अल-क़ियामा · 40/40
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-क़ियामा
أَلَيْسَ ذَٰلِكَ بِقَادِرٍ عَلَىٰ أَن يُحْيِيَ الْمَوْتَىٰ ۝٤٠
Alaisa zaalika biqaadirin `alaaa any yuhyiyal mawtaa
📖 हिंदी अर्थ
क्या इस पर क़ादिर नहीं कि (क़यामत में) मुर्दों को ज़िन्दा कर दे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • أَلَيْسَ ذَٰلِكَ – क्या वह (अल्लाह) नहीं?
  • بِقَادِرٍ – सामर्थ्य रखने वाला
  • أَن يُحْيِيَ الْمَوْتَىٰ – मुर्दों को जीवित कर दे

विस्तृत तफ़सीर:

यह आयत उस इन्सान को सम्बोधित करती है जो पुनरुत्थान (आख़िरत) को झुठलाता है और यह सोचता है कि उसे आज़ाद छोड़ दिया गया है—ना उसे कोई हुक्म दिया जाएगा, ना रोका जाएगा, ना उसका हिसाब होगा और ना ही उसे सज़ा मिलेगी। अल्लाह तआला इस भ्रांति को दूर करते हुए फ़रमाता है: क्या वह इन्सान यह नहीं देखता कि वह एक कमज़ोर नुत्फ़े (बूँद) से पैदा हुआ? वह नुत्फ़ा जो एक मामूली पानी की बूँद थी, फिर वह जमा हुआ ख़ून (अलक़ा) बना, फिर अल्लाह ने उसे अपनी क़ुदरत से पैदा किया और उसकी सूरत को बेहतरीन शक्ल दी। उसी अल्लाह ने इसी इन्सान से दो क़िस्में बनाईं—नर और मादा।

अब ज़रा ग़ौर फ़रमाइए! जिस अल्लाह ने यह सब कुछ किया—एक बूँद से इन्सान बनाया, उसे ज़िन्दगी दी, उसे सूरत दी, और उससे नर-मादा की दो क़िस्में पैदा कीं—क्या वह उन मुर्दों को दोबारा ज़िन्दा करने पर क़ादिर नहीं? हरगिज़ नहीं! वह यक़ीनन इस पर पूरी तरह क़ादिर है। यही पुनरुत्थान (बअ'स) का सबसे बड़ा प्रमाण है।

जिस ख़ालिक़ ने पहली बार पैदा किया, वही दोबारा पैदा करने पर भी क़ादिर है। यह कोई मुश्किल काम नहीं, बल्कि उसके लिए तो बस "कुन" (हो जा) कहना काफ़ी है। यह आयत हमें यक़ीन दिलाती है कि मौत के बाद ज़िन्दगी यक़ीनी है, और हर इन्सान को अपने अमल का हिसाब देना होगा। यही वह दिन होगा जब नेक लोगों को उनकी नेकी का बदला मिलेगा और बुरे लोगों को उनकी बुराई की सज़ा।

इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि अल्लाह की क़ुदरत पर भरोसा रखें और आख़िरत के दिन पर ईमान लाएँ। जो अल्लाह एक बार पैदा कर सकता है, वह दोबारा ज़िन्दा करने पर भी पूरी तरह क़ादिर है। यही हमारे ईमान की बुनियाद है—कि मौत के बाद ज़िन्दगी है, और उस दिन हम अपने रब के सामने खड़े होंगे।



📜 आयत 38-40 — सूरा अल-क़ियामा

38ثُمَّ كَانَ عَلَقَةً فَخَلَقَ فَسَوَّىٰ
फिर लोथड़ा हुआ फिर ख़ुदा ने उसे बनाया
39فَجَعَلَ مِنْهُ الزَّوْجَيْنِ الذَّكَرَ وَالْأُنثَىٰ
फिर उसे दुरूस्त किया फिर उसकी दो किस्में बनायीं (एक) मर्द और (एक) औरत
40أَلَيْسَ ذَٰلِكَ بِقَادِرٍ عَلَىٰ أَن يُحْيِيَ الْمَوْتَىٰ
क्या इस पर क़ादिर नहीं कि (क़यामत में) मुर्दों को ज़िन्दा कर दे
अल-क़ियामाकुरान सूची
40आयत
मक्कीअवतरण स्थान
40आयत

अनुवाद — अल-क़ियामा 40

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Monday, September 28, 2026

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