अल-क़ियामा · 39/40
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-क़ियामा
فَجَعَلَ مِنْهُ الزَّوْجَيْنِ الذَّكَرَ وَالْأُنثَىٰ ۝٣٩
Faja`ala minhuz zawjayniz zakara wal unsaa
📖 हिंदी अर्थ
फिर उसे दुरूस्त किया फिर उसकी दो किस्में बनायीं (एक) मर्द और (एक) औरत

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • فَجَعَلَ: फिर बनाया।
  • الزَّوْجَيْنِ: दो प्रकार, दो क़िस्में।
  • الذَّكَرَ وَالْأُنثَى: नर और मादा।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला ने उसी नुत्फ़े (वीर्य) से इंसान की दो क़िस्में बनाईं — नर (पुरुष) और मादा (स्त्री)। यानी जिस तरह अल्लाह ने उस कमज़ोर बूँद से इंसान को पैदा किया, उसी तरह उसी मूल से उसने दो जिन्स (प्रकार) बनाए, ताकि इंसान की नस्ल चले और ज़िंदगी का सिलसिला क़ायम रहे। यह अल्लाह की क़ुदरत की एक अज़ीम निशानी है कि एक ही माद्दे (पदार्थ) से दो अलग-अलग क़िस्में बनती हैं, जिनमें से हर एक की अपनी अलग ख़ुसूसियतें और किरदार हैं।

यह आयत उन लोगों को सबक़ सिखाती है जो आख़िरत और दोबारा जी उठने का इन्कार करते हैं। जब अल्लाह ने एक बूँद से इंसान को पैदा करके उसे अच्छी सूरत दी और उससे दो क़िस्में बनाईं, तो क्या वह उसी इंसान को दोबारा ज़िंदा करने पर क़ादिर नहीं? बेशक वह हर चीज़ पर क़ादिर है। यह भी ग़ौरतलब है कि अल्लाह ने नर और मादा दोनों को एक ही जड़ से बनाया, ताकि इंसान समझे कि सब इंसान एक ही मूल से हैं और किसी को किसी पर फ़ख़्र (घमंड) नहीं करना चाहिए। यह अल्लाह की रहमत और हिकमत का नमूना है कि उसने इंसान को अकेला नहीं छोड़ा, बल्कि उसका जोड़ा बनाया, ताकि उसे सुकून मिले और वह अल्लाह की इबादत में अपनी ज़िंदगी गुज़ारे।

इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि हम अपनी पैदाइश पर ग़ौर करें और अल्लाह की क़ुदरत को पहचानें। जिस अल्लाह ने हमें इस तरह बनाया, वह हमें दोबारा ज़िंदा करके हमारे आमाल का हिसाब लेने पर ज़रूर क़ादिर है। इसलिए हमें अपनी ज़िंदगी में अल्लाह के हुक्मों की पैरवी करनी चाहिए और उसकी रहमत के तलबगार रहना चाहिए। यह ईमान की बुनियाद है कि हम अल्लाह की क़ुदरत पर यक़ीन रखें और आख़िरत के दिन को अपने सामने रखकर नेक अमल करें। अल्लाह हमें समझने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 37-40 — सूरा अल-क़ियामा

37أَلَمْ يَكُ نُطْفَةً مِّن مَّنِيٍّ يُمْنَىٰ
क्या वह (इब्तेदन) मनी का एक क़तरा न था जो रहम में डाली जाती है
38ثُمَّ كَانَ عَلَقَةً فَخَلَقَ فَسَوَّىٰ
फिर लोथड़ा हुआ फिर ख़ुदा ने उसे बनाया
39فَجَعَلَ مِنْهُ الزَّوْجَيْنِ الذَّكَرَ وَالْأُنثَىٰ
फिर उसे दुरूस्त किया फिर उसकी दो किस्में बनायीं (एक) मर्द और (एक) औरत
40أَلَيْسَ ذَٰلِكَ بِقَادِرٍ عَلَىٰ أَن يُحْيِيَ الْمَوْتَىٰ
क्या इस पर क़ादिर नहीं कि (क़यामत में) मुर्दों को ज़िन्दा कर दे
अल-क़ियामाकुरान सूची
40आयत
मक्कीअवतरण स्थान
39आयत

अनुवाद — अल-क़ियामा 39

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Tuesday, September 29, 2026

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