भेजे।
फिर अल्लाह ने उन्हें अपनी नेमतें याद दिलाईं: "याद करो जब अल्लाह ने तुम्हें नूह की क़ौम के बाद पृथ्वी का उत्तराधिकारी बनाया, और तुम्हारे शरीरों को क़ुव्वत, लंबाई और ताक़त में बढ़ोतरी दी।" यानी उसने तुम्हें पिछली उम्मतों के मुक़ाबले ज़्यादा ताक़तवर और विशाल कद वाला बनाया।
इसलिए अल्लाह की इन नेमतों को याद करो, उसका शुक्र अदा करो और उसकी इबादत में लगे रहो, ताकि तुम दुनिया और आख़िरत में कामयाबी हासिल कर सको। यह नेमतें सिर्फ़ शारीरिक नहीं, बल्कि दीनी और दुनियावी भी हैं — जैसे रिसालत का सम्मान, अक़्ल, समझ और सच्चे दीन की तरफ़ दिशा-निर्देश।
फ़ायदे (सबक़):
- नबी का इंसानों में से होना अल्लाह की बड़ी रहमत है, क्योंकि इससे लोग आसानी से उनसे सीख सकते हैं और उनकी ज़िंदगी को अपने लिए नमूना बना सकते हैं।
- अल्लाह की नेमतों को याद करना और उन पर शुक्र करना ईमान की निशानी है और यह इंसान को अल्लाह के और करीब लाता है।
- जब अल्लाह किसी क़ौम को ताक़त और सामर्थ्य देता है, तो यह उसकी परीक्षा होती है — कि वे उसका शुक्र करते हैं या सरकशी।
- कामयाबी (फ़लाह) का रास्ता अल्लाह की नेमतों की क़द्र करने और उसके हुक्मों पर चलने में है, न कि सिर्फ़ दुनियावी ताक़त में।
- अल्लाह की पिछली उम्मतों की तबाही से सबक़ लेना चाहिए, ताकि हम वही ग़लतियाँ न दोहराएँ जिनके कारण वे हलाक हुए।
📜 आयत 67-71 — सूरा अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 69
सूरा अल-आराफ आयत 69 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : क्या तुम्हें इस पर ताअज्जुब है कि तुम्हारे परवरदिगार का…सूरा आयत 69/206 — सूरा अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-आराफ सुनें, सूरा अल-आराफ अनुवाद, सूरा अल-आराफ mp3, सूरा अल-आराफ pdf. आयत 67–71. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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